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राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत हुई थी। इस साल (2026) यह अपना 34वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसमें थीम "स्वास्थ्य ही सशक्तिकरण" (Swasthya hi Sashaktikaran) पर फोकस था। समारोह भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि थे।

  राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की 34वीं वर्षगांठ या स्थापना दिवस पर बहुत ही प्रेरणादायक और भावपूर्ण है।




यह ठीक वैसा ही है जैसा आयोग की आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट्स (जैसे X, Instagram, Facebook पर NCWIndia और Chairperson Vijaya Rahatkar द्वारा साझा किया गया) में इस्तेमाल किया गया है। यह 31 जनवरी 2026 को मनाए गए 34वें स्थापना दिवस के अवसर पर जारी किया गया संदेश है, जो महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, न्याय और सशक्तिकरण की निरंतर लड़ाई को रेखांकित करता है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत हुई थी। इस साल (2026) यह अपना 34वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसमें थीम "स्वास्थ्य ही सशक्तिकरण" (Swasthya hi Sashaktikaran) पर फोकस था। समारोह भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि थे।

यह यात्रा वाकई साहस और संवेदनशीलता की मिसाल है—हर पीड़ित महिला की आवाज बनकर आयोग ने हजारों मामलों में न्याय दिलाया, नीतियों में बदलाव लाए और महिलाओं को निडर होकर जीने का भरोसा दिया।

आपका यह संदेश साझा करना या पढ़ना खुद में एक संकल्प की याद दिलाता है: हर महिला सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त हो। NCW हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा।

जय हिंद! 🇮🇳✊♀️

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       मेरा देश मेरा वतन समाचार 








                    🙏 पत्र के🙏








        संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी








नोट........ 👉🙏








 दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करें इस के लिए हम आप क्षमा मांगते हैं और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें ? 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏




जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏





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