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महाराष्ट्र शासनाने रास्तभाव दुकानदारांना आंदोलनापासून परावृत्त करण्याचे निर्देश; ई-पॉस बंद केल्यास मेस्मा व जीवनावश्यक वस्तू कायद्याखाली कारवाई

 महाराष्ट्र शासनाने रास्तभाव दुकानदारांना आंदोलनापासून परावृत्त करण्याचे निर्देश; ई-पॉस बंद केल्यास मेस्मा व जीवनावश्यक वस्तू कायद्याखाली कारवाई



मुंबई, ४ सप्टेंबर २०२६ – अखिल महाराष्ट्र राज्य स्वस्त धान्य दुकानदार व केरोसीन परवानाधारक महासंघ, पुणे यांनी सोमवार, ७ सप्टेंबर २०२६ रोजी एकदिवसीय ई-पॉस मशिन बंद व धान्य वितरण बंद आंदोलन पुकारले असल्याने महाराष्ट्र शासनाच्या अन्न, नागरी पुरवठा व ग्राहक संरक्षण विभागाने सर्व संबंधित अधिकाऱ्यांना तातडीचे निर्देश दिले आहेत.

विभागाच्या उपसचिव संतोष गायकवाड यांच्या सहीने जारी केलेल्या अतिमहत्वाच्या पत्रानुसार, ई-पॉस मशिन अत्यंत संथ गतीने चालणे, एनआयसी सर्व्हर व नेटवर्कमध्ये वारंवार अडथळे निर्माण होणे, सर्व्हर टाईमआउट होणे, ट्रान्झॅक्शन फेल होणे तसेच नेटवर्क कनेक्टिव्हिटी व्यवस्थित नसणे या तांत्रिक अडचणींमुळे अन्नधान्य वितरण प्रभावित होत असल्याचे संघटनेने निवेदनात म्हटले आहे. शासनाने या बाबींचा एकत्रित व तांत्रिकदृष्ट्या सखोल आढावा घेऊन कायमस्वरूपी उपाययोजना करण्याचे तसेच कालबद्ध कृती आराखडा तयार करण्याचे निर्देश दिले आहेत.




शासनाने स्पष्ट केले आहे की, राष्ट्रीय अन्नसुरक्षा अधिनियम, २०१३ च्या कलम ३(१) नुसार पात्र लाभार्थ्यांना सवलतीच्या दराने अन्नधान्य मिळण्याचा हक्क आहे. लाभार्थ्यांना अन्नधान्यापासून वंचित ठेवल्यास कलम ३३(१) अन्वये शास्तीची तरतूद आहे. जीवनावश्यक वस्तू अधिनियम, १९५५ च्या कलम ३ अन्वये अत्यावश्यक वस्तूंचे वितरण नियंत्रित केले जाते. परवाना शर्तीचे उल्लंघन केल्यास अनामत रक्कम जप्त करणे व परवाना रद्द करण्याची तरतूद आहे. कलम ७ नुसार एक वर्षापर्यंत शिक्षा व दंडही होऊ शकतो.

याशिवाय, महाराष्ट्र अत्यावश्यक सेवा देखभाल अधिनियम (मेस्मा), २०१७ अंतर्गत ई-पॉस बंद करून वितरण न केल्यास कारवाई केली जाईल. मेस्माच्या कलम ७ नुसार एक वर्ष कैद किंवा दोन हजार रुपये दंड किंवा दोन्ही शिक्षा होऊ शकते आणि हा गुन्हा अजामीनपात्र आहे.

ऑगस्ट २०२६ मध्ये ई-पॉसद्वारे वितरण करताना आलेल्या तांत्रिक अडचणी प्रामुख्याने आधार सर्व्हिस व एनआयसी ॲप्लिकेशन सर्व्हरमधील समस्यांमुळे होत्या. शासनाने संबंधित यंत्रणांशी संपर्क साधून या अडचणी दूर करून वितरण सुरळीत केल्याचेही पत्रात नमूद आहे.

सर्व जिल्हाधिकारी, नियंत्रक शिधावाटप, उपायुक्त (पुरवठा), जिल्हा पुरवठा अधिकारी, अन्नधान्य वितरण अधिकारी आणि उपनियंत्रक शिधावाटप यांना रास्तभाव दुकानदार व संघटनांचे मतपरिवर्तन करून आंदोलनापासून परावृत्त करण्यासाठी आवश्यक उपाययोजना करण्याचे निर्देश देण्यात आले आहेत.

शासनाने लाभार्थ्यांच्या हक्कांचे रक्षण करत अन्नधान्य वितरण सुरळीत राहील, याबाबत कडक भूमिका घेतली आहे.

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              मेरा देश मेरा वतन समाचार 


                    🙏 पत्र के🙏


          संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी


नोट........ 👉🙏


 दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करें इस के लिए हम आप क्षमा मांगते हैं और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें ? 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏

जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏

जय हिंद जय भारत जय महाराष्ट्र वंदे मातरम🙏

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