महाराष्ट्र शासन का सख्त निर्देश: सरकारी पत्रों पर नाम और पदनाम अनिवार्य,
मुंबई, 30 मई 2018
महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने कार्यालयीन कामकाज नियमपुस्तिका के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के लिए नया परिपत्रक जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि शासकीय पत्रों, आदेशों, पावतियों और किसी भी दस्तऐवज पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी या कर्मचारी को अपने नाम, पदनाम और कार्यालय का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
परिपत्रक में कहा गया है कि नियमपुस्तिका की धारा 53 (8) के अनुसार हस्ताक्षर के नीचे कोष्ठक में नाम और उसके नीचे पदनाम लिखना जरूरी है। इस संबंध में पहले भी 16 जून 2005 और 10 फरवरी 2016 को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
राज्य सूचना आयोग, कोंकण खंडपीठ के समक्ष दायर एक द्वितीय अपील (के.आर. 4324/2017) की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि आरटीआई के तहत दी गई दस्तावेजों में संबंधित तलाठी का नाम नहीं लिखा गया था। इससे जिम्मेदार अधिकारियों का पता लगाने में दिक्कत हुई।
इसके मद्देनजर सभी मंत्रालयीन विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों को दोबारा निर्देश दिए गए हैं कि:
हर पत्र, आदेश या दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले को अपना नाम, पदनाम और कार्यालय स्पष्ट रूप से लिखना होगा।
किसी भी स्थिति में वरिष्ठ अधिकारी के पदनाम के साथ “करीता” लिखकर पत्र जारी नहीं किए जाएंगे।
यह परिपत्रक महाराष्ट्र शासन की वेबसाइट www.maharashtra.gov.in पर उपलब्ध है। इसे मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन ने डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया है।
(स्रोत: सामान्य प्रशासन विभाग, शासन परिपत्रक क्रमांक संकीर्ण-2018/प्र.क्र.81/18 (र.व का.), दिनांक 30 मई 2018) 🙏
महाराष्ट्र शासन : शासकीय पत्रव्यवहारात स्वाक्षरीखाली नाव-पदनाम अनिवार्य
मुंबई, ३० मे २०१८ : महाराष्ट्र शासनाने शासकीय पत्रे, आदेश, पावत्या आणि इतर सर्व दस्तऐवजांवर स्वाक्षरी करणाऱ्या अधिकारी-कर्मचाऱ्यांनी स्वतःचे नाव, पदनाम आणि कार्यालय स्पष्टपणे नमूद करणे अनिवार्य केले आहे.
सामान्य प्रशासन विभागाने जारी केलेल्या शासन परिपत्रकानुसार (क्रमांक संकीर्ण-२०१८/प्र.क्र.८१/१८), कार्यालयीन कार्यपद्धती नियमपुस्तिकेतील तरतुदींनुसार पत्रावर स्वाक्षरीखाली कंसात नाव आणि पदनाम लिहिण्याबाबत यापूर्वी २००५ आणि २०१६ मध्येही सूचना देण्यात आल्या होत्या. तथापि, माहितीचा अधिकार अधिनियम, २००५ अंतर्गत राज्य माहिती आयुक्त, कोंकण खंडपीठ यांच्यासमोर झालेल्या एका सुनावणीत (द्वितीय अपिल क्र. के.आर.४३२४/२०१७) फेरफारासंबंधीच्या कागदपत्रावर संबंधित तलाठ्याचे नाव नसल्यामुळे जबाबदार अधिकाऱ्यांची नावे शोधणे कठीण झाल्याचे आयोगाच्या निदर्शनास आले.
या पार्श्वभूमीवर सर्व मंत्रालयीन विभाग तसेच त्यांच्या नियंत्रणाखालील विभाग व कार्यालयांना पुन्हा स्पष्ट सूचना देण्यात आल्या आहेत की,
शासनाच्या वतीने होणाऱ्या प्रत्येक पत्रव्यवहारावर, कागदपत्रावर, आदेशावर किंवा पावतीवर स्वाक्षरी करणाऱ्याने स्वतःचे नाव, पदनाम आणि कार्यालय स्पष्ट शब्दात लिहावे.
कोणत्याही परिस्थितीत वरिष्ठ अधिकाऱ्याचे पदनाम नमूद करून “करीता” असा उल्लेख करून पत्रे काढण्यात येऊ नयेत.
परिपत्रक मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन यांच्या डिजिटल स्वाक्षरीने जारी करण्यात आले असून ते महाराष्ट्र शासनाच्या अधिकृत संकेतस्थळावर उपलब्ध आहे.🙏
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