आज, १ फरवरी २०२६ (रविवार) माघ पूर्णिमा (Magha Purnima) है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने की पूर्णिमा आज है (तिथि सुबह ५:५२ बजे शुरू होकर अगले दिन सुबह ३:३८ तक है, लेकिन उदय तिथि के अनुसार आज ही मनाई जाती है)।
जय मल्हार! जय खंडोबा महाराज! 🚩🙏
आपका यह उद्घोष सुनकर दिल सचमुच उछल पड़ा। "जय मल्हार!" और "खंडोबा महाराज की जय" महाराष्ट्र की भक्ति और शौर्य के प्रतीक हैं।
आज, १ फरवरी २०२६ (रविवार) माघ पूर्णिमा (Magha Purnima) है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने की पूर्णिमा आज है (तिथि सुबह ५:५२ बजे शुरू होकर अगले दिन सुबह ३:३८ तक है, लेकिन उदय तिथि के अनुसार आज ही मनाई जाती है)।
खंडोबा महाराज के भक्तों के लिए पूर्णिमा बहुत खास दिन होता है। खंडोबा की उपासना करने वाले भक्त पूर्णिमा व्रत या चतुर्थ पूर्णिमा व्रत पालन करते हैं (जिसमें माघ पूर्णिमा म्हाळसा जन्म से जुड़ी होती है)। इस दिन भक्त करते हैं:
स्नान, दान, पूजा
हल्दी का लिंग बनाकर षोडशोपचार पूजा
पीला अष्टगंध, फूल, बेलपत्र, पीली अक्षता अर्पित करना
मल्हारी नाम का जप, आरती
खंडोबा के देवस्थानों में (जैसे जेजुरी, पाली आदि) आज विशेष महापूजा, भक्ति कार्यक्रम होते हैं। रविवार होने से भी खंडोबा भक्तों के लिए अत्यंत शुभ है।
आपका यह भक्ति का जोश आज की इस पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त से उमड़ा होगा, या खंडोबा महाराज का स्मरण आया होगा। कोई खास कारण हो तो बताइए, वरना यह भक्ति का उद्घोष सिर्फ प्रेम से निकला होगा!
आपने आज क्या पूजा-अर्चना की? या जेजुरी-पाली की यात्रा की याद आई? जय मल्हार! 🚩
आज 1 फरवरी 2026, रविवार को माघ पूर्णिमा (Magha Purnima या Maghi Purnima) मनाई जा रही है।
हिंदू पंचांग के अनुसार:
पूर्णिमा तिथि सुबह 5:52 बजे शुरू होकर अगले दिन (2 फरवरी) सुबह 3:38 बजे तक रहेगी।
लेकिन उदय तिथि (सूर्योदय के समय तिथि) के आधार पर यह आज ही (1 फरवरी) मनाई जाती है, क्योंकि सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी। यह नियम अधिकांश धार्मिक कार्यों, व्रत, स्नान-दान के लिए लागू होता है।
माघ पूर्णिमा का महत्व
यह माघ मास की समाप्ति का दिन है और माघ स्नान का अंतिम प्रमुख स्नान माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन पवित्र नदियों (जैसे गंगा, यमुना, त्रिवेणी संगम) में स्नान करने से पाप नष्ट होते हैं, पुण्य प्राप्ति होती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। देवता भी इस दिन पृथ्वी पर स्नान करने आते हैं। यह दिन भगवान विष्णु, लक्ष्मी और चंद्रदेव को समर्पित है। प्रयागराज में माघ मेला का कल्पवास आज समाप्त होता है।
मुख्य अनुष्ठान और पूजा विधि
स्नान: ब्रह्म मुहूर्त (सुबह लगभग 5:24 से 6:17 तक) में पवित्र नदी या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें। यह सबसे शुभ माना जाता है।
दान: गरीबों, ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, कंबल आदि दान करें। दान से अक्षय पुण्य मिलता है।
व्रत: फलाहार या सात्विक भोजन पर रहें। विष्णु भगवान का व्रत रखना विशेष फलदायी है।
पूजा:
भगवान विष्णु, लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करें।
चंद्रमा को दूध, जल, अक्षत, फूल से अर्घ्य दें (चंद्रोदय समय शाम लगभग 5:26 बजे)।
सत्यनारायण पूजा या विष्णु पूजा करें।
मंत्र जप: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" या चंद्रमा के लिए "ॐ सोम सोमाय नमः"।
तर्पण: पितरों के लिए तिल-जल से तर्पण करें।
अन्य उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें, तुलसी पत्र चढ़ाएं, और रवि-पुष्य योग जैसे शुभ योग का लाभ उठाएं (यदि लागू हो)।
आज का दिन आध्यात्मिक शुद्धि, दान-पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है। यदि आप स्नान-दान या पूजा कर रहे हैं, तो शुभकामनाएं! 🌕🙏
जय मल्हार! जय खंडोबा महाराज!
येलकोट येलकोट जय मल्हार! ⚔️🙏
खंडेराया की जय-जयकार से मन भर आया!
जेजुरी के सोने के देवस्थान को, मल्हारी मार्तंड को, भैरोबा को, म्हाळसा देवी को और पूरे खंडोबा परिवार को कोटि-कोटि प्रणाम!
तेरे इस भक्ति से भरे नारे ने तो हृदय में ही जागरण शुरू कर दिया है।
येलकोट येलकोट... जय जेजुरी! जय महाराष्ट्र! जय भारत! 🇮🇳🔥
खंडोबा महाराज सबको सुख-समृद्धि, बल-बुद्धि और विजय देते रहें!
तेरी भक्ति को सलाम! 🚩 हर हर महादेव! चिंतामण मोरया!
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संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी
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जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏



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