जन्म-मृत्यु पंजीकरण में बड़ा बदलाव: अब देरी से रजिस्ट्रेशन के नियम सख्त नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026 भारत सरकार ने जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को लेकर महत्वपूर्ण संशोधन किया है। विधि और न्याय मंत्रालय ने आज आधिकारिक राजपत्र में ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026’ अधिसूचित कर दिया। यह अधिनियम वर्ष 1969 के मूल कानून में बदलाव लाता है और देरी से सूचना देने पर पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक कड़ा बनाता है। क्या है नया प्रावधान? संशोधित धारा 13 के अनुसार: एक वर्ष के बाद लेकिन दो वर्ष के अंदर जन्म या मृत्यु की सूचना दी जाती है, तो पंजीकरण केवल जिला मजिस्ट्रेट, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश से ही संभव होगा। इसके लिए जन्म या मृत्यु की सत्यता की जांच अनिवार्य होगी और निर्धारित फीस भी जमा करनी होगी। दो वर्ष से अधिक देरी होने पर पंजीकरण केवल प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही किया जा सकेगा। यहां भी सच्चाई की पुष्टि और फीस का भुगतान जरूरी होगा। कार्यकारी मजिस्ट्रेट की परिभाषा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 14 के अं...
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