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लोकायुक्तांकडे तक्रार दफ्तरी दाखल; नागरिकांना कागदपत्रांची संधी नाकारल्याचा प्रश्न

 लोकायुक्तांकडे तक्रार दफ्तरी दाखल; नागरिकांना कागदपत्रांची संधी नाकारल्याचा प्रश्न



चिपळूण – महाराष्ट्रातील चिपळूण तहसीलदार कार्यालयातील वातानुकूलन यंत्राबाबत सार्वजनिक निधीच्या वापरासंबंधी एका नागरिकाने लोकायुक्तांकडे तक्रार केली होती. मात्र, दिनांक ०७ ऑक्टोबर २०२६ रोजीच्या पत्राद्वारे संबंधित शासन आदेश, शासन निर्णय किंवा परिपत्रकाची प्रत तक्रारीसोबत जोडलेली नसल्याचे कारण देत ही तक्रार चौकशीस पात्र नसल्याचे सांगून दफ्तरी दाखल करण्यात आली आहे.

तक्रारदाराने या निर्णयावर प्रश्नचिन्ह उपस्थित केले आहे. त्यांच्या म्हणण्यानुसार, एखाद्या नागरिकाकडून तक्रार करताना काही दस्तऐवजाची प्रत जोडण्यात त्रुटी राहिली असेल, तर ती प्रत मागवून किंवा त्रुटी दूर करण्याची संधी देऊन प्रकरणाची चौकशी करता आली नसती का? आवश्यक कागदपत्रे सादर करण्याची संधी न देता तक्रारच दफ्तरी दाखल करणे, हा सामान्य नागरिकाला न्याय मिळवून देण्याचा योग्य मार्ग आहे का, असा प्रश्न त्यांनी उपस्थित केला आहे.

तक्रारदाराचे म्हणणे आहे की, आज राज्यात दुष्काळसदृश परिस्थिती, शेतकऱ्यांच्या अडचणी, शाळा व रुग्णालयांतील सुविधांची गरज आणि पोषण योजनांसाठी निधीची आवश्यकता असताना सरकारी कार्यालयांतील वातानुकूलन यंत्रांची खरेदी, मंजुरी, वीजखर्च व देखभाल यांची नियमांनुसार तपासणी व्हावी, एवढीच मागणी आहे. नियमभंग झाला आहे, असा अंतिम निष्कर्ष चौकशीपूर्वी काढलेला नाही; मात्र चौकशी होणे आवश्यक आहे, असे त्यांनी स्पष्ट केले.

लोकायुक्तांसारख्या घटनात्मकदृष्ट्या महत्त्वाच्या तक्रारनिवारण व्यवस्थेकडून सामान्य नागरिकाला न्यायाची अपेक्षा असते. कागदपत्रांच्या त्रुटी दूर करण्याची संधी न देता तक्रार दफ्तरी दाखल केली गेली, तर सामान्य माणसाने न्याय मागायचा तरी कुणाकडे, असा सवालही त्यांनी केला आहे.

ही बाब कोणत्याही व्यक्तीविरोधातील वैयक्तिक द्वेषातून नसून सार्वजनिक हितासाठी उपस्थित केली असल्याचे तक्रारदाराने सांगितले. संबंधित आदेशाची प्रत व आवश्यक कागदपत्रे सादर करून पुनर्विचाराची मागणी करण्याचा प्रयत्न ते करतील, असेही त्यांनी नमूद केले.

जनतेला न्याय देणारी यंत्रणा हवी—केवळ तक्रारी स्वीकारून त्या दफ्तरी दाखल करणारी नव्हे, असा सूर तक्रारदाराने व्यक्त केला आहे.

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       “सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏  

👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈

👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈

👉 मेरा देश मेरा वतन समाचार 👈 👉 बुलंद आवाज न्यूज़ 👈

👉 दया की सोच👈  🙏जनहित के लिए🙏   नोट........ 👉👇🙏

 दोस्तों अप सभी पाठकों से उम्मीद करता हूं कि आप सभी ने यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा हैं। 

संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई हैं। 

तो क्षमा करें इस के लिए हम आप से क्षमा मांगते हैं। और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें? 🪶🙏 

🙏 संपादक व लेखक व अध्यक्ष व RTI आरटीआई कार्यकर्ता 

श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏

🙏जय संविधान जय भीम जय, संविधान के चौथा स्तंभ की जय 🙏

जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 जय महाराष्ट्र 🙏 वंदे मातरम🙏


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