महाराष्ट्र शासन: शासकीय कामातील विलंब रोखण्यासाठी कडक सूचना; विहित कालावधीत कार्यवाही न केल्यास शिस्तभंगाची कारवाई
महाराष्ट्र शासन: शासकीय कामातील विलंब रोखण्यासाठी कडक सूचना; विहित कालावधीत कार्यवाही न केल्यास शिस्तभंगाची कारवाई
मुंबई, ५ ऑक्टोबर २०२६: महाराष्ट्र शासनाने शासकीय कर्मचाऱ्यांनी आपली कर्तव्ये विहित कालमर्यादेत पूर्ण करण्याबाबत पुन्हा एकदा स्पष्ट आणि कडक सूचना दिल्या आहेत. सामान्य प्रशासन विभागाने आज (५ ऑक्टोबर २०२६) जारी केलेल्या शासन परिपत्रकानुसार, महाराष्ट्र शासकीय कर्मचाऱ्यांच्या बदल्यांचे विनियमन आणि शासकीय कर्तव्ये पार पाडताना होणाऱ्या विलंबास प्रतिबंध अधिनियम, २००५ मधील तरतुदींचे काटेकोर पालन करण्याचे निर्देश देण्यात आले आहेत.
उच्च न्यायालयाच्या निर्देशांनुसार हे परिपत्रक काढण्यात आले आहे. यापूर्वी ११ सप्टेंबर २०२६ रोजीही याबाबत परिपत्रक जारी करण्यात आले होते, मात्र न्यायालयाने अधिक स्पष्ट आणि परिणामकारक सूचना देण्याचे आदेश दिल्याने आता पुन्हा स्वयंस्पष्ट निर्देश देण्यात आले आहेत.
मुख्य तरतुदी:
कलम १० (१) नुसार प्रत्येक शासकीय कर्मचारी आपले काम अत्यंत दक्षतेने आणि शक्य तितक्या शीघ्रतेने पार पाडण्यास बांधील आहे.
विहित कालावधीत कार्यवाही न केल्यास कलम १० (२) व १० (३) अंतर्गत महाराष्ट्र नागरी सेवा (शिस्त व अपील) नियम, १९७९ नुसार शिस्तभंगाची कारवाई करण्यात येईल.
शासनाने स्पष्ट केले आहे की, अनेक प्रकरणे जाणीवपूर्वक दीर्घकाळ प्रलंबित ठेवली जात असल्याने उच्च न्यायालयाने वेळोवेळी नाराजी व्यक्त केली आहे आणि याबाबत अनेक आदेश पारित करावे लागत आहेत.
विभाग व कार्यालय प्रमुखांना निर्देश:
प्रलंबित अर्ज, निवेदने आणि नस्त्यांचा मासिक आढावा घ्यावा.
अधीनस्थ कार्यालयांना प्रत्यक्ष भेट देऊन कार्यवाहीची तपासणी करावी.
विनाकारण विलंब करणाऱ्या अधिकारी/कर्मचाऱ्यांविरुद्ध तातडीने कारवाई करावी आणि त्याचा अहवाल वरिष्ठ कार्यालयास सादर करावा.
हे परिपत्रक महाराष्ट्र शासनाच्या अधिकृत संकेतस्थळावर (www.maharashtra.gov.in) प्रसिद्ध करण्यात आले असून त्याचा संगणक संकेतांक २०२६१००५१५३९०७२१०७ आहे. मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल यांच्या डिजिटल स्वाक्षरीने हे परिपत्रक निर्गमित करण्यात आले आहे.
शासनाने सर्व प्रशासकीय विभागांना या सूचनांचे काटेकोर पालन करण्याचे आवाहन केले आहे, जेणेकरून नागरिकांच्या प्रकरणांना विनाकारण विलंब होऊ नये आणि न्यायालयीन हस्तक्षेप टाळता येईल.🙏
maharashtra shasan: shasakiy kamatil vilamb rokhnyasathi kadak suchana; vihit kalavadhit karyavahi n kelyas shistabhangachi karavai
mumbai, 5 october 2026: maharashtra shasanane shasakiy karmcharyanni aapli kartavye vihit kalmaryadet purna karnyababat punha ekda spasht aani kadak suchana dilya aahet. samanya prashasan vibhagane aaj (5 october 2026) jari kelelya shasan paripatrakavar, maharashtra shasakiy karmcharyanchya badalyanche viniyaman aani shasakiy kartavye par padtana honarya vilambas pratibandh adhinium, 2005 madhil tartudinche katekor palan karnyache nirdesh denyat ale aahet.
uchch nyayalayachya nirdeshannusar he paripatrak kadhanyat ale aahe. yapurvi 11 september 2026 rojihi yababat paripatrak jari karnyat ale hote, matra nyayalayane adhik spasht aani parinamkarak suchana denyache aadesh dilyane aata punha svayamspasht nirdesh denyat ale aahet.
mukhy taratudi:
kalam 10 (1) nusar pratyek shasakiy karmchari aaple kaam atyant dakshatene aani shakya titakya shighratene par padnyas bandheel aahe.
vihit kalavadhit karyavahi n kelyas kalam 10 (2) v 10 (3) antargat maharashtra nagari seva (shist v apil) nium, 1979 nusar shistabhangachi karvai karnyat yeil.
shasan spasht kele aahe ki, anek prakarane janivpurvak dirghakal pralambit thevali jaat aslyane uccha nyayalayane veloveli naraji vyakt keli aahe aani yababat anek aadesh parit karave lagat aahet.
vibhag v karyalay pramukhanna nirdesh:
pralambit arj, nivedane aani nastyancha masik aadhava ghyava.
adhinsth karyalayanna pratyaksha bhet deun karyavahichi tapasni karavi.
vinakaran vilamb karnarya adhikari/karmcharyanviruddh tatadine karvai karavi aani tyacha ahawal varishth karyalayas sadar karava.
he paripatrak maharashtra shasanachya adhikrut sanketsthalavar (www.maharashtra.gov.in) prasiddh karnyat ale asun tyacha sangnak sanketank 202610051539072107 aahe. mukhya sachiv rajesh agrawal yanchya digital swakshrine he paripatrak nirgamit karnyat ale aahe.
shasan sarv prashaskiya vibhaganna ya suchananche katekor palan karnyache aavahan kele aahe, jenekarun nagrikanchya prakarananna vinakaran vilamb hou naye aani nyayalayin hastkshep talta yeil.🙏
महाराष्ट्र सरकार: सरकारी काम में देरी रोकने के लिए सख्त निर्देश; तय समय में कार्रवाई नहीं करने पर डिसिप्लिनरी एक्शन
मुंबई, 5 अक्टूबर, 2026: महाराष्ट्र सरकार ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों को तय समय सीमा के अंदर अपनी ड्यूटी पूरी करने के साफ और सख्त निर्देश दिए हैं। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की तरफ से आज (5 अक्टूबर, 2026) जारी एक सरकारी सर्कुलर के मुताबिक, महाराष्ट्र गवर्नमेंट एम्प्लॉइज (रेगुलेशन ऑफ ट्रांसफर्स एंड प्रिवेंशन ऑफ डिले इन परफॉर्मेंस ऑफ गवर्नमेंट ड्यूटीज) एक्ट, 2005 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह सर्कुलर हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार जारी किया गया है। इससे पहले, इस बारे में 11 सितंबर, 2026 को भी एक सर्कुलर जारी किया गया था, लेकिन अब कोर्ट के और साफ और असरदार निर्देश देने के आदेश के बाद फिर से खुद से समझने वाले निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य नियम:
सेक्शन 10 (1) के अनुसार, हर सरकारी कर्मचारी अपना काम पूरी लगन और जितनी जल्दी हो सके, करने के लिए मजबूर है।
अगर तय समय में कार्रवाई नहीं की जाती है, तो महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज़ (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1979 के सेक्शन 10 (2) और 10 (3) के तहत डिसिप्लिनरी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने साफ किया है कि हाई कोर्ट ने समय-समय पर नाराज़गी जताई है क्योंकि कई केस जानबूझकर लंबे समय तक पेंडिंग रखे जाते हैं और इस बारे में कई ऑर्डर पास करने पड़ते हैं।
डिपार्टमेंट्स और ऑफिस के हेड्स को निर्देश:
पेंडिंग एप्लीकेशन, रिप्रेजेंटेशन और शिकायतों का हर महीने रिव्यू किया जाना चाहिए।
सबऑर्डिनेट ऑफिस में जाकर प्रोसिडिंग्स का इंस्पेक्शन किया जाना चाहिए।
बेवजह देरी करने वाले ऑफिसर्स/एम्प्लॉइज के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए और उनकी रिपोर्ट सुपीरियर ऑफिस को जमा की जानी चाहिए।
यह सर्कुलर महाराष्ट्र सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट (www.maharashtra.gov.in) पर पब्लिश किया गया है और इसका कंप्यूटर कोड 202610051539072107 है। यह सर्कुलर चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल के डिजिटल सिग्नेचर से जारी किया गया है।
सरकार ने सभी एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट से अपील की है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि नागरिकों के मामलों में बेवजह देरी न हो और कोर्ट के दखल से बचा जा सके।🙏
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“सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏
👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈
👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈
👉 मेरा देश मेरा वतन समाचार 👈 👉 बुलंद आवाज न्यूज़ 👈
👉 दया की सोच👈 🙏जनहित के लिए🙏 नोट........ 👉👇🙏
दोस्तों अप सभी पाठकों से उम्मीद करता हूं कि आप सभी ने यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा हैं।
संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई हैं।
तो क्षमा करें इस के लिए हम आप से क्षमा मांगते हैं। और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें? 🪶🙏
🙏 संपादक व लेखक व अध्यक्ष व RTI आरटीआई कार्यकर्ता
श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏
🙏जय संविधान जय भीम जय, संविधान के चौथा स्तंभ की जय 🙏
जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 जय महाराष्ट्र 🙏 वंदे मातरम🙏



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