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मुंबई और ठाणे जिले में राशन दुकानों (शिधावाटप दुकानें) की विधानसभा मतदारसंघ के आधार पर पुनर्रचना, वर्गीकरण और नए कार्यालयों की स्थापना से संबंधित लगती है। यह महाराष्ट्र सरकार के अन्न, नागरी पुरवठा विभाग की प्रशासकीय व्यवस्था से जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा और कार्यक्षमता बढ़ाना है।

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मेरा देश मेरा वतन समाचार

 मेरा देश मेरा वतन समाचार  🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 🙏         मेरा देश मेरा वतन समाचार                      🙏 पत्र के🙏         संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी नोट........ 👉🙏  दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करें इस के लिए हम आप क्षमा मांगते हैं और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें ? 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏 जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏 #samachar #news #KHABAR #dayashankargupta #reels #news #dsg #fheshbook #instsgram #digitalcreator #sundar #song #gupta #daya #shankar #vidio #SAO...

श्री संभाजी प. खोपडे जी, आज आपके जन्मदिन पर, सूरज की किरणें जैसे मुस्कुरा रही हैं, जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं

  श्री संभाजी प. खोपडे जी, जन्मदिन बहुत-बहुत शुभकामनाएं आज आपके जन्मदिन पर, सूरज की किरणें जैसे मुस्कुरा रही हैं, जीवन की राहों में नई ऊमंग भर रही हैं। आपकी मेहनत और संघर्ष की कहानी, प्रेरणा बनकर सबको जगाती रहे, स्वास्थ्य, सफलता और खुशियों का खजाना, हमेशा आपके कदम चूमे, यही दुआ है। जन्मदिन मुबारक हो! नई उमंगों से भरा हो ये साल, परिवार के साथ हंसी-खुशी का मेला सज जाए। शुभकामनाएं! 🎉🥳  3 फरवरी   श्री संभाजी पी. खोपड़े जी पर थोड़ी  महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जागृति के क्षेत्र में आज एक नाम चर्चा में है – श्री संभाजी पी. खोपड़े जी। छत्रपति संभाजी महाराज के नाम से जाना जाने वाला यह व्यक्तित्व भिवंडी क्षेत्र में सामाजिक कार्य, इतिहास संरक्षण और युवा प्रेरणा देने के क्षेत्र में सक्रिय है। स्थानीय स्तर पर वे मराठा इतिहास, स्वराज्य के मूल्यों और धर्मवीर संभाजी महाराज के बलिदान की याद दिलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों, व्याख्यानों और स्मारक अभियानों में भाग लेते हैं। हाल ही में उन्होंने भिवंडी में एक युवा मेलावे में भाषण देते हुए कहा, "छत्रपति संभाजी महाराज ने ...

श्री. इंद्रवदन अ. सोनावणे साहेबांना जन्मदिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

  श्री. इंद्रवदन अ. सोनावणे साहेबांना जन्मदिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा! भिवंडी, महाराष्ट्र: आज श्री इंद्रवदन अ. सोनावणे साहेब, जो महाराष्ट्र शासन के नोंदणी व मुद्रांक विभाग में सम्मानित पद पर कार्यरत हैं (दुय्यम निबंधक श्रेणी-3 के रूप में) , का जन्मदिन बड़े ही उत्साह से मनाया जा रहा है। समाजसेवी, कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी और एक प्रेरणास्रोत के रूप में जाने जाते हैं श्री सोनावणे साहेब। उनके मित्रों, सहकर्मियों और परिवारजन ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं। आज के इस खास मौके पर उनके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ जीवन और हर सपने की पूर्ति की कामना करते हुए सभी ने कहा - "जन्मदिन मुबारक हो! आप जैसे समर्पित व्यक्ति हमेशा प्रेरणा देते रहें।" विशेष कविता उनके सम्मान में: जन्मदिन की बेला में आया ये संदेश प्यारा, इंद्रवदन साहेब, आप हैं सबके दिल का सहारा। कर्तव्य पथ पर चलते हो बिना किसी थकान के, ईमानदारी और मेहनत से बनाते हो हर काम को साकार के। आज फूलों की खुशबू, मोमबत्ती की लौ जलाए, आपके हर सपने पूरे हों, यही दुआ दिल से लगाए। स्वास्थ्य रहे उम्दा, खुशियां बरसें बार-बार, जन्मदिन मुबारक हो साहेब, आपक...

BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के प्रावधानों को नवीनतम जानकारी के आधार पर सही रखा गया है (1 जुलाई 2024 से लागू)।

BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के प्रावधानों को नवीनतम जानकारी के आधार पर सही रखा गया है (1 जुलाई 2024 से लागू)। नीचे आपके पूरे कंटेंट का सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली हिंदी रूपांतरण दिया गया है, ताकि यह आम नागरिक, छात्र, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गाँव–शहर सभी जगह आसानी से समझ सकें। (भाव, संदेश और कानूनी ताक़त जस-की-तस रखी गई है) 🇮🇳 कानून का ज्ञान = लोकतंत्र की रक्षा ⚖️ 📋 प्रस्तावना: यह विषय क्यों ज़रूरी है? भारतीय लोकतंत्र में हर नागरिक को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। लेकिन अधिकार तभी काम आते हैं, जब कानून की जानकारी हो। दुर्भाग्य से हमारी शिक्षा व्यवस्था में आज भी नागरिकों को यह नहीं सिखाया जाता कि 👉 पुलिस क्या कर सकती है 👉 और क्या नहीं कर सकती। इसके दुष्परिणाम: 90% पुलिस अत्याचार कानून न जानने के कारण होते हैं नागरिक अपने अधिकार नहीं मांग पाते भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है न्याय पाना मुश्किल हो जाता है 🔷 BNSS और CrPC क्या है? – पूरी जानकारी 📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पुराना कानून नया कानून CrPC – दंड प्रक्रिया संहिता 1973 BNSS – भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंग्रेज़ी ...

माघ पूर्णिमा (जिसे माघी पूर्णिमा या मघा पूर्णिमा भी कहा जाता है) हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण तिथि है। आज यानी 1 फरवरी 2026 (रविवार) को माघ पूर्णिमा मनाई जा रही है।

 माघ पूर्णिमा (जिसे माघी पूर्णिमा या मघा पूर्णिमा भी कहा जाता है) हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण तिथि है। आज यानी  1 फरवरी 2026 (रविवार) को माघ पूर्णिमा मनाई जा रही है। तिथि और समय (पुणे/भारत के अनुसार) पूर्णिमा तिथि आरंभ: 1 फरवरी 2026 सुबह लगभग 5:52 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 फरवरी 2026 सुबह लगभग 3:38 बजे उदया तिथि के आधार पर मुख्य रूप से 1 फरवरी को ही स्नान, दान, व्रत और पूजा की जाती है, क्योंकि सूर्योदय के समय पूर्णिमा विद्यमान रहती है। धार्मिक महत्व माघ मास की पूर्णिमा को पद्म पुराण और अन्य ग्रंथों में अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। यह माघ मास का अंतिम दिन होता है, जो कार्तिक मास के समान फल देने वाला माना जाता है। इस दिन: पवित्र नदियों (खासकर गंगा, यमुना, त्रिवेणी संगम) में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। दान (अन्न, वस्त्र, धन आदि) करने से विशेष फल मिलता है। भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व है। यह माघ मेले (प्रयागराज) का प्रमुख स्नान दिवस है, जहाँ लाखों श्रद्धालु संगम स्नान करते हैं। कल्पवास भी इसी दिन समाप्...

जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (Jagadguru Ramanandacharya Swami Rambhadracharya) एक प्रमुख हिंदू आध्यात्मिक नेता, विद्वान, कवि, लेखक, दार्शनिक और रामकथा वाचक हैं। वे रामानंद संप्रदाय के चार वर्तमान जगद्गुरु रामानंदाचार्यों में से एक हैं और 1988 से इस पद पर आसीन हैं

 जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (Jagadguru Ramanandacharya Swami Rambhadracharya) एक प्रमुख हिंदू आध्यात्मिक नेता, विद्वान, कवि, लेखक, दार्शनिक और रामकथा वाचक हैं। वे रामानंद संप्रदाय के चार वर्तमान जगद्गुरु रामानंदाचार्यों में से एक हैं और 1988 से इस पद पर आसीन हैं। जन्म और प्रारंभिक जीवन जन्म: 14 जनवरी 1950 (मकर संक्रांति के दिन), उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शांडीखुर्द (या सांडीखुर्द) गांव में। पूर्वाश्रम नाम: गिरिधर मिश्र। परिवार: वसिष्ठ गोत्रीय सरयूपारीण ब्राह्मण परिवार। पिता का नाम पंडित राजदेव मिश्र, माता का नाम शची देवी। मात्र दो महीने की आयु में ट्रैकोमा रोग के कारण वे नेत्रहीन (प्रज्ञाचक्षु) हो गए, लेकिन ब्रेल लिपि का उपयोग किए बिना ही अपनी असाधारण स्मृति और श्रवण शक्ति से शिक्षा ग्रहण की। शिक्षा और विद्वत्ता वे संस्कृत के प्रकांड पंडित हैं और 22 भाषाओं के ज्ञाता हैं। वे आशुकवि (spontaneous poet) हैं, अर्थात् वे मौके पर ही काव्य रचना कर सकते हैं। उन्होंने अब तक 80 से अधिक ग्रंथ रचे हैं, जिनमें महाकाव्य, टीकाएं, दार्शनिक ग्रंथ और रामायण-महाभारत पर भाष्य शामिल हैं। प्रमुख उपलब...