Skip to main content

अनोखे हुनरबाज़ों के हुनर को सलाम!

 अनोखे हुनरबाज़ों के हुनर को सलाम! 


कहते हैं कि हुनर किसी का मोहताज नहीं होता! अगर आपके अंदर है ऐसी अलग हटकर कोई कला; तो, आप हजारों-लाखों की भीड़ में भी अपनी एक अलग पहचान बनाने के काबिल होते हैं! और, कुछ ऐसा ही साबित कर दिखाया है कोलकाता के एक छोटे-से एरिया से आने वाले श्री संजय मन्डल और उनकी इस टीम ने!



यूं तो, संगीत हम सभी को पसंद आता है। फिर चाहे, वो एक छोटा-सा बच्चा हो या चाहे, जवान या चाहे, फिर एक बुजुर्ग ही क्यों ना हो! संगीत में वो जादू है, जो हर किसी को अपनी सारी परेशानियां और तकलीफें भुलाकर बस! अपनी एक अलग ही मस्ती में दिल खोलकर झूम उठने पर मजबूर कर देता है। और, वैसे भी अब डॉक्टर्स का भी यही मानना है कि म्यूजिक में है वो जादू, जो आपको आपके बड़े-से-बड़े स्ट्रैस से आसानी से निपटने में मदद करता है।


यूं तो, म्यूजिक बजाने के लिए बड़े-बड़े तामझाम चाहिए होते हैं। लेकिन, ऐसे में अगर बात करें संजय मन्डल ग्रुप की; तो, इस म्यूजिकल ग्रुप का स्टाइल थोड़ा हटकर है।






इनके इंस्ट्रुमेंट्स को देखकर आप एक बार को तो अचंभे में ही पड़ जाएंगे; क्योंकि, इन्हें तो एक मनमोहक संगीत की धुन निकालने के लिए चाहिए बस! घर के पुराने और बेकार पड़े हुए प्लास्टिक की पानी की बॉटल्स, पुराने मैटल के पाइप्स, थर्माकॉल और टीन के डिब्बे, इत्यादि, जैसे सामान! देखने में सिर्फ़ बेकार पड़े इन सामान से निकलने वाले मनमोहक संगीत की आवाज को सुन सभी का मन मस्ती से झूम उठने पर मजबूर हो जाता है।


साल - 2006 में संजय मन्डल के द्वारा शुरू किए गए कोलकाता क्रिएटिव आर्ट सेंटर नामक इस ग्रुप ने अपनी संगीत के इस अनूठे स्टाइल से संजय मन्डल और ग्रुप ने इंडियाज़ गॉट टैलेंट, सारेगमप, इत्यादि, जैसे देश के कई जाने-माने रियलिटी शोज में अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों के बीच अपनी एक अलग पहचान बना रखी है।


कोलकाता के टाँगड़ा स्लम एरिया में पले-बढ़े इस अनोखे म्यूजिकल ग्रुप के निर्माता, श्री संजय मन्डल को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा साल - 2006 में फ़ोक म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट - खोल के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) भी प्राप्त है।


इस म्यूजिकल ग्रुप का मुख्य उद्देश्य अभावों में जी रहे वर्ग के बच्चों के अंदर छुपे हुए अनोखे टैलेंट को दिखाने हेतु एक मंच प्रदान करके उन्हें जीवनयापन का एक साधन मुहैया करवाना है। इसके साथ ही इस ग्रुप के द्वारा तरह-तरह के पपैट शो और नुक्कड़ नाटकों के मंचन से अभावों में जी रहे वर्गों को उनकी भव्य परंपराओं के बारे में जागरूक भी किया जाता है।


सच कहें; तो, संजय मन्डल द्वारा निर्मित यह अनोखा म्यूजिकल ग्रुप भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को धरातल पर सही मायने में साकार करता नजर आ रहा है। इसके अलावा यह ग्रुप भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को भी बढ़ावा देता है, जो समाज को यह संदेश देता है कि किस प्रकार आप अपने घर के बेकार सामान को कितनी खूबसूरती से उपयोग में ला सकते हैं!


यह एक प्रतिबिंब है अँधेरे से रौशनी देने के लिए एक छोटे-से दीये का, जो अपनी एक छोटी-सी लौ से भी अपने आसपास उजाले की किरण फैलाकर जगमगा उठ चारों ओर खुशहाली के प्रकाश का विस्तार करता है ? 

 

दिल्ली से ...... 

श्रीनाथ दीक्षित जी 🙏 

के कलम से बहुत-बहुत धन्यवाद

🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇🙏

           देश मेरा वतन समाचार पत्र 


         संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी

नोट........ 


दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, जिसके लिए आप हमारे इस आर्टिकल को लाइक शेयर व कमेंट जरूर करेंगे । 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏


 



Comments

Popular posts from this blog

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी)

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी) वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क विवरण वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों को देशभर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से सब्सिडी वाले अनाज प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। यह योजना सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें असम हाल ही में शामिल हुआ है। योजना के तहत राशन कार्ड को आधार से सीड करने की आवश्यकता होती है। योजना से संबंधित शिकायतों, जानकारी या सहायता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14445 उपलब्ध है। इसके अलावा, सामान्य PDS हेल्पलाइन नंबर 1967 है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्थानीय नंबर भी हैं। नीचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य संपर्क विवरण दिए गए हैं (मुख्यालय का पता, फोन नंबर और ईमेल जहां उपलब्ध)। ये विवरण आधिकारिक स्रोतों से संकलित हैं। यदि आपको मोबाइल नंबर की आवश्यकता है, तो आधार से लिंक्ड रजिस्टर्ड मोबाइल का उपयोग करें, क्योंकि योजना में...

भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 साठी प्रचार (campaign) बंद होण्याची तारीख आणि वेळ: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोगाने जाहीर केलेल्या कार्यक्रमानुसार, ही निवडणूक १५ जानेवारी २०२६ रोजी होणार आहे (मतदान ७:३० AM ते ५:३० PM पर्यंत).

 भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। 29 महानगरपालिकाओं (जिसमें BNCMC भी शामिल है) के लिए एक ही चरण में चुनाव हो रहे हैं। सामान्य नियमों के अनुसार, प्रचार मतदान शुरू होने से ठीक पहले मतदान के दिन सुबह 7:30 बजे तक बंद हो जाता है (यानी 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित)। कुछ स्थानीय निकायों में प्रचार पिछले दिन रात 10 बजे तक बंद होता है, लेकिन महानगरपालिका चुनावों (जैसे BMC, BNCMC आदि) के लिए आधिकारिक रूप से प्रचार समाप्ति मतदान शुरू होने के समय (15 जनवरी सुबह 7:30 बजे) मानी जाती है। मुख्य तिथियाँ (संक्षेप में): नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025 नामांकन की जांच: 31 दिसंबर 2025 नाम वापसी की अंतिम तिथि: 2 जनवरी 2026 अंतिम उम्मीदवार सूची: 3 जनवरी 2026 मतदान: 15 जनवरी 2026 (7:30 AM से 5:30 PM) मतगणना: 16 जनवरी 2026 प्...

तेली समाज के गौरव, राष्ट्र के गौरव, दानवीर भामाशाह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन! 🙏

 भामाशाह (1547–1600) भारतीय इतिहास के एक महान दानवीर, सेनापति, मंत्री और महाराणा प्रताप के विश्वासपात्र सहयोगी थे। वे मेवाड़ राज्य (राजस्थान) के उद्धार और स्वाभिमान की रक्षा में अपनी पूरी संपत्ति समर्पित करने के लिए प्रसिद्ध हैं।  जन्म और पृष्ठभूमि जन्म: 28 जून 1547 (कुछ स्रोतों में 29 अप्रैल 1547) को मेवाड़ राज्य में, वर्तमान पाली जिले के सादड़ी गांव या चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में। परिवार: पिता — भारमल कावड़िया (रणथम्भौर दुर्ग के किलेदार, राणा सांगा द्वारा नियुक्त; बाद में राणा उदय सिंह के प्रधानमंत्री)। माता — कर्पूरदेवी। वे ओसवाल जैन समुदाय (कावड़िया/कांवड़िया गोत्र) से थे और जैन धर्म के अनुयायी थे। उनके पिता की वजह से बाल्यकाल से ही मेवाड़ के शासकों से निकट संबंध था। महाराणा प्रताप के साथ योगदान भामाशाह महाराणा प्रताप के बचपन के मित्र, सलाहकार और सेनापति थे। हल्दीघाटी के युद्ध (1576) के बाद मेवाड़ की स्थिति बहुत खराब हो गई थी — सेना बिखरी हुई थी, संसाधन खत्म हो चुके थे और महाराणा प्रताप परिवार सहित जंगलों-पहाड़ियों में भटक रहे थे। इस कठिन समय में भामाशाह ने अपनी सारी व्यक्तिगत...