"एक देश, एक राशन कार्ड" (One Nation One Ration Card - ONORC) योजना भारत सरकार की एक बहुत ही उपयोगी और क्रांतिकारी पहल है।
वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना की सराहना करती है, जो भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना वाकई में प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई है जो काम या अन्य कारणों से एक राज्य से दूसरे में जाते हैं।
ONORC योजना का मुख्य उद्देश्य है:
एक देश, एक राशन कार्ड — अब आपका राशन कार्ड पूरे भारत में वैध है।
NFSA (National Food Security Act) के तहत पात्र लाभार्थी किसी भी राज्य या शहर में किसी भी फेयर प्राइस शॉप (राशन दुकान) से अपना हक़ का राशन (अनाज) ले सकते हैं।
आधार-सक्षम e-POS मशीनों के जरिए ट्रांजेक्शन होता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और फर्जीवाड़ा कम होता है।
खासतौर पर प्रवासी श्रमिकों के लिए यह योजना बहुत बड़ी राहत है — काम बदले या जगह बदले, राशन की सुविधा जारी रहती है।
वर्तमान स्थिति (2026 तक):
योजना सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी तरह लागू हो चुकी है (असम आखिरी राज्य था जो शामिल हुआ)।
लाखों-करोड़ों ट्रांजेक्शन हो चुके हैं, और यह माइग्रेंट वर्कर्स के लिए फूड सिक्योरिटी का मजबूत आधार बनी हुई है।
हाल के अपडेट्स में मेरा राशन ऐप के जरिए और आसान ट्रैकिंग, लोकेशन सर्च, और डिजिटल सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
कुछ राज्यों में और डिजिटल इंटीग्रेशन (जैसे CBDC पायलट) के साथ इसे और मजबूत किया जा रहा है।
अगर आपका राशन कार्ड NFSA से लिंक्ड है और आधार सीडेड है, तो आप कहीं भी राशन ले सकते हैं। स्टेटस चेक करने के लिए ऑफिशियल पोर्टल nfsa.gov.in पर जा सकते हैं या मेरा राशन ऐप डाउनलोड करें।
यह योजना वाकई #FoodSecurity को मजबूत करती है और #प्रवासीश्रमिकों के अधिकार को सुनिश्चित करती है। क्या आपने कभी इसका फायदा उठाया है, या कोई सवाल है योजना के बारे में? 😊
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"एक देश, एक राशन कार्ड" (One Nation One Ration Card - ONORC) योजना भारत सरकार की एक बहुत ही उपयोगी और क्रांतिकारी पहल है।
इस योजना के तहत:
अब देश के किसी भी कोने में, किसी भी राज्य की उचित मूल्य दुकान (Fair Price Shop) से आप अपना हक़ का सब्सिडी वाला राशन (जैसे चावल, गेहूं आदि) ले सकते हैं।
काम बदले या जगह बदले — सुविधा जारी रहेगी। प्रवासी मजदूरों, छात्रों या परिवार के सदस्यों के लिए ये बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि पहले राशन सिर्फ घर के राज्य की दुकान पर ही मिलता था।
ये योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चल रही है और आधार/बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से जुड़ी है।
वर्तमान स्थिति (2026 तक):
योजना पूरे भारत के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी तरह लागू हो चुकी है।
लाखों करोड़ से ज्यादा पोर्टेबल लेनदेन हो चुके हैं — यानी 80 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी इसका फायदा उठा चुके हैं, और हर महीने करोड़ों लेनदेन हो रहे हैं।
"मेरा राशन" ऐप से आप रीयल-टाइम जानकारी चेक कर सकते हैं, जैसे दुकान की लोकेशन, बाकी राशन का स्टेटस आदि।
ये योजना खासकर प्रवासी मजदूरों, निर्माण कार्यकर्ताओं और उन लोगों के लिए वरदान साबित हुई है जो रोजगार की तलाश में एक राज्य से दूसरे में जाते हैं।
अगर आपके पास राशन कार्ड है और आधार लिंक है, तो आप कहीं भी जाकर अपना राशन ले सकते हैं। कोई समस्या हो या स्टेटस चेक करना हो, तो NFSA पोर्टल (nfsa.gov.in) या राज्य की फूड सप्लाई वेबसाइट पर देखें? 😊
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संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी
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