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वंदे मातरम् का इतिहास बहुत गौरवशाली और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है।

 वंदे मातरम् का इतिहास बहुत गौरवशाली और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है।



रचना और लेखक

लेखक: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (Bankim Chandra Chatterjee)

यह गीत उन्होंने 1870 के दशक में लिखा था।

पहली बार यह उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ (Anandamath) में 1882 में प्रकाशित हुआ।

गीत मूल रूप से संस्कृत मिश्रित बांग्ला में लिखा गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका

1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे सार्वजनिक रूप से गाया।

यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।

बंग-भंग आंदोलन (1905) और उसके बाद के कई आंदोलनों में इसे व्यापक रूप से गाया गया।

कई क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे अपना नारा बनाया।

राष्ट्रीय गीत का दर्जा

15 अगस्त 1947 के बाद संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को वंदे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत (National Song) घोषित किया।

(जबकि जन गण मन को राष्ट्रीय गान यानी National Anthem का दर्जा दिया गया।)

कुछ महत्वपूर्ण बातें

गीत की शुरुआत “वंदे मातरम्” से होती है, जिसका अर्थ है — “माता को प्रणाम” या “मैं मातृभूमि को नमन करता हूँ”।

इसमें भारत माता की सुंदरता, शक्ति और दिव्यता का वर्णन है।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसे गाने पर कई जगह प्रतिबंध भी लगाया गया था।

क्या आप गीत के मूल शब्दों, उसके अंग्रेजी/हिंदी अनुवाद, या आनंदमठ उपन्यास से जुड़े किसी खास हिस्से के बारे में और जानना चाहेंगे?

🙏

वंदे मातरम भारत का राष्ट्रीय गीत है।

इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था।

वंदे मातरम (पूर्ण गीत)

वन्दे मातरम्

सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्

शस्यश्यामलां मातरम्

वन्दे मातरम्

शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्

फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्

सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्

सुखदां वरदां मातरम्

वन्दे मातरम्

सप्तकोटि कण्ठ कलकल निनाद कराले

द्विसप्तकोटि भुजैर्धृत खरकरवाले

अबला केन मा एत बले

बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं

रिपुदलवारिणीं मातरम्

वन्दे मातरम्

तुमि विद्या तुमि धर्म

तुमि हृदि तुमि मर्म

त्वं हि प्राणाः शरीरे

बाहुते तुमि मा शक्ति

हृदये तुमि मा भक्ति

तोमारई प्रतिमा गडि मन्दिरे मन्दिरे

त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी

कमला कमलदलविहारिणी

वाणी विद्यादायिनी

नमामि त्वां

नमामि कमलां अमलां अतुलां

सुजलां सुफलां मातरम्

वन्दे मातरम्

श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम्

धरणीं भरणीं मातरम्

वन्दे मातरम्

नोट:

यह गीत संस्कृत मिश्रित बंगला भाषा में लिखा गया है।

आमतौर पर पहले दो छंद ही गाए जाते हैं।

इसे 24 जनवरी 1950 को भारत का राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया।

वंदे मातरम्! 🇮🇳

भारतीय राष्ट्रीय गान जन गण मन है।

यह रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था और 24 जनवरी 1950 को भारत का राष्ट्रीय गान स्वीकार किया गया।

पूर्ण गान:

जन गण मन अधिनायक जय हे

भारत भाग्य विधाता

पंजाब सिंध गुजरात मराठा

द्रविड़ उत्कल बंग

विंध्य हिमाचल यमुना गंगा

उच्छल जलधि तरंग

तव शुभ नामे जागे

तव शुभ आशिष मागे

गाहे तव जय गाथा

जन गण मंगल दायक जय हे

भारत भाग्य विधाता

जय हे, जय हे, जय हे

जय जय जय जय हे

नोट: राष्ट्रीय गान की अवधि लगभग 52 सेकंड है।

वंदे मातरम! 🇮🇳

🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 🙏 

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                    🙏 पत्र के🙏


          संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी


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जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏


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