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अनाधिकृत निर्माण की फ्लैटों के दस्तावेज अब रजिस्टर्ड नहीं होंगे महाराष्ट्र सरकार का सख्त आदेश, सब-रजिस्ट्रारों को निर्देश

 अनाधिकृत निर्माण की फ्लैटों के दस्तावेज अब रजिस्टर्ड नहीं होंगे

महाराष्ट्र सरकार का सख्त आदेश, सब-रजिस्ट्रारों को निर्देश




मुंबई, 12 अक्टूबर 2026

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में अनाधिकृत निर्माण की फ्लैटों की बिक्री और हस्तांतरण के दस्तावेजों को रजिस्टर न करने का सख्त आदेश जारी किया है। राजस्व विभाग के इस परिपत्रक में सब-रजिस्ट्रारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना उचित अनुमति के बने भवनों या मंजूर क्षेत्र से अधिक क्षेत्रफल वाली फ्लैटों के दस्तावेज अब दर्ज नहीं किए जाएंगे।

राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2026 को हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद यह परिपत्रक जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य के कुछ हिस्सों में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना निर्माण परियोजनाएं खड़ी की जा रही हैं और उनमें फ्लैट बेचे जा रहे हैं। कुछ मामलों में मंजूर नक्शे से अधिक क्षेत्रफल वाली फ्लैटों की भी बिक्री हो रही है, जिससे खरीदारों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

अब क्या नहीं होगा रजिस्ट्रेशन

परिपत्रक के अनुसार, किसी भी निर्माण परियोजना में फ्लैटों की पहली बिक्री के लिए समझौता, बिक्री विलेख (सेल डीड), अपार्टमेंट डीड या हस्तांतरण पत्र जैसे दस्तावेज तब तक रजिस्टर नहीं किए जाएंगे, जब तक उनके साथ आवश्यक कागजात न जुड़े हों।

अगर परियोजना रेरा (RERA) के अंतर्गत पंजीकृत होनी चाहिए तो:

रेरा प्राधिकरण का पंजीकरण प्रमाणपत्र या भोगवटा प्रमाणपत्र

मंजूर निर्माण नक्शा, जिसमें फ्लैट का क्षेत्रफल स्पष्ट रूप से लिखा हो

अगर रेरा पंजीकरण जरूरी नहीं है तो:

सक्षम प्राधिकारी की निर्माण अनुमति/प्रारंभ प्रमाणपत्र

मंजूर निर्माण नक्शा (फ्लैट का क्षेत्रफल सहित)

जोन प्रमाणपत्र

माप नक्शा (मोजणी नकाशा)

इसके अलावा, अगर दस्तावेज में लिखी फ्लैट का क्षेत्रफल मंजूर नक्शे में दिए गए क्षेत्रफल से ज्यादा है, तो भी रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।

अवहेलना पर होगी विभागीय जांच

सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई सब-रजिस्ट्रार इन निर्देशों का उल्लंघन कर जानबूझकर अनाधिकृत निर्माण के दस्तावेज रजिस्टर करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी।

यह परिपत्रक नोंदणी महानिरीक्षक व मुद्रांक नियंत्रक (पुणे), सभी उप महानिरीक्षक, सह जिल्हा निबंधक तथा सभी दुय्यम निबंधकों को भेजा गया है।

सरकार का उद्देश्य खरीदारों को आर्थिक धोखे से बचाना और अवैध निर्माण पर अंकुश लगाना है। अब बिना जरूरी दस्तावेजों के फ्लैट की डील रजिस्टर करना संभव नहीं होगा।🙏



anadhikrit nirman ke flaton ke dastavej ab panjikrit nahin honge

maharashtra sarkar ka sakht aadesh, sab-rajsthanon ko nirdesh

mumbai, 12 october 2026.

maharashtra sarkar ne rajya mein anadhikrit nirman ke flaton ki bikri aur sthan ke sheyaron ka panjikaran na karne ka aadesh jaari kiya hai. rajasv vibhag ke is dastavej mein sab-registraaron ko spasht nirdesh diye gaye hain ki bina license ke flaton ke dastavej ya dastavej kshetra se adhik darj nahin kiye jaenge.

rajsv mantralay ki 22 september 2026 ko hui baithak mein rajasv vibhag ki suchi ke baad yah dastavej jaari kiya gaya hai. isme kaha gaya hai ki rajya ke kuch mathon mein builderon ke nirman ke bina pattharon ke tukde ja rahe hain aur unke flaton par flat banae ja rahe han. kuch mamlon mein island se adhik tel wale flaton ki bhi bikri ho rahi hai, jisse namunon ko aarthik nuksan ho raha hai.

ab kya nahin hogi niyukti

flats ke anusar, kisi bhi nirman pariyojna mein flaton ki pehli bikri ke liye agriment, sale vilekh (sel dd), apartment deed ya transfer letter jaise dastavej tab tak register nahin honge, jab tak unki jaruraten puri nahin ho jatin.

yadi pariyojna rera (rera) ke antargat panjikrit adhikar hona chahiye to:

rera authority ka panjikaran praman patra ya bhogvata praman patra

vichar nirman manchitra, jisme flat ka vivaran spasht roop se likha ho

agar rera registration jaruri nahin hai to:

samarth pramanikta ka nirman praman patra/praarambh praman patra

vichardhara nirman manchitra (flat ka chitr sahit)

jon pramanit

map manchitra (mojani naksha)

iske alava, yadi dastavej mein likhe gaye flat ke dastavezon mein diye gaye chitr adhik han, to bhi namankan nahin kiya jaega.

anthsthapit dastavej dastavez

sarkar ne chetavani di hai ki agar iske khilaf koi sab-rajsthan in dastavejon ka ullanghan kar anadhikrit nirman ka dastavej panjikrit karta hai, to uski division jaanch shuru ho jaegi.

yah nandani mahanirikshak va mudrank niyantrak (pune), sabhi up mahanirikshak, sah jila nibandhak tatha sabhi duyam nibandhak ko bheja gaya hai.

sarkar ka uddeshya aarthik dhokhadhadi se bachav aur avaidh nirman par rok lagana hai. ab bina jaruri plot ke flat ka design register karna sambhav nahin hoga.🙏




अनधिकृत बांधकामांच्या दस्तांची नोंदणी बंद; महसूल विभागाचे कडक परिपत्रक

मुंबई, १२ ऑक्टोबर २०२६ : राज्यात सक्षम प्राधिकाऱ्यांकडून परवानगी न घेता उभारलेल्या बांधकाम प्रकल्पांतील सदनिकांची विक्री आणि मंजूर क्षेत्रफळापेक्षा जास्त क्षेत्रफळाच्या सदनिकांच्या हस्तांतरणाच्या गैरप्रकारांना आळा घालण्यासाठी महाराष्ट्र शासनाने मोठा निर्णय घेतला आहे. महसूल विभागाने दिनांक १२ ऑक्टोबर २०२६ रोजी जारी केलेल्या शासन परिपत्रकानुसार, राज्यातील सर्व दुय्यम निबंधकांना अशा अनधिकृत बांधकामांच्या दस्तांची नोंदणी न करण्याचे स्पष्ट निर्देश देण्यात आले आहेत.

मा. महसूल मंत्री यांच्या अध्यक्षतेखाली २२ सप्टेंबर २०२६ रोजी झालेल्या बैठकीतील निर्देशांनुसार हे परिपत्रक काढण्यात आले आहे. राज्यातील काही भागांत परवानगीशिवाय बांधकाम प्रकल्प उभारून सदनिकांची विक्री करण्याचे तसेच मंजूर नकाशानुसार मंजूर क्षेत्रफळापेक्षा जास्त क्षेत्रफळाच्या सदनिकांची विक्री करण्याचे प्रकार दिसून आले होते. यामुळे सदनिका धारकांची आर्थिक फसवणूक होत असल्याने शासनाने हे पाऊल उचलले आहे.

कोणते दस्त नोंदविले जाणार नाहीत?

परिपत्रकानुसार, कोणत्याही बांधकाम प्रकल्पामधील सदनिकांचे प्रथम विक्रीसाठीचे करार, खरेदीखत, डीड ऑफ अपार्टमेंट किंवा हस्तांतरणपत्र या प्रकारचे दस्तऐवज दुय्यम निबंधक नोंदविणार नाहीत, जर खालील अटी पूर्ण झाल्या नसतील:

अ) आवश्यक कागदपत्रे जोडली नसतील तर :

जर प्रकल्प स्थावर संपदा (नियमन व विकास) प्राधिकरण अधिनियम, २०१६ च्या कलम ३ नुसार महाराष्ट्र स्थावर संपदा नियामक प्राधिकरणाकडे (MahaRERA) नोंदणी करण्याची आवश्यकता असेल, तर :

प्राधिकरणाकडील नोंदणी प्रमाणपत्र किंवा भोगवटा प्रमाणपत्र

मंजूर बांधकाम नकाशा (ज्यामध्ये सदनिकेचे क्षेत्रफळ नमूद आहे)

जर नोंदणीची आवश्यकता नसेल, तर :

सक्षम प्राधिकरणाकडील बांधकाम परवानगी/प्रारंभ प्रमाणपत्र

मंजूर बांधकाम नकाशा (सदनिकेचे क्षेत्रफळ नमूद)

झोन दाखला

मोजणी नकाशा

ब) उक्त कोणत्याही बाबतीत, दस्तामधील सदनिकेचे क्षेत्रफळ मंजूर नकाशामधील क्षेत्रफळापेक्षा जास्त असेल तर असे दस्त नोंदविले जाणार नाहीत.

अधिकाऱ्यांवर कारवाईचा इशारा

या सूचनांचे पालन न करता अनाधिकृत बांधकामाच्या दस्ताची जाणीवपूर्वक नोंदणी कोणत्याही दुय्यम निबंधकामार्फत झाल्यास संबंधित अधिकाऱ्याविरुद्ध विभागीय चौकशी सुरू करण्यात येईल, असा स्पष्ट इशारा परिपत्रकात देण्यात आला आहे.

परिपत्रक अवर सचिव विनायक लवटे यांनी जारी केले असून ते नोंदणी महानिरीक्षक व मुद्रांक नियंत्रक, सर्व नोंदणी उपमहानिरीक्षक, सह जिल्हा निबंधक तसेच सर्व दुय्यम निबंधकांना पाठविण्यात आले आहे.

या निर्णयाने खरेदीदारांना संरक्षण मिळेल आणि बेकायदेशीर बांधकाम व फसवणुकीला आळा बसेल, अशी अपेक्षा व्यक्त केली जात आहे. फ्लॅट खरेदी करताना खरेदीदारांनी आता आवश्यक प्रमाणपत्रे आणि मंजूर नकाशे तपासणे अत्यावश्यक झाले आहे.🙏

अनधिकृत सदनिकांच्या नोंदणीला आळा; घरखरेदीदारांच्या हितासाठी फडणवीस सरकारचे महत्त्वपूर्ण पाऊल!


अनधिकृत बांधकामे तसेच मंजूर नकाशापेक्षा अधिक क्षेत्रफळाच्या सदनिकांची विक्री करून होणारी आर्थिक फसवणूक रोखण्यासाठी शासनाच्या महसूल विभागाने महत्त्वपूर्ण पाऊल उचलले आहेत. यानुसार, राज्यातील दुय्यम निबंधकांना अशा सदनिकांच्या हस्तांतरणाच्या दस्तऐवजांची नोंदणी करताना आवश्यक कागदपत्रांची पूर्तता आणि मंजूर क्षेत्रफळाची खातरजमा करण्याबाबत सूचना देण्यात येत आहेत. 

मुख्यमंत्री मा. Devendra Fadnavis जी या निर्णयामुळे अनधिकृत बांधकामे आणि सदनिकांच्या विक्रीतील गैरप्रकारांना आळा घालण्यासोबतच सर्वसामान्य घरखरेदीदारांच्या आर्थिक हिताचे संरक्षण करण्यास मदत होईल.

PMO India CMOMaharashtra Ministry of Housing and Urban Affairs Revenue Department, Government of Maharashtra Maharashtra DGIPR IGR Maharashtra 

#Maharashtra #MahaRERA #MaharashtraGovernment #HomebuyersProtection #RealEstateTransparency #RevenueMinister #ChandrashekharBawankule

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       “सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏  

👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈

👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈

👉 मेरा देश मेरा वतन समाचार 👈 👉 बुलंद आवाज न्यूज़ 👈

👉 दया की सोच👈  🙏जनहित के लिए🙏   नोट........ 👉👇🙏

 दोस्तों अप सभी पाठकों से उम्मीद करता हूं कि आप सभी ने यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा हैं। 

संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई हैं। 

तो क्षमा करें इस के लिए हम आप से क्षमा मांगते हैं। और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें? 🪶🙏 

🙏 संपादक व लेखक व अध्यक्ष व RTI आरटीआई कार्यकर्ता 

श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏

🙏जय संविधान जय भीम जय, संविधान के चौथा स्तंभ की जय 🙏

जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 जय महाराष्ट्र 🙏 वंदे मातरम🙏


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