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भाजपा स्थापना दिवस 6 अप्रैल को मनाया जाता है।

 भाजपा स्थापना दिवस 6 अप्रैल को मनाया जाता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को नई दिल्ली के कोटला मैदान (अब डॉ. अंबेडकर स्टेडियम के पास) में एक कार्यकर्ता अधिवेशन के दौरान हुई थी। पार्टी के पहले अध्यक्ष श्री अटल बिहारी वाजपेयी चुने गए थे। आज (6 अप्रैल 2026) को भाजपा अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है।



पृष्ठभूमि और इतिहास

भाजपा का इतिहास भारतीय जनसंघ (1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित) से जुड़ा है।

1977 में जनसंघ ने जनता पार्टी में विलय कर लिया और मोरारजी देसाई सरकार में शामिल हुआ।

जनता पार्टी के विघटन के बाद पूर्व जनसंघ के सदस्यों ने अलग होकर 6 अप्रैल 1980 को नई पार्टी का गठन किया, जिसका नाम भारतीय जनता पार्टी रखा गया।

पार्टी की स्थापना पांच निष्ठाओं (राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, गांधीवादी समाजवाद, पॉजिटिव सेकुलरिज्म और मूल्यों पर आधारित राजनीति) के आधार पर हुई।

आरंभ में 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 2 सीटें मिलीं, लेकिन समय के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। 2014 से यह केंद्र में सत्तारूढ़ है और कई राज्यों में सरकार चला रही है। 

स्थापना दिवस कैसे मनाया जाता है?

हर साल 6 अप्रैल को पूरे देश में भाजपा कार्यकर्ता और नेता विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हैं:

पार्टी कार्यालयों और घरों पर भाजपा झंडा फहराया जाता है।

बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बैठकें, रैलियां, सदस्यता अभियान और सेवा कार्य होते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अन्य नेता संदेश या पोस्ट शेयर करते हैं, जिसमें अक्सर "राष्ट्र प्रथम, पार्टी द्वितीय, स्वयं अंतिम" जैसे मंत्र दोहराए जाते हैं।

इस वर्ष भी देशभर में उत्साह के साथ कार्यक्रम हो रहे हैं।

संक्षेप में: भाजपा स्थापना दिवस 6 अप्रैल है — एक ऐसा दिन जब पार्टी अपनी जड़ों, राष्ट्रवादी विचारधारा और विकास यात्रा को याद करती है।

अगर आपको स्थापना दिवस के इतिहास, इस साल के कार्यक्रमों या किसी खास पहलू 

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            मेरा देश मेरा वतन समाचार 




                    🙏 पत्र के🙏




        संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी




नोट........ 👉🙏




 दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करें इस के लिए हम आप क्षमा मांगते हैं और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें ? 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏




जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏




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