Skip to main content

जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (Jagadguru Ramanandacharya Swami Rambhadracharya) एक प्रमुख हिंदू आध्यात्मिक नेता, विद्वान, कवि, लेखक, दार्शनिक और रामकथा वाचक हैं। वे रामानंद संप्रदाय के चार वर्तमान जगद्गुरु रामानंदाचार्यों में से एक हैं और 1988 से इस पद पर आसीन हैं

 जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (Jagadguru Ramanandacharya Swami Rambhadracharya) एक प्रमुख हिंदू आध्यात्मिक नेता, विद्वान, कवि, लेखक, दार्शनिक और रामकथा वाचक हैं। वे रामानंद संप्रदाय के चार वर्तमान जगद्गुरु रामानंदाचार्यों में से एक हैं और 1988 से इस पद पर आसीन हैं।



जन्म और प्रारंभिक जीवन

जन्म: 14 जनवरी 1950 (मकर संक्रांति के दिन), उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शांडीखुर्द (या सांडीखुर्द) गांव में।

पूर्वाश्रम नाम: गिरिधर मिश्र।

परिवार: वसिष्ठ गोत्रीय सरयूपारीण ब्राह्मण परिवार। पिता का नाम पंडित राजदेव मिश्र, माता का नाम शची देवी।

मात्र दो महीने की आयु में ट्रैकोमा रोग के कारण वे नेत्रहीन (प्रज्ञाचक्षु) हो गए, लेकिन ब्रेल लिपि का उपयोग किए बिना ही अपनी असाधारण स्मृति और श्रवण शक्ति से शिक्षा ग्रहण की।

शिक्षा और विद्वत्ता

वे संस्कृत के प्रकांड पंडित हैं और 22 भाषाओं के ज्ञाता हैं। वे आशुकवि (spontaneous poet) हैं, अर्थात् वे मौके पर ही काव्य रचना कर सकते हैं। उन्होंने अब तक 80 से अधिक ग्रंथ रचे हैं, जिनमें महाकाव्य, टीकाएं, दार्शनिक ग्रंथ और रामायण-महाभारत पर भाष्य शामिल हैं।

प्रमुख उपलब्धियां और योगदान

तुलसी पीठ के संस्थापक और अध्यक्ष (चित्रकूट में स्थित, तुलसीदास जी के नाम पर)।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय (JRHRU) के संस्थापक और आजीवन कुलाधिपति। यह विश्वविद्यालय विशेष रूप से विकलांग छात्रों के लिए है और स्नातक-पोस्टग्रेजुएट कोर्स चलाता है।

अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट (तत्कालीन इलाहाबाद हाईकोर्ट) में भगवान राम की ओर से गवाही दी, वेद-पुराणों के उद्धरणों से पक्ष रखा।

रामकथा, भागवत कथा और प्रवचनों के माध्यम से लाखों भक्तों को प्रेरित करते हैं। उनकी हनुमान चालीसा की व्याख्या और रामचरितमानस पर गहन टीकाएं प्रसिद्ध हैं।

पुरस्कार: पद्म विभूषण (भारत सरकार द्वारा), महामहोपाध्याय, धर्मचक्रवर्ती आदि कई सम्मान प्राप्त।

वर्तमान स्थिति

वे चित्रकूट (मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश सीमा पर) में तुलसी पीठ आश्रम में निवास करते हैं। उनकी कथाएं और प्रवचन नियमित रूप से YouTube, Facebook और Instagram पर लाइव प्रसारित होते हैं। उनकी आधिकारिक वेबसाइट jagadgururambhadracharya.org है, जहां उनकी कथाओं और कार्यक्रमों की जानकारी मिलती है।

वे राम भक्ति, सेवा (विशेषकर विकलांगों की) और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित हैं। उनकी वाणी में राम-नाम की गूंज और गहन ज्ञान दोनों ही झलकते हैं।

जय श्री राम!

नमो राघवाय! 🙏



यह जानकारी जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी (पूर्व नाम: गिरिधर मिश्र) के जन्म और नामकरण से संबंधित है।

14 जनवरी 1950 को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शांडीखुर्द (या सचिपुरम) गांव में उनका जन्म हुआ था। उनका बचपन का नाम गिरिधर मिश्र रखा गया, जो उनकी परदादी (पितामह पंडित सूर्यबली मिश्र की चचेरी बहन) ने दिया था।

परदादी मीराबाई की अनन्य भक्त थीं। मीराबाई अपनी भक्ति रचनाओं में भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम और समर्पण से "गिरिधर गोपाल", "गिरिधर नागर" आदि नामों से संबोधित करती थीं—जैसे प्रसिद्ध पद में:

"मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई"।

"गिरिधर" अर्थात् गोवर्धन पर्वत को धारण करने वाले कृष्ण। इसी भक्ति भावना से प्रभावित होकर परदादी ने नवजात शिशु का नाम गिरिधर रखा, ताकि वह कृष्ण भक्ति के प्रतीक बने।

बाद में, उन्होंने संन्यास ग्रहण कर जगद्गुरु रामभद्राचार्य के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त की। वे संस्कृत विद्वान, रामचरितमानस के मर्मज्ञ, 22 भाषाओं के ज्ञाता, विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक और रामानंद संप्रदाय के जगद्गुरु हैं। मात्र दो महीने की आयु में ट्रेकोमा बीमारी से नेत्रहीन होने के बावजूद उन्होंने अपनी प्रज्ञा से अद्भुत कार्य किए।

यह एक बहुत ही प्रेरणादायक और भक्ति से जुड़ा प्रसंग है!

🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 🙏 








       मेरा देश मेरा वतन समाचार 








                    🙏 पत्र के🙏








        संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी








नोट........ 👉🙏








 दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करें इस के लिए हम आप क्षमा मांगते हैं और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें ? 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏




जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏


Comments

Popular posts from this blog

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी)

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी) वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क विवरण वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों को देशभर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से सब्सिडी वाले अनाज प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। यह योजना सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें असम हाल ही में शामिल हुआ है। योजना के तहत राशन कार्ड को आधार से सीड करने की आवश्यकता होती है। योजना से संबंधित शिकायतों, जानकारी या सहायता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14445 उपलब्ध है। इसके अलावा, सामान्य PDS हेल्पलाइन नंबर 1967 है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्थानीय नंबर भी हैं। नीचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य संपर्क विवरण दिए गए हैं (मुख्यालय का पता, फोन नंबर और ईमेल जहां उपलब्ध)। ये विवरण आधिकारिक स्रोतों से संकलित हैं। यदि आपको मोबाइल नंबर की आवश्यकता है, तो आधार से लिंक्ड रजिस्टर्ड मोबाइल का उपयोग करें, क्योंकि योजना में...

हाइब्रिड टेक्नोलॉजी फ़ॉर एन्हान्सिंग क्रॉप प्रॉडक्टिविटी नामक विषय पर तीन दिवसीस नैशनल सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) का आयोजन

 हाइब्रिड टेक्नोलॉजी फ़ॉर एन्हान्सिंग क्रॉप प्रॉडक्टिविटी नामक विषय पर तीन दिवसीस नैशनल सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) का आयोजन दि ट्रस्ट फ़ॉर एडवांसमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चरल साइंसेस (टास) द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् और सी.जी.आई.ए.आर. के इक्रीसैट (इंडिया), इंटरनैशनल मेज़ एंड व्हीट इंप्रूवमेंट सैंटर (सिमिट), मैक्सिको; इंटरनैशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, फ़िलिपीन्स और इंडियन सोसाइटी ऑफ़ प्लान्ट जैनेटिक रिसोर्सेस जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर हाइब्रिड टेक्नोलॉजी फ़ॉर एन्हान्सिंग क्रॉप प्रॉडक्टिविटी नामक विषय पर तीन दिवसीय एक नैशनल सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी राजधानी दिल्ली में पूसा कैंपस के एन.ए.एस.सी. कॉम्प्लैक्स में स्थित ए.पी. शिंदे सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) हॉल में 8 से 10 जनवरी - 2025 तक आयोजित की जा रही है। मुख्य अतिथि के रूप में माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी के प्रिंसिपल सैक्रेट्री, डॉ. पी.के. मिश्रा ने इस संगोष्ठी का शुभारंभ किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक, डॉ. हिमांशु पाठक के साथ प्रॉटेक्शन ऑफ़ प्लान्ट वैराइटीज़ एंड फ़ार्मर्...

भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 साठी प्रचार (campaign) बंद होण्याची तारीख आणि वेळ: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोगाने जाहीर केलेल्या कार्यक्रमानुसार, ही निवडणूक १५ जानेवारी २०२६ रोजी होणार आहे (मतदान ७:३० AM ते ५:३० PM पर्यंत).

 भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। 29 महानगरपालिकाओं (जिसमें BNCMC भी शामिल है) के लिए एक ही चरण में चुनाव हो रहे हैं। सामान्य नियमों के अनुसार, प्रचार मतदान शुरू होने से ठीक पहले मतदान के दिन सुबह 7:30 बजे तक बंद हो जाता है (यानी 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित)। कुछ स्थानीय निकायों में प्रचार पिछले दिन रात 10 बजे तक बंद होता है, लेकिन महानगरपालिका चुनावों (जैसे BMC, BNCMC आदि) के लिए आधिकारिक रूप से प्रचार समाप्ति मतदान शुरू होने के समय (15 जनवरी सुबह 7:30 बजे) मानी जाती है। मुख्य तिथियाँ (संक्षेप में): नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025 नामांकन की जांच: 31 दिसंबर 2025 नाम वापसी की अंतिम तिथि: 2 जनवरी 2026 अंतिम उम्मीदवार सूची: 3 जनवरी 2026 मतदान: 15 जनवरी 2026 (7:30 AM से 5:30 PM) मतगणना: 16 जनवरी 2026 प्...