अंगूठा मैच न होने पर भी मिलेगा राशन, OTP और अन्य विकल्प उपलब्ध
एक राष्ट्र, एक रेशन कार्ड (ONORC): केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने
कई राशन कार्ड धारकों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर किसी कारणवश ई-पॉस मशीन पर अंगूठा या फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है तो क्या उन्हें राशन नहीं मिलेगा? सरकार का स्पष्ट जवाब है — नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के नियमों के अनुसार, केवल बायोमेट्रिक फेल होने की वजह से किसी भी पात्र लाभार्थी को राशन देने से मना नहीं किया जा सकता। पहचान की पुष्टि के लिए कई वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध हैं।
क्या हैं विकल्प?
OTP के जरिए सत्यापन: अगर अंगूठा मैच नहीं हो रहा है तो राशन डीलर आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP भेज सकता है। OTP दर्ज करने के बाद राशन मिल जाता है।
अन्य मान्य दस्तावेज़: बायोमेट्रिक के अलावा अन्य वैध पहचान दस्तावेज़ों के जरिए भी पहचान की पुष्टि की जा सकती है।
परिवार के अन्य सदस्य: राशन कार्ड पर नामित किसी अन्य सदस्य का फिंगरप्रिंट लगवाकर भी परिवार का राशन लिया जा सकता है।
आयरिस (आंख) स्कैन: कई जगहों पर आंखों के स्कैन से भी ऑथेंटिकेशन संभव है।
फेस ऑथेंटिकेशन: अक्टूबर 2026 से कई राज्यों में फेस वेरिफिकेशन की सुविधा शुरू हो गई है। फिंगरप्रिंट फेल होने पर मशीन के कैमरे से चेहरे का मिलान आधार डेटाबेस से किया जा सकता है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तकनीकी समस्या, नेटवर्क इश्यू या बायोमेट्रिक मैच न होने की स्थिति में भी कोई पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे। डीलरों को वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या करें अगर डीलर मना करे?
अगर राशन डीलर अंगूठा न मैच होने का हवाला देकर राशन देने से मना करता है तो आप संबंधित जिला आपूर्ति अधिकारी या राज्य के खाद्य विभाग हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र लाभार्थी को राशन पाने का अधिकार है।
याद रखें: बायोमेट्रिक समस्या अस्थायी हो सकती है। बार-बार समस्या हो तो आधार केंद्र जाकर अपनी बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट करवा लें।
यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि कोई भी असली लाभार्थी तकनीकी कारणों से अपने हक के अनाज से वंचित न रहे।🙏
एक राष्ट्र, एक रेशन कार्ड (ONORC): प्रवासी मजदूरों के लिए खाद्य सुरक्षा का बड़ा कदम
नई दिल्ली। भारत सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक रेशन कार्ड’ (One Nation One Ration Card - ONORC) योजना अब पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत यह योजना लाभार्थियों को अपने मौजूदा राशन कार्ड से देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की किसी भी इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePoS) युक्त उचित मूल्य की दुकान (Fair Price Shop) से सब्सिडी वाला या मुफ्त अनाज लेने की सुविधा देती है।
योजना क्या है?
परंपरागत रूप से राशन कार्डधारक सिर्फ अपने मूल राज्य या जिले की निर्धारित राशन दुकान से ही अनाज ले सकते थे। ONORC ने इस भौगोलिक बाधा को खत्म कर दिया है। अब आधार से जुड़े राशन कार्ड और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (उंगली या आईरिस स्कैन) के जरिए कोई भी पात्र व्यक्ति कहीं भी अपना हक का अनाज प्राप्त कर सकता है। नया राशन कार्ड बनवाने या पुराना सरेंडर करने की जरूरत नहीं है।
यह सुविधा अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) दोनों श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए उपलब्ध है। PHH श्रेणी में प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो अनाज मिलता है, जबकि AAY में पूरे परिवार को 35 किलो अनाज। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत यह अनाज वर्तमान में मुफ्त उपलब्ध है।
मुख्य लाभ
प्रवासी मजदूरों के लिए वरदान: काम के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले मजदूरों और उनके परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा। वे अपने मूल राज्य का कार्ड लेकर नए स्थान पर राशन ले सकते हैं। परिवार के सदस्य घर पर भी अपना हिस्सा ले सकते हैं (स्प्लिट लिफ्टिंग)।
पारदर्शिता और भ्रष्टाचार में कमी: आधार आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम से फर्जी लाभार्थी और लीकेज कम होते हैं।
सुविधा: किसी एक दुकान पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं। जरूरत पड़ने पर दूसरी दुकान से भी राशन लिया जा सकता है।
कवरेज: सभी 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू। लगभग 80 करोड़ से अधिक NFSA लाभार्थी इससे जुड़े हैं। देशभर में करोड़ों पोर्टेबिलिटी लेन-देन हो चुके हैं।
कैसे इस्तेमाल करें?
सुनिश्चित करें कि आपका राशन कार्ड आधार से जुड़ा हो और e-KYC पूरा हो।
किसी भी ePoS वाली राशन दुकान पर जाएं।
राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर बताएं और बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं।
अपना हक का अनाज लें और रसीद जरूर लें।
मेरा राशन 2.0 ऐप से नजदीकी दुकान, पात्रता, लेन-देन का इतिहास और शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। हेल्पलाइन नंबर 14445 (ONORC) या 1967 (PDS शिकायत) पर भी सहायता मिलती है।
महत्व
यह योजना खाद्य सुरक्षा के अधिकार को मजबूत बनाती है और प्रवासी श्रमिकों, दैनिक मजदूरों तथा कमजोर वर्गों को भूख से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह डिजिटल इंडिया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के आधुनिकीकरण का हिस्सा है।
सरकार का जोर है कि सभी पात्र लाभार्थी अपना आधार-लिंक और e-KYC जल्द पूरा करें ताकि इस सुविधा का पूरा लाभ मिल सके। ‘आप जहां, आपका राशन वहां’—यह नारा अब हकीकत बन चुका है।?🪶🙏
angutha match na hone par bhi milega ration, OTP aur anya vikalp uplabdh ek rashtra, ek ration card (ONORC): kendra aur rajya sarkar.
kai ration card dharkon ke man mein yah sawal hota hai ki agar kisi karanvash e-pos machine par angutha ya fingerprint match nahin hota hai to kya unhen ration nahin milega? sarkar ka spasht jawab hai — nahin, aisa bilkul nahin hai.
khadya evam sarvajanik vitran vibhag ke niyamon ke anusar sirf biometric fail hone par kisi bhi patra labharthi ko ration dene se mana nahin kiya ja sakta. pehchan satyapit karne ke kai vaikalpik tarike han.
kya hain vikalp?
otp ke jariye satyapan: angutha match na hone par ration dealer aapke aadhar se jude mobile number par otp bhej sakta hai. otp darj karne ke baad ration mil jata hai.
anya swikarya dastavej: biometrics ke alava anya vaidh pehchan dastavejon ke jariye pehchan satyapit ki ja sakti hai.
parivar ke anya sadsya: ration card mein naamit kisi anya sadasya ke fingerprint lagakar bhi parivar ka ration liya ja sakta hai. iris (i) scan: kai jagahon par aai scan se bhi authentication ho sakta hai.
face authentication: october 2026 se kai rajyon mein face verification ki suvidha shuru ho gai hai. agar fingerprint fail ho jata hai, to machine ka camera chehre ko aadhar database se match kar sakta hai.
sarkar ne saaf nirdesh diye hain ki technical dikkaton, network ki dikkaton ya biometric mismatch hone par bhi koi bhi eligible parivar ration se vanchit na rahe. dealeron ko dusre tarike istemaal karne ke nirdesh diye gaye han.
agar dealer mana kar de to kya hoga?
agar ration dealer thumb mismatch ka hawala dekar ration dene se mana kar de, to aap sambandhit district supply officer ya state food department helpline par shikayat kar sakte han. eligible benificiari national food security act ke tahat ration ke hakdaar han.
yad rakhen: biometric dikkatein temporary ho sakti han. agar bar-bar dikkat ho, to aadhar kendra jaakar apni biometric jankari update karen.
yah system isliye banaya gaya hai taki koi bhi asli benificiari technical vajahon se apne haq ke anaaj se vanchit na rahe.
nai delhi. bharat sarkar ki 'van nation one ration kard' (ONORC) scheme ab poore desh mein safaltapurvak lagu ho gai hai. national food security act (NFSA), 2013 ke tahat, yah scheme benificiari ko apne maujuda ration card se desh ke kisi bhi rajya ya kendra shasit pradesh mein kisi bhi electronic point of sale (ePoS) se muft subsidy wala anaaj lene mein madad karti hai.
kya hai plan?
pahle, ration card holder sirf apne rajya ya zile ki tay ration dukanon se hi anaaj kharid sakte the. ONORC ne is jyografikal rukavat ko khatm kar diya hai. ab aadhar se jude ration card aur biometric authentication (ungli ya iris scan) ke zariye koi bhi yogya vyakti kahin bhi apna haq ka khana paa sakta hai. naya ration card banvane ke liye purana card surrender karne ki zaroorat nahin hai.
yah suvidha antyoday ann yojana (AAY) aur priority family (PHH) donon category ke benificiari ke liye uplabdh hai. PHH category men, har vyakti ko har mahine 5 kg anaaj milta hai, jabki AAY men, poore parivar ko 35 kg anaaj milta hai. yah anaaj abhi pradhanmantri garib kalyan ann yojana (PMGKAY) ke tahat muft mein mil raha hai.
mukhya fayde
migrent mazdooron ke liye vardan: migrant mazdoor aur unke parivar jo kaam ke liye ek rajya se dusre rajya jaate han, unhen sabse zyada fayda hota hai. ve apne asli rajya ke card se nai jagah par ration le sakte han. parivar ke sadasya bhi ghar par apna hissa le sakte hain (alg-alg saman uthakar).
transperency aur corruption mein kami: aadhar based biometric system nakli benificiari aur leakage ko kam karta hai.
suvidhaen: kisi ek dukan par depend rahane ki zaroorat nahin. zaroorat padne par dusri dukan se bhi ration liya ja sakta hai.
coverage: sabhi 36 rajyon aur kendra shasit pradeshon mein lagu. 80 karod se zyada NFSA benificiari isse jude han. poore desh mein karodon portability transaction hue han.
iska istemaal kaise karen?
pakka karen ki aapka ration card aadhar se link ho aur e-KYC pura karen.
kisi bhi ePoS ration ki dukan par jaen.
ration card number ya aadhar number bataen aur biometric verification karen.
apna khana le jayen aur rasid bhi le len.
mera ration 2.0 app se paas ki dukan, elisibility, transaction history aur shikayaten darj ki ja sakti han. helpline number 14445 (ONORC) ya 1967 (PDS complent) bhi madad karta hai.
mahatv
yah scheme food security ke adhikar ko mazboot karti hai aur migrant varkars, dihadi mazdooron aur kamzor tabke ko bhookh se bachane mein aham bhumika nibha rahi hai. yah digital india aur public distribution system (PDS) ke modernization ka hissa hai.
sarkar ka kehna hai ki sabhi eligible benificiari jald hi apna aadhar-link aur e-KYC pura kar len taki ve is suvidha ka pura fayda utha saken. ‘aap jahan, aapka ration vahin’—yah nara ab hakikat ban chuka hai.? 🪶🙏
अंगठा जुळला नाही तरीही, ओटीपी आणि इतर पर्यायांसह रेशन उपलब्ध होईल. एक राष्ट्र, एक रेशन कार्ड (ONORC): केंद्र आणि राज्य सरकारे.
अनेक रेशन कार्ड धारकांना हा प्रश्न पडतो: जर काही कारणास्तव ई-पॉस मशीनवर त्यांचा अंगठा किंवा बोटांचे ठसे जुळले नाहीत, तर त्यांना रेशन मिळणार नाही का? सरकारचे स्पष्ट उत्तर आहे—नाही, असे अजिबात होणार नाही.
अन्न व सार्वजनिक वितरण विभागाच्या नियमांनुसार, केवळ बायोमेट्रिक त्रुटीमुळे कोणत्याही पात्र लाभार्थ्याला रेशन नाकारले जाऊ शकत नाही. ओळख पडताळणीसाठी अनेक पर्यायी पद्धती आहेत.
ते पर्याय कोणते आहेत?
ओटीपीद्वारे पडताळणी: अंगठा जुळला नाही तर, रेशन विक्रेता तुमच्या आधार-लिंक्ड मोबाईल नंबरवर ओटीपी पाठवू शकतो. ओटीपी टाकल्यानंतर रेशनचे वितरण केले जाते.
इतर स्वीकारार्ह कागदपत्रे: बायोमेट्रिक्स व्यतिरिक्त, इतर वैध ओळखपत्रांचा वापर करून ओळख पडताळणी केली जाऊ शकते.
कुटुंबातील इतर सदस्य: शिधापत्रिकेवर नाव असलेल्या दुसऱ्या सदस्याच्या बोटांच्या ठशांचा वापर करूनही कौटुंबिक शिधा मिळवता येतो. आयरीस (डोळ्यांचे) स्कॅन: अनेक ठिकाणी डोळ्यांच्या स्कॅनद्वारेही प्रमाणीकरण केले जाऊ शकते.
चेहऱ्याद्वारे प्रमाणीकरण: ऑक्टोबर २०२६ पासून अनेक राज्यांमध्ये चेहऱ्याद्वारे पडताळणी लागू करण्यात आली आहे. जर बोटांचे ठसे जुळत नसतील, तर मशीनचा कॅमेरा चेहऱ्याची आधार डेटाबेसशी जुळवणी करू शकतो.
तांत्रिक समस्या, नेटवर्कमधील अडचणी किंवा बायोमेट्रिक माहिती जुळत नसल्याससुद्धा कोणत्याही पात्र कुटुंबाला शिधावाटपापासून वंचित ठेवू नये, अशा स्पष्ट सूचना सरकारने दिल्या आहेत. वितरकांना पर्यायी पद्धती वापरण्याच्या सूचना देण्यात आल्या आहेत.
विक्रेत्याने नकार दिल्यास काय करावे?
जर शिधावाटप करणाऱ्याने अंगठ्याचा ठसा जुळत नसल्याचे कारण देत शिधा देण्यास नकार दिला, तर तुम्ही संबंधित जिल्हा पुरवठा अधिकारी किंवा राज्य अन्न विभागाच्या हेल्पलाइनवर तक्रार करू शकता. राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा कायद्यांतर्गत पात्र लाभार्थी शिधा मिळण्यास पात्र आहेत.
लक्षात ठेवा: बायोमेट्रिक समस्या तात्पुरत्या असू शकतात. समस्या कायम राहिल्यास, आधार केंद्राला भेट द्या आणि तुमची बायोमेट्रिक माहिती अद्ययावत करा.
कोणत्याही खऱ्या लाभार्थ्याला तांत्रिक कारणांमुळे त्यांच्या हक्काच्या अन्नधान्यापासून वंचित ठेवले जाऊ नये, हे सुनिश्चित करण्यासाठी ही प्रणाली तयार करण्यात आली आहे.
नवी दिल्ली. भारत सरकारची 'एक राष्ट्र एक शिधापत्रिका' (ONORC) योजना आता देशभरात यशस्वीरित्या लागू करण्यात आली आहे. राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा कायदा (NFSA), २०१३ अंतर्गत, ही योजना लाभार्थ्यांना कोणत्याही राज्यातील किंवा केंद्रशासित प्रदेशातील कोणत्याही इलेक्ट्रॉनिक विक्री केंद्रावरून (ePoS) त्यांच्या सध्याच्या शिधापत्रिका वापरून मोफत अनुदानित अन्नधान्य मिळवण्याची परवानगी देते.
योजना काय आहे?
पूर्वी, शिधापत्रिकाधारक केवळ त्यांच्या राज्यातील किंवा जिल्ह्यातील नियुक्त शिधापत्रिका दुकानांमधूनच अन्नधान्य खरेदी करू शकत होते. ONORC ने हा भौगोलिक अडथळा दूर केला आहे. आता, आधार-संलग्न शिधापत्रिका आणि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरणाद्वारे (बोटांचे ठसे किंवा डोळ्यांची बाहुली स्कॅन), कोणतीही पात्र व्यक्ती कोठूनही आपल्या हक्काचे अन्नधान्य मिळवू शकते. नवीन शिधावाटप कार्ड मिळवण्यासाठी जुने कार्ड जमा करण्याची आवश्यकता नाही.
ही सुविधा अंत्योदय अन्न योजना (AAY) आणि प्राधान्य कुटुंब (PHH) या दोन्ही प्रवर्गांतील लाभार्थ्यांसाठी उपलब्ध आहे. PHH प्रवर्गात, प्रत्येक व्यक्तीला दरमहा ५ किलो धान्य मिळते, तर AAY प्रवर्गात, संपूर्ण कुटुंबाला ३५ किलो धान्य मिळते. हे धान्य सध्या प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनेअंतर्गत (PMGKAY) विनामूल्य उपलब्ध आहे.
मुख्य फायदे
स्थलांतरित कामगारांसाठी वरदान: कामासाठी एका राज्यातून दुसऱ्या राज्यात जाणाऱ्या स्थलांतरित कामगारांना आणि त्यांच्या कुटुंबांना सर्वाधिक फायदा होतो. ते त्यांच्या मूळ राज्य कार्डचा वापर करून नवीन ठिकाणी शिधावाटप घेऊ शकतात. कुटुंबातील सदस्य देखील घरी (वेगवेगळ्या वस्तू घेऊन) आपला वाटा घेऊ शकतात.
पारदर्शकता आणि भ्रष्टाचारात घट: आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रणालीमुळे बनावट लाभार्थी आणि गळती कमी होते.
वैशिष्ट्ये: एकाच दुकानावर अवलंबून राहण्याची गरज नाही. गरज भासल्यास इतर दुकानांमधूनही शिधावाटप खरेदी करता येते.
व्याप्ती: सर्व ३६ राज्ये आणि केंद्रशासित प्रदेशांमध्ये लागू. ८० कोटींहून अधिक NFSA लाभार्थी समाविष्ट आहेत. देशभरात कोट्यवधी पोर्टेबिलिटी व्यवहार झाले आहेत.
याचा वापर कसा करावा?
तुमचे रेशन कार्ड आधारशी जोडलेले असल्याची खात्री करा आणि ई-केवायसी (e-KYC) पूर्ण करा.
कोणत्याही ई-पॉस (ePoS) रेशन दुकानात जा.
तुमचा रेशन कार्ड क्रमांक किंवा आधार क्रमांक द्या आणि बायोमेट्रिक पडताळणी करा.
तुमचे अन्नपदार्थ पोहोचवा आणि तुमची पावती घ्या.
'मेरा रेशन २.०' ॲप तुम्हाला जवळपासची दुकाने शोधण्याची, पात्रतेची माहिती मिळवण्याची, व्यवहारांचा इतिहास पाहण्याची आणि तक्रारी नोंदवण्याची सुविधा देते. हेल्पलाइन क्रमांक १४४४५ (ONORC) किंवा १९६७ (PDS तक्रारी) देखील मदत करतात.
महत्व
ही योजना अन्नसुरक्षेचा हक्क बळकट करते आणि स्थलांतरित कामगार, रोजंदारी मजूर व असुरक्षित समुदायांना भुकेपासून वाचवण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावत आहे. हा डिजिटल इंडिया आणि सार्वजनिक वितरण प्रणालीच्या (PDS) आधुनिकीकरणाचा एक भाग आहे.
या सुविधेचा पुरेपूर लाभ घेण्यासाठी, सरकारने सर्व पात्र लाभार्थ्यांना त्यांचे आधार लिंकिंग आणि ई-केवायसी लवकरात लवकर पूर्ण करण्याचे आवाहन केले आहे. "तुम्ही जिथे असाल, तिथे तुमचे रेशन आहे" हे घोषवाक्य आता प्रत्यक्षात उतरले आहे. ?🪶🙏
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“सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏
👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈
👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈
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दोस्तों अप सभी पाठकों से उम्मीद करता हूं कि आप सभी ने यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा हैं।
संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई हैं।
तो क्षमा करें इस के लिए हम आप से क्षमा मांगते हैं। और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें? 🪶🙏
🙏 संपादक व लेखक व अध्यक्ष व RTI आरटीआई कार्यकर्ता
श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏
🙏जय संविधान जय भीम जय, संविधान के चौथा स्तंभ की जय 🙏
जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 जय महाराष्ट्र 🙏 वंदे मातरम🙏


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