भ्रष्टाचार का मतलब है सत्ता, पद या सार्वजनिक संसाधनों का व्यक्तिगत या सामूहिक स्वार्थ के लिए दुरुपयोग।
भ्रष्टाचार का मतलब है सत्ता, पद या सार्वजनिक संसाधनों का व्यक्तिगत या सामूहिक स्वार्थ के लिए दुरुपयोग। मुख्य रूप रिश्वत (bribery) – काम करवाने या रोकने के लिए पैसे/उपहार लेना-देना घोटाले – सरकारी योजनाओं, ठेकों या फंड का दुरुपयोग नेपोटिज्म/क्रोनीज्म – रिश्तेदारों या करीबियों को अनुचित लाभ देना धन-शोधन और बेनामी संपत्ति न्यायिक या प्रशासनिक देरी के बदले में रिश्वत भारत में स्थिति (संक्षेप में) भारत में भ्रष्टाचार लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। Transparency International के Corruption Perceptions Index में भारत की रैंकिंग आमतौर पर मध्यम स्तर पर रहती है। आम नागरिकों को रोजमर्रा के कामों (दस्तावेज, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि) में रिश्वत का सामना अक्सर करना पड़ता है। बड़े स्तर पर राजनीतिक फंडिंग, चुनाव खर्च, खनन/ठेका घोटाले और बैंक फ्रॉड जैसी घटनाएँ भी चर्चा में रहती हैं। प्रमुख कानून और संस्थाएँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स विभा...