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श्री संभाजी प. खोपडे जी, आज आपके जन्मदिन पर, सूरज की किरणें जैसे मुस्कुरा रही हैं, जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं

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श्री. इंद्रवदन अ. सोनावणे साहेबांना जन्मदिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

  श्री. इंद्रवदन अ. सोनावणे साहेबांना जन्मदिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा! भिवंडी, महाराष्ट्र: आज श्री इंद्रवदन अ. सोनावणे साहेब, जो महाराष्ट्र शासन के नोंदणी व मुद्रांक विभाग में सम्मानित पद पर कार्यरत हैं (दुय्यम निबंधक श्रेणी-3 के रूप में) , का जन्मदिन बड़े ही उत्साह से मनाया जा रहा है। समाजसेवी, कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी और एक प्रेरणास्रोत के रूप में जाने जाते हैं श्री सोनावणे साहेब। उनके मित्रों, सहकर्मियों और परिवारजन ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं। आज के इस खास मौके पर उनके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ जीवन और हर सपने की पूर्ति की कामना करते हुए सभी ने कहा - "जन्मदिन मुबारक हो! आप जैसे समर्पित व्यक्ति हमेशा प्रेरणा देते रहें।" विशेष कविता उनके सम्मान में: जन्मदिन की बेला में आया ये संदेश प्यारा, इंद्रवदन साहेब, आप हैं सबके दिल का सहारा। कर्तव्य पथ पर चलते हो बिना किसी थकान के, ईमानदारी और मेहनत से बनाते हो हर काम को साकार के। आज फूलों की खुशबू, मोमबत्ती की लौ जलाए, आपके हर सपने पूरे हों, यही दुआ दिल से लगाए। स्वास्थ्य रहे उम्दा, खुशियां बरसें बार-बार, जन्मदिन मुबारक हो साहेब, आपक...

BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के प्रावधानों को नवीनतम जानकारी के आधार पर सही रखा गया है (1 जुलाई 2024 से लागू)।

BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के प्रावधानों को नवीनतम जानकारी के आधार पर सही रखा गया है (1 जुलाई 2024 से लागू)। नीचे आपके पूरे कंटेंट का सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली हिंदी रूपांतरण दिया गया है, ताकि यह आम नागरिक, छात्र, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गाँव–शहर सभी जगह आसानी से समझ सकें। (भाव, संदेश और कानूनी ताक़त जस-की-तस रखी गई है) 🇮🇳 कानून का ज्ञान = लोकतंत्र की रक्षा ⚖️ 📋 प्रस्तावना: यह विषय क्यों ज़रूरी है? भारतीय लोकतंत्र में हर नागरिक को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। लेकिन अधिकार तभी काम आते हैं, जब कानून की जानकारी हो। दुर्भाग्य से हमारी शिक्षा व्यवस्था में आज भी नागरिकों को यह नहीं सिखाया जाता कि 👉 पुलिस क्या कर सकती है 👉 और क्या नहीं कर सकती। इसके दुष्परिणाम: 90% पुलिस अत्याचार कानून न जानने के कारण होते हैं नागरिक अपने अधिकार नहीं मांग पाते भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है न्याय पाना मुश्किल हो जाता है 🔷 BNSS और CrPC क्या है? – पूरी जानकारी 📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पुराना कानून नया कानून CrPC – दंड प्रक्रिया संहिता 1973 BNSS – भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंग्रेज़ी ...

माघ पूर्णिमा (जिसे माघी पूर्णिमा या मघा पूर्णिमा भी कहा जाता है) हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण तिथि है। आज यानी 1 फरवरी 2026 (रविवार) को माघ पूर्णिमा मनाई जा रही है।

 माघ पूर्णिमा (जिसे माघी पूर्णिमा या मघा पूर्णिमा भी कहा जाता है) हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण तिथि है। आज यानी  1 फरवरी 2026 (रविवार) को माघ पूर्णिमा मनाई जा रही है। तिथि और समय (पुणे/भारत के अनुसार) पूर्णिमा तिथि आरंभ: 1 फरवरी 2026 सुबह लगभग 5:52 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 फरवरी 2026 सुबह लगभग 3:38 बजे उदया तिथि के आधार पर मुख्य रूप से 1 फरवरी को ही स्नान, दान, व्रत और पूजा की जाती है, क्योंकि सूर्योदय के समय पूर्णिमा विद्यमान रहती है। धार्मिक महत्व माघ मास की पूर्णिमा को पद्म पुराण और अन्य ग्रंथों में अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। यह माघ मास का अंतिम दिन होता है, जो कार्तिक मास के समान फल देने वाला माना जाता है। इस दिन: पवित्र नदियों (खासकर गंगा, यमुना, त्रिवेणी संगम) में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। दान (अन्न, वस्त्र, धन आदि) करने से विशेष फल मिलता है। भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व है। यह माघ मेले (प्रयागराज) का प्रमुख स्नान दिवस है, जहाँ लाखों श्रद्धालु संगम स्नान करते हैं। कल्पवास भी इसी दिन समाप्...

जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (Jagadguru Ramanandacharya Swami Rambhadracharya) एक प्रमुख हिंदू आध्यात्मिक नेता, विद्वान, कवि, लेखक, दार्शनिक और रामकथा वाचक हैं। वे रामानंद संप्रदाय के चार वर्तमान जगद्गुरु रामानंदाचार्यों में से एक हैं और 1988 से इस पद पर आसीन हैं

 जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (Jagadguru Ramanandacharya Swami Rambhadracharya) एक प्रमुख हिंदू आध्यात्मिक नेता, विद्वान, कवि, लेखक, दार्शनिक और रामकथा वाचक हैं। वे रामानंद संप्रदाय के चार वर्तमान जगद्गुरु रामानंदाचार्यों में से एक हैं और 1988 से इस पद पर आसीन हैं। जन्म और प्रारंभिक जीवन जन्म: 14 जनवरी 1950 (मकर संक्रांति के दिन), उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शांडीखुर्द (या सांडीखुर्द) गांव में। पूर्वाश्रम नाम: गिरिधर मिश्र। परिवार: वसिष्ठ गोत्रीय सरयूपारीण ब्राह्मण परिवार। पिता का नाम पंडित राजदेव मिश्र, माता का नाम शची देवी। मात्र दो महीने की आयु में ट्रैकोमा रोग के कारण वे नेत्रहीन (प्रज्ञाचक्षु) हो गए, लेकिन ब्रेल लिपि का उपयोग किए बिना ही अपनी असाधारण स्मृति और श्रवण शक्ति से शिक्षा ग्रहण की। शिक्षा और विद्वत्ता वे संस्कृत के प्रकांड पंडित हैं और 22 भाषाओं के ज्ञाता हैं। वे आशुकवि (spontaneous poet) हैं, अर्थात् वे मौके पर ही काव्य रचना कर सकते हैं। उन्होंने अब तक 80 से अधिक ग्रंथ रचे हैं, जिनमें महाकाव्य, टीकाएं, दार्शनिक ग्रंथ और रामायण-महाभारत पर भाष्य शामिल हैं। प्रमुख उपलब...

राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत हुई थी। इस साल (2026) यह अपना 34वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसमें थीम "स्वास्थ्य ही सशक्तिकरण" (Swasthya hi Sashaktikaran) पर फोकस था। समारोह भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि थे।

  राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की 34वीं वर्षगांठ या स्थापना दिवस पर बहुत ही प्रेरणादायक और भावपूर्ण है। यह ठीक वैसा ही है जैसा आयोग की आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट्स (जैसे X, Instagram, Facebook पर NCWIndia और Chairperson Vijaya Rahatkar द्वारा साझा किया गया) में इस्तेमाल किया गया है। यह 31 जनवरी 2026 को मनाए गए 34वें स्थापना दिवस के अवसर पर जारी किया गया संदेश है, जो महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, न्याय और सशक्तिकरण की निरंतर लड़ाई को रेखांकित करता है। राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत हुई थी। इस साल (2026) यह अपना 34वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसमें थीम "स्वास्थ्य ही सशक्तिकरण" (Swasthya hi Sashaktikaran) पर फोकस था। समारोह भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि थे। यह यात्रा वाकई साहस और संवेदनशीलता की मिसाल है—हर पीड़ित महिला की आवाज बनकर आयोग ने हजारों मामलों में न्याय दिलाया, नीतियों में बदलाव लाए और महिलाओं को निडर होकर जीने का भरोसा दिया। आपका यह संदेश साझा करना य...

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard - ICG) का स्थापना दिवस या रेजिंग डे हर वर्ष 1 फरवरी को मनाया जाता है।

 भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard - ICG) का स्थापना दिवस या रेजिंग डे हर वर्ष 1 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना की याद दिलाता है, जो 1 फरवरी 1977 को अंतरिम रूप में गठित हुआ था। उस समय इसका मुख्य उद्देश्य समुद्री तस्करी को रोकना और भारत के बढ़ते समुद्री हितों की रक्षा करना था। शुरू में केवल 7 जहाजों के साथ शुरुआत हुई थी, लेकिन आज यह 155 जहाजों और 80 विमानों वाली एक मजबूत समुद्री शक्ति बन चुका है। औपचारिक रूप से इसे 18 अगस्त 1978 को तटरक्षक अधिनियम, 1978 के तहत संसद द्वारा एक स्वतंत्र सशस्त्र बल के रूप में स्थापित किया गया था, लेकिन स्थापना दिवस के रूप में 1 फरवरी को ही मनाया जाता है। इस दिन को भारतीय तटरक्षक दिवस या Indian Coast Guard Raising Day कहा जाता है। बल का आदर्श वाक्य है - "वयम् रक्षामः" (हम रक्षा करते हैं)। वर्तमान समय (फरवरी 2026) में यह बल अपना 50वां स्थापना दिवस मना रहा है, जो पांच दशकों की राष्ट्र सेवा का प्रतीक है। इस अवसर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं द्वारा शुभकामनाएं दी जाती हैं, और समुद्री सुरक्षा, खोज-बचाव, प्रद...