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महाराष्ट्र शासनाने सहकारी गृहनिर्माण संस्थांच्या पुनर्विकासाबाबत नवे नियम जाहीर केले: ५१ टक्के सभासदांची मान्यता अनिवार्य

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सामाईक ७/१२ जमिनीच्या विक्रीसाठी आता सहहिस्सेदारांची संमती अनिवार्य; मोजणी क प्रत असल्यास सूट

 सामाईक ७/१२ जमिनीच्या विक्रीसाठी आता सहहिस्सेदारांची संमती अनिवार्य; मोजणी क प्रत असल्यास सूट मुंबई, 19 ऑक्टोबर २०२६: महाराष्ट्र शासन महसूल विभागाने सामाईक नावाच्या ७/१२ जमिनीच्या हस्तांतरणाबाबत महत्त्वपूर्ण परिपत्रक जारी केले आहे. नोंदणीसाठी दाखल होणाऱ्या दस्तऐवजांमध्ये सहहिस्सेदारांची लेखी संमती अनिवार्य करण्यात आली असून, मोजणीची क प्रत जोडल्यास मात्र इतर हिस्सेदारांच्या संमतीची गरज राहणार नाही. परिपत्रक क्रमांक मुद्रांक २०२६/प्र.क्र. ३८०/मुद्रांक-२ दिनांक १९ ऑक्टोबर २०२६ अन्वये शासनाने स्पष्ट केले आहे की, सामाईक मिळकतीमधील हिस्सेदार आपला हिस्सा विक्री करताना इतर सहहिस्सेदारांची परवानगी किंवा ना-हरकत न घेतल्याने पक्षकारांमध्ये वाद निर्माण होत आहेत. त्यामुळे न्यायालयात याचिकांची संख्या वाढत असून नोंदणी विभागालाही तक्रारींचा सामना करावा लागत आहे. नवीन नियम काय आहेत? शासन परिपत्रकानुसार: सामाईक ७/१२ जमिनीतील कोणत्याही सहहिस्सेदाराने आपला हिस्सा विक्री करायचा असेल आणि त्याने भूमीअभिलेख विभागाकडून मिळालेली मोजणीची क प्रत दस्तासोबत जोडली असेल, तर इतर सहहिस्सेदारांची लेखी संमती किंवा न...

सामाईक ७/१२ जमिनीच्या विक्रीसाठी महत्त्वाचा निर्णय; मोजणीची ‘क’ प्रत असल्यास इतर हिस्सेदारांची संमती आवश्यक नाही

 सामाईक ७/१२ जमिनीच्या विक्रीसाठी महत्त्वाचा निर्णय; मोजणीची ‘क’ प्रत असल्यास इतर हिस्सेदारांची संमती आवश्यक नाही मुंबई, 19 ऑक्टोबर २०२६ महाराष्ट्र शासन महसूल विभागाने सामाईक नावांच्या ७/१२ जमिनीच्या विक्री दस्तऐवज नोंदणीबाबत महत्त्वपूर्ण शासन परिपत्रक जारी केले आहे. दिनांक १९ ऑक्टोबर २०२६ रोजी जारी झालेल्या या परिपत्रकानुसार, ज्या हिस्सेदाराला आपला हिस्सा विकायचा आहे आणि त्याने भूमीअभिलेख विभागाकडून मिळालेली मोजणीची ‘क’ प्रत दस्तऐवजासोबत जोडली असेल, तर इतर सहहिस्सेदारांची लेखी संमती किंवा ना-हरकत प्रमाणपत्र घेण्याची गरज राहणार नाही. अशा दस्तऐवजांची नोंदणी दुय्यम निबंधकांनी करणे आवश्यक आहे. मात्र, मोजणीची ‘क’ प्रत उपलब्ध नसल्यास किंवा दस्तासोबत जोडली नसल्यास इतर सहहिस्सेदारांची लेखी संमती किंवा ना-हरकत प्रमाणपत्र अनिवार्य राहील. अशी संमती नसल्यास दस्तऐवजाची नोंदणी होणार नाही. पार्श्वभूमी मिळकत हस्तांतरण अधिनियम १८८२ च्या कलम ४४ नुसार सहहिस्सेदाराला आपला अविभक्त हिस्सा इतर हिस्सेदारांच्या संमतीशिवाय विकता येतो. मात्र, प्रत्यक्षात अशा विक्रीमुळे पक्षकारांमध्ये वाद निर्माण होऊन न्याया...

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अपना 62 वां जन्मदिन मना रहे हैं

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्मे शाह गुजरात में पले-बढ़े और गुजरात विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमित शाह की प्रशासनिक समझ से देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी हुई है। उन्होंने नक्सलवाद (माओवाद) के उन्मूलन और नशामुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में उनकी उपलब्धियों को खास तौर पर रेखांकित किया। अमित शाह 30 मई 2019 से गृह मंत्री का पद संभाल रहे हैं। अगस्त 2025 में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया। वे सहयोग मंत्रालय का भी प्रभार संभालते हैं और गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में अनुच्छेद 370 का निरस्त होना, जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन, नए आपराधिक कानून, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और न...

ePoS मशीन से सुनिश्चित हो रहा सही लाभार्थी तक राशन पहुंचना

 ePoS मशीन से सुनिश्चित हो रहा सही लाभार्थी तक राशन पहुंचना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन की दुकानों पर लगी ePoS मशीन अब आम दृश्य बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मशीन असल में क्या काम करती है? राशन लेते समय ePoS मशीन के जरिए लाभार्थी का प्रमाणीकरण किया जाता है और राशन वितरण की पूरी जानकारी दर्ज की जाती है। इससे सही लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित होती है और राशन सही व्यक्ति तक पहुंच पाता है। सरकार का मकसद साफ है—सही पहचान, सही लाभार्थी तक राशन। ePoS सिस्टम की मदद से लीकेज कम हो रहा है और पात्र परिवारों को उनका हक समय पर मिल रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत यह डिजिटल व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और लाभार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇🙏        “सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏   👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈 👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈 👉 मेरा देश मेरा वतन समाचार 👈 👉 बुलंद आवाज न्यूज़ 👈 👉 दया की सोच👈  🙏जनहित के लिए🙏  ...

पुलिस स्मृति दिवस: देश के वीर पुलिस शहीदों को कोटि-कोटि नमन

 पुलिस स्मृति दिवस: देश के वीर पुलिस शहीदों को कोटि-कोटि नमन नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026: आज पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर देश की सुरक्षा और शांति के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिस शहीदों को कोटि-कोटि नमन। उनके अमर बलिदान हमेशा हम सबकी प्रेरणा बने रहेंगे। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के घातक हमले में 10 बहादुर पुलिसकर्मियों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उसी घटना की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल उन 10 वीरों बल्कि ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सभी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है। आज के कार्यक्रम केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (चाणक्यपुरी) पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त परेड का आयोजन होगा। गृह मंत्री श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे और समारोह को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर गृह मंत्री ‘नशे क...

जिस दिन तुम खुद उठकर टॉयलेट नहीं जा पाओगे, न पैसे काम पर आएंगे, न बच्चे।'

  जिस दिन तुम खुद उठकर टॉयलेट नहीं जा पाओगे, न पैसे काम पर आएंगे, न बच्चे।' एक बहुत सोचने पर मजबूर करने वाली कहावत है— "मुझसे पेंशन और बात मानने वाले बच्चों की बात मत करो। मैं तुम्हें एक कड़वा सच बताता हूँ—बुढ़ापे की खुशी सिर्फ़ एक चीज़ पर निर्भर करती है: तुम कितने साल बिस्तर से उठकर खुद टॉयलेट तक जा सकते हो।" जिस दिन तुम बिस्तर पर चले जाते हो, तुम्हारी ज़िंदगी दूसरों पर निर्भर होने लगती है। तब तुम पहले जितने आज़ाद नहीं रहते। सवाल उठता है—तब तुम्हारा सहारा कौन होगा? पत्नी? बच्चे? नौकर? नौकर? कोई तुम्हें उतना प्यार और इज़्ज़त नहीं दे सकता जितना तुम अपने लिए रख सकते हो। क्या तुमने कभी अस्सी साल या उससे ज़्यादा उम्र में अपने भविष्य के बारे में सोचा है? क्या सुबह उठने पर तुम्हारे हाथ और पैर तुम्हें सहारा देंगे? क्या बिस्तर से बाथरूम तक के कुछ कदम तुम्हें थका देंगे, या तुम आसानी से चल पाओगे? उस दिन, आप समझ जाएँगे कि इज़्ज़त, आत्मनिर्भरता, आज़ादी और मन की खुशी भी एक हेल्दी और काबिल शरीर पर निर्भर करती है। अगर आप अपना डायपर खुद बदल सकते हैं, तो आपको किसी की मदद का इंतज...