Skip to main content

महिला उत्थान को समर्पित सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था ने आज अपना पांचवा स्थापना दिवस ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी मे धूमधाम से मनाया। स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मान कार्यक्रम मे विभिन्न क्षेत्रो मे महिला उन्नति का प्रतीक बनकर सामने आयी महिलाओ को महिला उन्नति अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया।

 महिला उत्थान को समर्पित सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था ने आज अपना पांचवा स्थापना दिवस ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी मे धूमधाम से मनाया। स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मान कार्यक्रम मे  विभिन्न क्षेत्रो मे महिला उन्नति का प्रतीक बनकर सामने आयी महिलाओ को महिला उन्नति अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया।


 राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नन्हे मुन्ने बच्चों ने स्वागत गान कर अतिथियों का स्वागत किया। बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि आने वाला कल महिलाओ का है। आज महिलायें खेल के मैदानो से लेकर बार्डर पर देश की सुरक्षा कर रही है।



 फिर चाहे चिकित्सा का क्षेत्र हो या शिक्षा का अध्यात्म का क्षेत्र हो प्रशासनिक, हर क्षेत्र मे महिलायें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका मे आगे आ रही है। सरकार द्वारा महिलाओ को 33% आरक्षण दिये जाने के बाद महिलायें अब राजनीति मे भी बढचढकर हिस्सा ले सकेंगी। डीसीपी महिला सुरक्षा प्रीति यादव ने कहा कि आज की महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है वो समय गया जब महिलाओ को अबला कमजोर समझा जाता था उसने अब खुद की शक्ति और क्षमताओ को पहचानना शुरू कर दिया है।



 समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि किसी भी समाज का विकास समाज मे महिलाओ की भागीदारी पर निर्भर करता है, अपनी परंपरा संस्कृति घर परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए भी जो महिलायें समाज के विकास हेतु प्रशंसनीय कार्य कर रही है वो एक प्रेरक है। इस अवसर पर संगठन की मुख्य संरक्षक इन्दू गोयल ने सम्मानित हुई सभी नारी शक्ति को शुभकामनायें देते हुए कहा कि आप समाज का गौरव है महिलाओ के लिए प्रेरणा है अपनी उपलब्धियों अनुभवों को नई पीढ़ी के साथ शेयर करें ताकि वह आपसे प्रेरणा लेकर जीवन मे आगे बढे। इस अवसर पर समाज के विकास मे महत्वपूर्ण योगदान देने वाली वरिष्ठ समाज सेविका राजेश्वरी त्यागराजन को


लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य रूप से (रूबी मिश्रा पुत्रवधु-पद्मविभूषित पंडित बिरजू महाराज), मिस इंडिया 2022 डा कर्णिका तिवारी, अनीता नागर खेल अधिकारी, पूनम तिवारी कार्यक्रम अधिकारी, रीता यादव SHO साइबर क्राइम, पहलवान बबीता नागर, इंटरमीडिएट टापर प्रिया,दीपा भाटी PCS सहित पर्यावरण साहित्य चिकित्सा उद्यमिता नृत्य संगीत हस्तकला आदि क्षेत्र मे प्रेरक कार्य कर रही महिलाओ को महिला उन्नति अवार्ड देकर सम्मानित किया गया साथ ही महिला उत्थान के लिए कार्य करने वाले सामाजिक संगठनों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वन्दना झा ने किया। 




इस अवसर पर DDEO आशीष कुमार सिंह, संस्थापक डा राहुल वर्मा, श्रीराजन शारदा, कार्डिनेटर मनोज झा, रणवीर चौधरी, गीता भाटी, स्वीटी अग्रवाल, डा वन्दना सिंह, शैफाली गोयल,रेनू बाला शर्मा, माधुरी चौहान, कविता सिंह, पूजा अवाना, बबीता भाटी, प्रीतम भाटी, पूनम सिंह, सीमा अग्रवाल, अनिल तिलपता, देवेन्द्र चंदीला, विजय तंवर, ताराचंद नायक, ओमदत्त शर्मा, हरेन्द्र आनन्द, रवि कुमार, जहीर खान, दीप्ति दीप, मीना गौतम, रेहाना अल्वी और महासचिव अनिल भाटी आदि सदस्य उपस्थित रहे ? 

🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇🙏

              देश मेरा वतन समाचार पत्र 

         संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी 

Comments

Popular posts from this blog

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी)

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी) वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क विवरण वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों को देशभर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से सब्सिडी वाले अनाज प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। यह योजना सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें असम हाल ही में शामिल हुआ है। योजना के तहत राशन कार्ड को आधार से सीड करने की आवश्यकता होती है। योजना से संबंधित शिकायतों, जानकारी या सहायता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14445 उपलब्ध है। इसके अलावा, सामान्य PDS हेल्पलाइन नंबर 1967 है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्थानीय नंबर भी हैं। नीचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य संपर्क विवरण दिए गए हैं (मुख्यालय का पता, फोन नंबर और ईमेल जहां उपलब्ध)। ये विवरण आधिकारिक स्रोतों से संकलित हैं। यदि आपको मोबाइल नंबर की आवश्यकता है, तो आधार से लिंक्ड रजिस्टर्ड मोबाइल का उपयोग करें, क्योंकि योजना में...

भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 साठी प्रचार (campaign) बंद होण्याची तारीख आणि वेळ: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोगाने जाहीर केलेल्या कार्यक्रमानुसार, ही निवडणूक १५ जानेवारी २०२६ रोजी होणार आहे (मतदान ७:३० AM ते ५:३० PM पर्यंत).

 भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। 29 महानगरपालिकाओं (जिसमें BNCMC भी शामिल है) के लिए एक ही चरण में चुनाव हो रहे हैं। सामान्य नियमों के अनुसार, प्रचार मतदान शुरू होने से ठीक पहले मतदान के दिन सुबह 7:30 बजे तक बंद हो जाता है (यानी 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित)। कुछ स्थानीय निकायों में प्रचार पिछले दिन रात 10 बजे तक बंद होता है, लेकिन महानगरपालिका चुनावों (जैसे BMC, BNCMC आदि) के लिए आधिकारिक रूप से प्रचार समाप्ति मतदान शुरू होने के समय (15 जनवरी सुबह 7:30 बजे) मानी जाती है। मुख्य तिथियाँ (संक्षेप में): नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025 नामांकन की जांच: 31 दिसंबर 2025 नाम वापसी की अंतिम तिथि: 2 जनवरी 2026 अंतिम उम्मीदवार सूची: 3 जनवरी 2026 मतदान: 15 जनवरी 2026 (7:30 AM से 5:30 PM) मतगणना: 16 जनवरी 2026 प्...

तेली समाज के गौरव, राष्ट्र के गौरव, दानवीर भामाशाह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन! 🙏

 भामाशाह (1547–1600) भारतीय इतिहास के एक महान दानवीर, सेनापति, मंत्री और महाराणा प्रताप के विश्वासपात्र सहयोगी थे। वे मेवाड़ राज्य (राजस्थान) के उद्धार और स्वाभिमान की रक्षा में अपनी पूरी संपत्ति समर्पित करने के लिए प्रसिद्ध हैं।  जन्म और पृष्ठभूमि जन्म: 28 जून 1547 (कुछ स्रोतों में 29 अप्रैल 1547) को मेवाड़ राज्य में, वर्तमान पाली जिले के सादड़ी गांव या चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में। परिवार: पिता — भारमल कावड़िया (रणथम्भौर दुर्ग के किलेदार, राणा सांगा द्वारा नियुक्त; बाद में राणा उदय सिंह के प्रधानमंत्री)। माता — कर्पूरदेवी। वे ओसवाल जैन समुदाय (कावड़िया/कांवड़िया गोत्र) से थे और जैन धर्म के अनुयायी थे। उनके पिता की वजह से बाल्यकाल से ही मेवाड़ के शासकों से निकट संबंध था। महाराणा प्रताप के साथ योगदान भामाशाह महाराणा प्रताप के बचपन के मित्र, सलाहकार और सेनापति थे। हल्दीघाटी के युद्ध (1576) के बाद मेवाड़ की स्थिति बहुत खराब हो गई थी — सेना बिखरी हुई थी, संसाधन खत्म हो चुके थे और महाराणा प्रताप परिवार सहित जंगलों-पहाड़ियों में भटक रहे थे। इस कठिन समय में भामाशाह ने अपनी सारी व्यक्तिगत...