Skip to main content

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तालाबों और सार्वजनिक भूमि से 90 दिनों में अतिक्रमण हटाओ, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

 इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तालाबों और सार्वजनिक भूमि से 90 दिनों में अतिक्रमण हटाओ, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश



प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तालाबों सहित सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि की एकल पीठ ने 6 अक्टूबर 2025 को मनोज कुमार सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य (जनहित याचिका संख्या 2923/2025) में यह आदेश पारित किया।

मामला क्या था?

याचिका में मिर्जापुर जिले की चुनार तहसील के ग्राम चौका में राजस्व अभिलेखों में तालाब (बाबली) के रूप में दर्ज तीन गाटों पर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी:

गाटा संख्या 48 — 0.177 हेक्टेयर

गाटा संख्या 51 — 0.101 हेक्टेयर

गाटा संख्या 53 — 0.114 हेक्टेयर

याचिकाकर्ता का आरोप था कि तालाब की भूमि पर कब्जा होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

हाईकोर्ट के प्रमुख निर्देश

90 दिनों में अतिक्रमण हटाने का आदेश

न्यायालय ने पूरे प्रदेश में सार्वजनिक उपयोग की भूमि से अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही 90 दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया।

केवल कागजी आदेश पर्याप्त नहीं

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत कार्यवाही शुरू करना या बेदखली का आदेश पारित कर देना पर्याप्त नहीं है। अतिक्रमण सिद्ध होने पर वास्तविक कब्जा हटाकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना अनिवार्य है।



लेखपाल और ग्राम प्रधान की जवाबदेही

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 66 के अनुसार ग्राम पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण की सूचना तहसीलदार तक पहुंचाना भूमि प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों का दायित्व है। निर्धारित समय में सूचना न देने वाले लेखपाल और संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं आपराधिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों की लापरवाही पर कार्रवाई

जिलाधिकारियों और उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अतिक्रमण की सूचना देने और उसे हटाने में विफल रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। निर्णय में राजस्व संहिता नियमावली के नियम 195, राजस्व संहिता की धारा 233 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316 का उल्लेख किया गया है।

पुलिस सहायता अनिवार्य

अतिक्रमण हटाने की वैधानिक कार्रवाई में आवश्यक पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाए।

शिकायतकर्ता को जानकारी और सुनवाई का अवसर

की गई कार्रवाई की जानकारी सूचना देने वाले व्यक्ति को दी जाए और कार्यवाही के प्रत्येक चरण में उसे सुनवाई का अवसर दिया जाए।

आदेश का पालन न होने पर अवमानना

यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण बना रहता है और अधिकारी अपने दायित्व का पालन नहीं करते, तो सिविल अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।

तालाब संरक्षण क्यों जरूरी?

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि तालाब, झील और अन्य जलस्रोत भूजल स्तर बनाए रखने, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जलस्रोतों पर अवैध कब्जे से प्राकृतिक जलचक्र प्रभावित होता है और नागरिकों के स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार (संविधान के अनुच्छेद 21) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। न्यायालय ने अनुच्छेद 14, 48A और 51A(g) का भी उल्लेख किया।


 नागरिक क्या कर सकते हैं?

यदि किसी गांव में तालाब, पोखर, जलाशय, सार्वजनिक रास्ता, चारागाह या अन्य सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण है, तो राजस्व अभिलेखों और साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी या तहसीलदार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। मांग की जा सकती है कि:

भूमि की पहचान और सीमांकन कराया जाए

धारा 67 के तहत विधिसम्मत कार्यवाही हो

अतिक्रमण सिद्ध होने पर वास्तविक कब्जा हटाया जाए

तालाब का मूल स्वरूप बहाल किया जाए

आवश्यक पुलिस सहायता दी जाए

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो

यह फैसला पूरे उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है कि सार्वजनिक भूमि और जलस्रोतों की सुरक्षा अब केवल कागजी नहीं, बल्कि प्रभावी कार्रवाई से सुनिश्चित की जानी चाहिए।🙏


























✍️ Dayashankar Gupta

Human Rights & RTI Activist

Editor MERA DESH MERA WATAN SAMACHAR of India

तालाब बचेंगे तभी भूजल बचेगा। जल बचेगा तभी जीवन बचेगा।


🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇🙏

       “सूत्रों के अनुसार…”🪶🙏  

👉 संपादक एवं लेखक: समाज सेवक, RTI कार्यकर्ता👈

👉 श्री दयाशंकर गुप्ता जी👈 👉 नमस्कार चमत्कार 👈

👉 मेरा देश मेरा वतन समाचार 👈 👉 बुलंद आवाज न्यूज़ 👈

👉 दया की सोच👈  🙏जनहित के लिए🙏   नोट........ 👉👇🙏

 दोस्तों अप सभी पाठकों से उम्मीद करता हूं कि आप सभी ने यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा हैं। 

संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई हैं। 

तो क्षमा करें इस के लिए हम आप से क्षमा मांगते हैं। और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें? 🪶🙏 

🙏 संपादक व लेखक व अध्यक्ष व RTI आरटीआई कार्यकर्ता 

श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏

🙏जय संविधान जय भीम जय, संविधान के चौथा स्तंभ की जय 🙏

जय हिंद 🇮🇳 जय भारत 🇮🇳 जय महाराष्ट्र 🙏 वंदे मातरम🙏


#TalabBachao #JalBachaoJeevanBachao #AllahabadHighCourt #PIL2923of2025 #ManojKumarSingh #AntiEncroachment #UPRevenueCode #Section67 #PublicLandProtection #EnvironmentalProtection #KanpurDehat #india

Comments

Popular posts from this blog

मुंबई-ठाणे शिधावाटप विभाग व डायघर पोलिसांची मोठी कारवाई; ६४ लाख ८० हजार रुपयांचा मुद्देमाल जप्त

*मुंबई-ठाणे शिधावाटप विभाग व डायघर पोलिसांची मोठी कारवाई; ६४ लाख ८० हजार रुपयांचा मुद्देमाल जप्त* ठाणे: *दिनांक -१८.१०.२०२६* मुंबई-ठाणे शिधावाटप विभागाचे नियंत्रक *मा. चंद्रकांत डांगे साहेब* यांच्या मार्गदर्शनाखाली ठाणे प्रादेशिक कार्यालयाचे उपनियंत्रक *भास्कर तायडे* यांच्या पथकातील अधिकाऱ्यांनी आणि डायघर पोलीस ठाणे येथील अधिकाऱ्यांनी संयुक्तपणे धाडसी कारवाई केली आहे. चोरीच्या डिझेल आणि डिझेल सदृश पदार्थांची बेकायदेशीर वाहतूक करणाऱ्या MH 46 DC 5335 व MH 46 DL 2603 या दोन टँकरवर धाड टाकण्यात आली. या कारवाईदरम्यान टँकरमध्ये असलेला सुमारे ६,८०० लिटर डिझेल व डिझेल सदृश पदार्थ जप्त करण्यात आला आहे. कारवाईतील ठळक मुद्दे:  *जप्त मुद्देमाल: दोन टँकरसह अंदाजे ६,८०० लिटर डिझेल व डिझेल सदृश पदार्थ.*  *एकूण किंमत: जप्त करण्यात आलेल्या संपूर्ण मुद्देमालाची एकूण किंमत अंदाजित ६४ लाख ८० हजार रुपये इतकी आहे.*  *गुन्हा दाखल:* या प्रकरणी टँकरचे चालक व मालक असलेल्या तीन आरोपींविरुद्ध डायघर पोलीस ठाणे येथे गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. शिधावाटप विभाग आणि पोलीस प्रशासनाच्या या संयुक्त कारवाईमु...

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी)

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी) वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क विवरण वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों को देशभर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से सब्सिडी वाले अनाज प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। यह योजना सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें असम हाल ही में शामिल हुआ है। योजना के तहत राशन कार्ड को आधार से सीड करने की आवश्यकता होती है। योजना से संबंधित शिकायतों, जानकारी या सहायता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14445 उपलब्ध है। इसके अलावा, सामान्य PDS हेल्पलाइन नंबर 1967 है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्थानीय नंबर भी हैं। नीचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य संपर्क विवरण दिए गए हैं (मुख्यालय का पता, फोन नंबर और ईमेल जहां उपलब्ध)। ये विवरण आधिकारिक स्रोतों से संकलित हैं। यदि आपको मोबाइल नंबर की आवश्यकता है, तो आधार से लिंक्ड रजिस्टर्ड मोबाइल का उपयोग करें, क्योंकि योजना में...

भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 साठी प्रचार (campaign) बंद होण्याची तारीख आणि वेळ: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोगाने जाहीर केलेल्या कार्यक्रमानुसार, ही निवडणूक १५ जानेवारी २०२६ रोजी होणार आहे (मतदान ७:३० AM ते ५:३० PM पर्यंत).

 भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। 29 महानगरपालिकाओं (जिसमें BNCMC भी शामिल है) के लिए एक ही चरण में चुनाव हो रहे हैं। सामान्य नियमों के अनुसार, प्रचार मतदान शुरू होने से ठीक पहले मतदान के दिन सुबह 7:30 बजे तक बंद हो जाता है (यानी 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित)। कुछ स्थानीय निकायों में प्रचार पिछले दिन रात 10 बजे तक बंद होता है, लेकिन महानगरपालिका चुनावों (जैसे BMC, BNCMC आदि) के लिए आधिकारिक रूप से प्रचार समाप्ति मतदान शुरू होने के समय (15 जनवरी सुबह 7:30 बजे) मानी जाती है। मुख्य तिथियाँ (संक्षेप में): नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025 नामांकन की जांच: 31 दिसंबर 2025 नाम वापसी की अंतिम तिथि: 2 जनवरी 2026 अंतिम उम्मीदवार सूची: 3 जनवरी 2026 मतदान: 15 जनवरी 2026 (7:30 AM से 5:30 PM) मतगणना: 16 जनवरी 2026 प्...