शेतजमिनींच्या पोटहिस्सा मोजणीसाठी महाराष्ट्र शासनाचा महत्त्वपूर्ण निर्णय; प्रत्येक पोटहिस्स्याला स्वतंत्र नकाशा व ULPIN क्रमांक
शेतजमिनींच्या पोटहिस्सा मोजणीसाठी महाराष्ट्र शासनाचा महत्त्वपूर्ण निर्णय; प्रत्येक पोटहिस्स्याला स्वतंत्र नकाशा व ULPIN क्रमांक
मुंबई / पुणे : राज्यातील शेतजमिनींच्या पोटहिस्से, ७/१२ अधिकार अभिलेख आणि जमिनीच्या नकाशांमधील तफावत दूर करण्यासाठी महाराष्ट्र शासनाच्या महसूल व वन विभागाने २७ जानेवारी २०२६ रोजी महत्त्वपूर्ण शासन निर्णय (GR) जारी केला आहे. या निर्णयानुसार ग्रामीण भागातील शेतजमिनींच्या पोटहिस्स्यांची मोजणी करून नकाशे आणि ७/१२ अधिकार अभिलेख अद्ययावत करण्यासाठी पथदर्शी प्रकल्प राबविण्यात येणार आहे.
यामुळे प्रत्येक पोटहिस्स्याला स्वतंत्र नकाशा, अद्ययावत ७/१२ आणि ULPIN (Unique Land Parcel Identification Number – भू-आधार क्रमांक) मिळण्याच्या दिशेने महत्त्वाचे पाऊल उचलले गेले आहे.
शासन निर्णयातील मुख्य मुद्दे
राज्यातील सर्व सर्वे नंबर आणि गट नंबरमध्ये तयार झालेल्या पोटहिस्स्यांची मोजणी करण्याचे उद्दिष्ट आहे.
प्रत्यक्ष जमिनीची मोजणी करून क्षेत्रफळ, सीमा आणि ७/१२ अधिकार अभिलेख यांचा अचूक मेळ घालण्यात येईल.
प्रत्येक भूभागाला स्वतंत्र भू-आधार क्रमांक (ULPIN) देण्याचे उद्दिष्ट आहे.
७/१२ नुसार प्रत्येक धारकाच्या स्वतंत्र पोटहिस्स्याचे/भूभागाचे नकाशे उपलब्ध होतील.
नकाशे आणि अधिकार अभिलेख यांचे एकत्रीकरण (Integration) करून अचूक डिजिटल डेटाबेस तयार करण्यात येईल.
राज्यात १९९२ पासून डिसेंबर २०२४ पर्यंत खरेदी, वारस वाटणी, हक्कसोडपत्र किंवा हस्तांतरणामुळे नव्याने तयार झालेल्या पोटहिस्स्यांची संख्या २ कोटी १२ लाख पेक्षा जास्त आहे. यापैकी अनेकांची मोजणी न झाल्यामुळे नकाशे आणि ७/१२ यांच्यात तफावत राहिली होती. या तफावतीमुळे शासकीय योजना, बँक कर्ज आणि पीक विम्यात अडचणी येत होत्या.
शेतकऱ्यांना होणारे फायदे
क्षेत्रफळ आणि हद्दींसंबंधीचे वाद कमी होतील.
कृषी योजना, बँकांकडून वित्तपुरवठा, पीक सर्वेक्षण आणि पीक विमा नुकसानभरपाई निश्चित करण्यासाठी अद्ययावत माहिती उपलब्ध होईल.
जमीन खरेदीपूर्वी मोजणीची प्रक्रिया अधिक अचूक होईल.
जमिनीच्या व्यवहार, वारसाहक्क, वाटणी, बँक कर्ज आणि शासकीय योजनांच्या अंमलबजावणीत पारदर्शकता वाढेल.
पोटहिस्सा मोजणीचा पथदर्शी प्रकल्प जमाबंदी आयुक्त आणि संचालक, भूमि अभिलेख, महाराष्ट्र राज्य, पुणे यांच्या स्तरावरून सुरू करण्यात आला आहे. राज्यस्तरीय संनियंत्रणासाठी अपर मुख्य सचिव (महसूल) यांच्या अध्यक्षतेखाली समिती गठीत करण्यात आली आहे.
ही माहिती शेतकरी, जमीनमालक आणि ग्रामस्थांपर्यंत पोहोचवण्यासाठी शेअर करा. अशाच महत्त्वाच्या शासन निर्णय आणि जमीनविषयक अपडेट्ससाठी संबंधित अधिकृत स्रोत तपासा.🙏
kheti ki zameen ke sab-plot ki ginti ke liye maharashtra sarkar ka aham faisla; har sab-plot ke liye alag map aur ULPIN number
mumbai / pune: rajya mein kheti ki zameen ke sab-plot, 7/12 right record aur zameen ke map ke beech antar ko khatm karne ke liye, maharashtra sarkar ke revenue aur forest department ne 27 january 2026 ko ek aham sarkari faisla (GR) jaari kiya hai. is faisle ke mutabik, gramin ilakon mein kheti ki zameen ke sab-plot ki ginti karne aur map aur 7/12 right record ko update karne ke liye ek pilot project lagu kiya jaega.
iske saath hi, har sab-plot ke liye ek alag map, updated 7/12 aur ULPIN (unik land parcel identification number – bhu-aadhar number) paane ki disha mein ek aham kadam uthaya gaya hai.
sarkari faisle ki khas baaten
iska maksad rajya ke sabhi survey number aur group number mein bane sab-plot ki ginti karna hai.
asli zameen ko maapkar eriya, boundary aur 7/12 right record ka sahi-sahi milan kiya jaega.
maksad har zameen ke plot ko ek alag land base number (ULPIN) dena hai.
7/12 ke hisab se, har holder ke alag sab-plot/plot map milenge.
map aur title record ko milakar ek sahi digital database banaya jaega.
rajya mein 1992 se december 2024 tak khrid, virasat, title deed ya transfer ki vajah se naye bane sab-plot ki sankhya 2 karod 12 lakh se zyada hai. kyonki inmen se kai ki ginti nahin hui, isliye map aur 7/12 mein antar tha. is antar ki vajah se sarkari skim, bank loan aur fasal beema mein mushkilen aa rahi thin.
kisanon ko fayda
kshetra aur seemaon ko lekar jhagde kam honge.
kheti ki skim, bank financing, fasal survey aur fasal beema muavaje ke liye updated jankari milegi.
zmin kharidne se pehle ginti ka process zyada sahi hoga.
zmin ke len-den, virasat, bantware, bank loan aur sarkari scheme ko lagu karne mein transparency badhegi. sab-shar counting ka pilot project jamabandi commissioner aur directer, land records, maharashtra state, pune ke level par shuru kiya gaya hai. state-leval monitoring ke liye additional chief secretary (revenew) ki adhyakshta mein ek kameti banai gai hai.
yah jankari kisanon, zameen malikon aur gaon walon tak pahunchaane ke liye share karen. isi tarah ke zaruri sarkari faislon aur zameen se jude update ke liye sambandhit official source dekhen.🙏
खेती की ज़मीन के सब-प्लॉट की गिनती के लिए महाराष्ट्र सरकार का अहम फ़ैसला; हर सब-प्लॉट के लिए अलग मैप और ULPIN नंबर
मुंबई / पुणे: राज्य में खेती की ज़मीन के सब-प्लॉट, 7/12 राइट रिकॉर्ड और ज़मीन के मैप के बीच अंतर को खत्म करने के लिए, महाराष्ट्र सरकार के रेवेन्यू और फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने 27 जनवरी 2026 को एक अहम सरकारी फ़ैसला (GR) जारी किया है। इस फ़ैसले के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में खेती की ज़मीन के सब-प्लॉट की गिनती करने और मैप और 7/12 राइट रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा।
इसके साथ ही, हर सब-प्लॉट के लिए एक अलग मैप, अपडेटेड 7/12 और ULPIN (यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर – भू-आधार नंबर) पाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है।
सरकारी फ़ैसले की खास बातें
इसका मकसद राज्य के सभी सर्वे नंबर और ग्रुप नंबर में बने सब-प्लॉट की गिनती करना है।
असली ज़मीन को मापकर एरिया, बाउंड्री और 7/12 राइट रिकॉर्ड का सही-सही मिलान किया जाएगा।
मकसद हर ज़मीन के प्लॉट को एक अलग लैंड बेस नंबर (ULPIN) देना है।
7/12 के हिसाब से, हर होल्डर के अलग सब-प्लॉट/प्लॉट मैप मिलेंगे।
मैप और टाइटल रिकॉर्ड को मिलाकर एक सही डिजिटल डेटाबेस बनाया जाएगा।
राज्य में 1992 से दिसंबर 2024 तक खरीद, विरासत, टाइटल डीड या ट्रांसफर की वजह से नए बने सब-प्लॉट की संख्या 2 करोड़ 12 लाख से ज़्यादा है। क्योंकि इनमें से कई की गिनती नहीं हुई, इसलिए मैप और 7/12 में अंतर था। इस अंतर की वजह से सरकारी स्कीम, बैंक लोन और फसल बीमा में मुश्किलें आ रही थीं।
किसानों को फ़ायदा
क्षेत्र और सीमाओं को लेकर झगड़े कम होंगे।
खेती की स्कीम, बैंक फाइनेंसिंग, फसल सर्वे और फसल बीमा मुआवज़े के लिए अपडेटेड जानकारी मिलेगी।
ज़मीन खरीदने से पहले गिनती का प्रोसेस ज़्यादा सही होगा।
ज़मीन के लेन-देन, विरासत, बंटवारे, बैंक लोन और सरकारी स्कीम को लागू करने में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। सब-शेयर काउंटिंग का पायलट प्रोजेक्ट जमाबंदी कमिश्नर और डायरेक्टर, लैंड रिकॉर्ड्स, महाराष्ट्र स्टेट, पुणे के लेवल पर शुरू किया गया है। स्टेट-लेवल मॉनिटरिंग के लिए एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (रेवेन्यू) की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है।
यह जानकारी किसानों, ज़मीन मालिकों और गांव वालों तक पहुंचाने के लिए शेयर करें। इसी तरह के ज़रूरी सरकारी फैसलों और ज़मीन से जुड़े अपडेट के लिए संबंधित ऑफिशियल सोर्स देखें।🙏
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“सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏
👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈
👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈
👉 मेरा देश मेरा वतन समाचार 👈 👉 बुलंद आवाज न्यूज़ 👈
👉 दया की सोच👈 🙏जनहित के लिए🙏 नोट........ 👉👇🙏
दोस्तों अप सभी पाठकों से उम्मीद करता हूं कि आप सभी ने यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा हैं।
संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई हैं।
तो क्षमा करें इस के लिए हम आप से क्षमा मांगते हैं। और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें? 🪶🙏
🙏 संपादक व लेखक व अध्यक्ष व RTI आरटीआई कार्यकर्ता
श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏
🙏जय संविधान जय भीम जय, संविधान के चौथा स्तंभ की जय 🙏
जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 जय महाराष्ट्र 🙏 वंदे मातरम🙏







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