महाराष्ट्र शासनाने सहकारी गृहनिर्माण संस्थांच्या पुनर्विकासाबाबत नवे नियम जाहीर केले: ५१ टक्के सभासदांची मान्यता अनिवार्य
महाराष्ट्र शासनाने सहकारी गृहनिर्माण संस्थांच्या पुनर्विकासाबाबत नवे नियम जाहीर केले: ५१ टक्के सभासदांची मान्यता अनिवार्य
मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र शासनाच्या सहकार विभागाने सहकारी गृहनिर्माण संस्थांच्या इमारतींच्या पुनर्विकास प्रक्रियेत अधिक पारदर्शकता, सभासदांचा सहभाग आणि त्यांच्या हिताचे संरक्षण सुनिश्चित करण्यासाठी महत्त्वपूर्ण सुधारित शासन आदेश जारी केला आहे. हा शासन आदेश क्रमांक सगृयो-२०२६/प्र.क्र.१०८/१४-स दिनांक ३० सप्टेंबर २०२६ रोजी जारी करण्यात आला आहे. तो महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, १९६० च्या कलम ७९अ अंतर्गत जारी झाला असून, जुलै २०१९ च्या पूर्वीच्या शासन निर्णयाची जागा घेत आहे.
नव्या नियमांनुसार पुनर्विकासाचा प्राथमिक निर्णय आणि विकासक निवड दोन्हीसाठी संस्थेच्या एकूण सभासदांपैकी किमान ५१ टक्के सभासदांची मान्यता आवश्यक आहे. विशेष सर्वसाधारण सभेसाठी २/३ गणपूर्ती (कोरम) अनिवार्य आहे. परदेशात राहणारे, आजारी, दिव्यांग किंवा अपरिहार्य कारणांमुळे प्रत्यक्ष उपस्थित राहू न शकणारे सभासद व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे सहभागी होऊ शकतात; मात्र किमान ५१ टक्के सभासदांची प्रत्यक्ष उपस्थिती आवश्यक राहील.
महत्त्वाच्या तरतुदी
वास्तुविशारद/प्रकल्प व्यवस्थापन सल्लागार (PMC) निवड: किमान तीन पात्र वास्तुविशारद किंवा PMC कडून दरपत्रके मागवून विशेष सर्वसाधारण सभेत निवड करावी. नियुक्त तज्ज्ञाने दोन महिन्यांत प्रकल्प अहवाल तयार करून सादर करणे अपेक्षित आहे. अहवालात जमीन-इमारत सर्वेक्षण, उपलब्ध FSI/TDR, पुनर्विकास पर्याय, सभासदांना मिळणारे क्षेत्र, कार्पेट एरिया, पार्किंग, मोकळ्या जागा आणि बांधकाम स्पेसिफिकेशन यांचा समावेश असेल.
पारदर्शक निविदा प्रक्रिया: मराठी आणि इंग्रजी वृत्तपत्रांत जाहिरात देऊन किमान तीन निविदा मागविणे आवश्यक. कमी निविदा आल्यास प्रथम १५ दिवस आणि नंतर एक आठवडा मुदतवाढ देण्याची तरतूद आहे.
विकासक निवड: निबंधक कार्यालयाच्या प्रतिनिधीच्या उपस्थितीत विशेष सर्वसाधारण सभेत ५१ टक्के मान्यतेने निवड. किमान १/५ सभासदांनी लेखी मागणी केल्यास गुप्त मतदान अवलंबता येईल. सभा व्हिडिओ रेकॉर्डिंग करणे बंधनकारक आहे.
कागदपत्रे पाहण्याचा अधिकार: सभेच्या नोटिसा, इतिवृत्त, प्रकल्प अहवाल, निविदा, तुलनात्मक तक्ता आणि विकास कराराचा मसुदा सभासदांना विनामूल्य तपासणीसाठी उपलब्ध करून द्यावेत.
विकास करारातील अटी: प्रकल्प पूर्ण करण्यासाठी सामान्यतः दोन वर्षांची मर्यादा (अपवादात्मक परिस्थितीत तीन वर्षांपेक्षा जास्त नसावी). बँक गॅरंटीबाबत सर्वसाधारण सभेची मान्यता आवश्यक. पर्यायी निवास किंवा मान्य मासिक भाडे व डिपॉझिटची व्यवस्था. विकास करार आणि वैयक्तिक स्थायी पर्यायी निवास करार (PAAA) नोंदणी अनिवार्य. RERA नुसार कार्पेट एरिया स्पष्ट नमूद करणे आणि सर्व कायदेशीर मंजुरी व PAAA नोंदणीनंतरच सदनिका रिकामी करण्याची तरतूद.
सदनिका वाटप: पुनर्विकसित इमारतीतील सदनिकांचे वाटप विशेष सर्वसाधारण सभेत ठरवावे. शक्यतो सध्याच्या मजल्याच्या स्थितीनुसार वाटप; सोडत आवश्यक असल्यास इमारत पूर्ण झाल्यानंतर घ्यावी. नवीन सदनिकाधारकांच्या सभासदत्व अर्जावर तीन महिन्यांत निर्णय घ्यावा.
नियमांचे उल्लंघन, संगनमत किंवा फसवणूक आढळल्यास संबंधित पदाधिकारी किंवा समिती सदस्यांवर कलम ७९अ(३)/७८अ अन्वये कारवाई होऊ शकते.
सभासदांनी सभेच्या नोटिसा, प्रकल्प अहवाल, निविदा, विकास करार आणि मतदान प्रक्रियेबाबत जागरूक राहणे आवश्यक आहे. हा आदेश पुनर्विकास प्रक्रियेत सभासदांच्या हक्कांचे संरक्षण आणि प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित व वेळेवर पूर्ण होण्यास मदत करेल, असे मानले जात आहे.
(स्रोत: महाराष्ट्र शासन सहकार विभाग शासन आदेश दिनांक ३० सप्टेंबर २०२६)🙏
maharashtr shasanane sahakari gruhnirman sansthanchya purvikasababat nave niyam jahir kele: 51 takke sabhasadanchi manyata anivarya
mumbai/pune: maharashtra shasanachya sahkar vibhagane sahakari gruhnirman sansthanchya imaratinchya punarvikas prakriyet adhik pardarshakata, sabhasadancha sahbhag aani tyanchya hitache sanrakshan sunishchit karnyasathi mahatvapurna sudharit shasan aadesh jari kela aahe. ha shasan aadesh kramank sagryo-2026/pr.kr.108/14-s dinank 30 september 2026 roji jari karnyat aala aahe. to maharashtra sahakari sanstha adhinium, 1960 chya kalam 79ae antargat jari zala asun, july 2019 chya purvichya shasan nirnayachi jaga ghet aahe.
navya niymannusar punarvikasacha prathamik nirnay aani vikasak nivad donhisathi sansthechya ekun sabhasadanpaiki kiman 51 takke sabhasadanchi manyata aavashyak aahe. vishesh sarvsadharan sabhesathi 2/3 ganpurti (koram) anivarya aahe. pardeshat rahanare, aajari, divyanga kinva apariharya karananmule pratyaksha upasthit rahu n shakanare sabhasad video conferencindvare sahbhagi hou shakatat; matra kiman 51 takke sabhasadanchi pratyaksha upasthiti aavashyak rahil.
mahatvachya taratudi
vastuvisharad/prakalp vyavasthapan sallagar (PMC) nivad: kiman teen patra vastuvisharad kinva PMC kadun darapatrake magavun vishesh sarvsadharan sabhet nivad karavi. niyukt tajdnyane don mahinyant prakalp ahawal tayar karun sadar karane apekshit aahe. ahwalat jamin-imarat sarvekshan, upalabdha FSI/TDR, punarvikas paryaya, sabhasadanna milanare kshetr, carpet aeriya, parking, moklya jaga aani bandhkam specification yancha samavesh asel.
pardarshak nivida prakriya: marathi aani engraji vruttapatrant jahirat deun kiman teen nivida magavine aavashyk. kami nivida aalyas pratham 15 divas aani nantar ek aathavada mudatavadh denyachi tartud aahe.
vikasak nivad: nibandhak karyalayachya pratinidhichya upasthitit vishesh sarvsadharan sabhet 51 takke manyatene nivad. kiman 1/5 sabhasadanni lekhi magani kelyas gupt matadan avalambata yeil. sabha video recording karane bandhankarak aahe.
kagadapatre pahanyacha adhikar: sabhechya notisa, itivrutt, prakalp ahaval, nivida, tulanatmak takta aani vikas kararacha masuda sabhasadanna vinamulya tapasnisathi upalabdha karun dyavet.
vikas kararatil ati: prakalp purna karnyasathi samanyataha don varshanchi maryada (apavadatmak paristhitit teen varshanpeksha jasta nasavi). bank gaerantibabat sarvsadharan sabhechi manyata aavashyk. paryayi nivas kinva manya masik bhade v dipossittechi vyavstha. vikas karar aani vaiyaktik sthayi paryayi nivas karar (PAAA) nondani anivarya. RERA nusar carpet area spasht namud karane aani sarv kaydeshir manjuree v PAAA nondaninantarch sadanika rikami karnyachi taratud.
sadanika vatap: purvikasit imaratitil sadanikanche vatap vishesh sarvsadharan sabhet tharvave. shakyato sadhyachya majlyachya sthitinusar vatap; sodat aavashyak aslyas imarat purna jhalyanantar ghyavi. navin sadanikadharakanchya sabhasadatva arjavar teen mahinyant nirnay ghyava.
niumanche ullnghan, sanganmat kinva fasavnuk aadhalalyas sambandhit padadhikari kinva samiti sadasyanvar kalam 79ae(3)/78ae anvaye karvai hou shakate.
sabhasadanni sabhechya notisa, prakalp ahaval, nivida, vikas karar aani matadan prakriyebabat jaagruk rahne aavashyak aahe. ha aadesh punarvikas prakriyet sabhasadanchya hakkanche sanrakshan aani prakriya adhik vyavasthit v velevar purna honyas madat karel, ase manle jaat aahe.
(srot: maharashtra shasan sahkar vibhag shasan aadesh dinank 30 september 2026)
🙏
महाराष्ट्र सरकार ने कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों के रीडेवलपमेंट के लिए नए नियम जारी किए: 51% मेंबर की मंज़ूरी ज़रूरी
मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र सरकार के कोऑपरेशन डिपार्टमेंट ने कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों की बिल्डिंग्स के रीडेवलपमेंट प्रोसेस में ज़्यादा ट्रांसपेरेंसी, मेंबर्स की भागीदारी और उनके हितों की सुरक्षा पक्का करने के लिए एक ज़रूरी बदला हुआ सरकारी ऑर्डर जारी किया है। सरकारी ऑर्डर नंबर SGRYO-2026/PR.KR.108/14-S, तारीख 30 सितंबर, 2026 जारी किया गया है। यह महाराष्ट्र कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ एक्ट, 1960 के सेक्शन 79A के तहत जारी किया गया है, और जुलाई 2019 के पहले के सरकारी ऑर्डर की जगह लेता है।
नए नियमों के मुताबिक, रीडेवलपमेंट के शुरुआती फैसले और डेवलपर के चुनाव, दोनों के लिए सोसाइटी के कुल मेंबर्स में से कम से कम 51% की मंज़ूरी ज़रूरी है। स्पेशल जनरल मीटिंग के लिए 2/3 का कोरम ज़रूरी है। विदेश में रहने वाले, बीमार, विकलांग या ज़रूरी वजहों से खुद आकर शामिल नहीं हो पाने वाले मेंबर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हिस्सा ले सकते हैं; लेकिन, कम से कम 51 परसेंट मेंबर्स का फिजिकल प्रेजेंस ज़रूरी होगा।
ज़रूरी प्रोविज़न
आर्किटेक्ट/प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) का सिलेक्शन: सिलेक्शन एक स्पेशल जनरल मीटिंग में किया जाना चाहिए, जिसमें कम से कम तीन क्वालिफाइड आर्किटेक्ट्स या PMCs से कोटेशन मंगाए जाएं। अपॉइंट किए गए एक्सपर्ट से उम्मीद की जाती है कि वह दो महीने के अंदर एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके सबमिट करेगा। रिपोर्ट में लैंड-बिल्डिंग सर्वे, उपलब्ध FSI/TDR, रीडेवलपमेंट ऑप्शन, मेंबर्स के लिए उपलब्ध एरिया, कारपेट एरिया, पार्किंग, ओपन स्पेस और कंस्ट्रक्शन स्पेसिफिकेशन्स शामिल होंगे।
ट्रांसपेरेंट बिडिंग प्रोसेस: मराठी और इंग्लिश अखबारों में एडवरटाइजिंग देकर कम से कम तीन बिड्स मंगाई जानी चाहिए। कम बिड्स होने पर पहले 15 दिन और फिर एक हफ्ते के लिए टाइम बढ़ाने का प्रोविज़न है।
डेवलपर का सिलेक्शन: रजिस्ट्रार ऑफिस के रिप्रेजेंटेटिव की मौजूदगी में एक स्पेशल जनरल मीटिंग में 51 परसेंट अप्रूवल से सिलेक्शन। अगर कम से कम 1/5 मेंबर्स लिखकर रिक्वेस्ट करते हैं तो सीक्रेट बैलेट अपनाया जा सकता है। मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग ज़रूरी है।
डॉक्यूमेंट्स देखने का अधिकार: मीटिंग्स के नोटिस, मिनट्स, प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स, टेंडर्स, कम्पेरेटिव टेबल्स और ड्राफ्ट डेवलपमेंट एग्रीमेंट मेंबर्स को फ्री में देखने के लिए उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
डेवलपमेंट एग्रीमेंट की शर्तें: आम तौर पर प्रोजेक्ट पूरा होने में दो साल लगते हैं (खास हालात में तीन साल से ज़्यादा नहीं)। बैंक गारंटी के लिए जनरल मीटिंग से मंज़ूरी ज़रूरी है। दूसरे रहने की जगह का इंतज़ाम या तय महीने का किराया और डिपॉज़िट। डेवलपमेंट एग्रीमेंट और पर्सनल परमानेंट दूसरे रहने की जगह एग्रीमेंट (PAAA) का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। RERA के हिसाब से कारपेट एरिया साफ़-साफ़ बताया जाना चाहिए और सभी कानूनी मंज़ूरियों और PAAA के रजिस्ट्रेशन के बाद ही फ्लैट खाली करने का प्रोविज़न होना चाहिए।
फ्लैट अलॉटमेंट: रीडेवलप की जा रही बिल्डिंग में फ्लैट्स का अलॉटमेंट एक स्पेशल जनरल मीटिंग में तय किया जाना चाहिए। बेहतर होगा कि अलॉटमेंट मौजूदा फ्लोर कंडीशन के आधार पर किया जाए; अगर ज़रूरी हो, तो बिल्डिंग पूरी होने के बाद ड्राइंग बनाई जानी चाहिए। नए फ्लैट होल्डर्स की मेंबरशिप एप्लीकेशन पर तीन महीने के अंदर फैसला लिया जाना चाहिए।
अगर नियमों का कोई उल्लंघन, मिलीभगत या धोखाधड़ी पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारियों या कमेटी सदस्यों के खिलाफ सेक्शन 79A(3)/78A के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
हाउस के सदस्यों को मीटिंग नोटिस, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर, डेवलपमेंट एग्रीमेंट और वोटिंग प्रोसेस के बारे में पता होना ज़रूरी है। माना जा रहा है कि इस ऑर्डर से रीडेवलपमेंट प्रोसेस में सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करने और प्रोसेस को ज़्यादा व्यवस्थित और समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
(सोर्स: महाराष्ट्र सरकार कोऑपरेशन डिपार्टमेंट का सरकारी ऑर्डर, तारीख 30 सितंबर 2026)🙏
🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇🙏
“सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏
👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈
👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈
👉 मेरा देश मेरा वतन समाचार 👈 👉 बुलंद आवाज न्यूज़ 👈
👉 दया की सोच👈 🙏जनहित के लिए🙏 नोट........ 👉👇🙏
दोस्तों अप सभी पाठकों से उम्मीद करता हूं कि आप सभी ने यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा हैं।
संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई हैं।
तो क्षमा करें इस के लिए हम आप से क्षमा मांगते हैं। और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें? 🪶🙏
🙏 संपादक व लेखक व अध्यक्ष व RTI आरटीआई कार्यकर्ता
श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏
🙏जय संविधान जय भीम जय, संविधान के चौथा स्तंभ की जय 🙏
जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 जय महाराष्ट्र 🙏 वंदे मातरम🙏













Comments