आज 8 अप्रैल को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी की पुण्यतिथि (स्मृतिदिन) है। संक्षिप्त जीवन परिचय जन्म: 26/27 जून 1838, नैहाटी (या कांठलपाड़ा), बंगाल प्रेसिडेंसी (वर्तमान पश्चिम बंगाल)। निधन: 8 अप्रैल 1894, कोलकाता में 55 वर्ष की आयु में (मधुमेह की जटिलताओं के कारण)। वे बांग्ला साहित्य के महान उपन्यासकार, कवि, निबंधकार और पत्रकार थे। उन्हें बांग्ला साहित्य का “साहित्य सम्राट” भी कहा जाता है। प्रमुख योगदान उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना “आनंदमठ” (1882) उपन्यास है, जिसमें “वंदे मातरम्” गान शामिल है। यह गान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत बना और आज भारत का राष्ट्रीय गीत है। अन्य प्रमुख रचनाएँ: दुर्गेशनंदिनी कपालकुंडला विषबृक्ष कृष्णकांतेर विल राजसिंह देवी चौधुरानी रजनी उनके उपन्यासों में राष्ट्रवाद, सामाजिक सुधार और बंगाल के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भावना प्रमुख रूप से दिखती है। वे आधुनिक बांग्ला उपन्यास के जनक माने जाते हैं। आज की याद आज उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनकी लेखनी ने न केवल बांग्ला साहित्य को समृद्ध किया, बल्कि स्वाधीनता आंदोलन में लाखों भार...
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