टिटवाला गणपति मंदिर की जानकारी और रहस्य
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कल्याण तालुका के टिटवाला शहर.....
टिटवाला गणपति मंदिर, जिसे श्री सिद्धिविनायक महागणपति मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कल्याण तालुका के टिटवाला शहर में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह भगवान गणेश को समर्पित है और मुंबई से करीब 50-60 किमी दूर है। यह मंदिर अपनी पौराणिक कथाओं, इतिहास और मनोकामनाएं पूरी करने की मान्यता के लिए जाना जाता है।
मंदिर का इतिहास और कथा
यह स्थान महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है। यहां ऋषि कण्व का आश्रम था, जिन्होंने शकुंतला को गोद लिया था। शकुंतला का जन्म और पालन-पोषण यहीं हुआ।
कथा के अनुसार, शकुंतला ने राजा दुष्यंत से विवाह किया, लेकिन दुष्यंत ने उन्हें भुला दिया (दुर्वासा ऋषि के श्राप से)। शकुंतला की मनोकामना पूरी करने और उनके वैवाहिक जीवन को जोड़ने के लिए गणेश जी ने सपने में आकर मंदिर बनाने का आदेश दिया। शकुंतला ने अपने पुत्र भरत की मदद से इस मंदिर की स्थापना की।
कुछ कथाओं में कहा जाता है कि मंदिर पांडव काल में बना था, जो बाद में नष्ट हो गया। वर्तमान मंदिर की खोज पेशवा माधवराव के शासनकाल में हुई, जब सूखे के समय तालाब की सफाई के दौरान स्वयंभू (प्राकृतिक रूप से प्रकट) गणेश मूर्ति मिली।
मंदिर का पुनर्निर्माण 18वीं शताब्दी में हुआ और 1965-66 में इसका जीर्णोद्धार किया गया।
मंदिर का रहस्य और विशेष मान्यता
रहस्य: मंदिर की सबसे बड़ी "रहस्यमयी" बात यह है कि यहां गणेश जी की पूजा से वैवाहिक क्लेश दूर होते हैं और अलग हुए दंपति फिर जुड़ जाते हैं। लोग मानते हैं कि यहां मांगी गई मनोकामना (खासकर विवाह या पारिवारिक सुख से जुड़ी) जरूर पूरी होती है। यह मान्यता शकुंतला-दुष्यंत की कथा से जुड़ी है, जहां गणेश जी ने उनके अलगाव को दूर किया।
यह मंदिर "विवाह गणपति" या "क्लेश निवारक गणपति" के रूप में प्रसिद्ध है। अंगारिका चतुर्थी (मंगलवार वाली संकष्टी चतुर्थी) पर यहां लाखों भक्त आते हैं।
कोई अलौकिक "रहस्य" जैसे छिपे खजाने या भूत-प्रेत की कहानियां नहीं मिलतीं, बल्कि यह आस्था और चमत्कारों से जुड़ा है।
मंदिर की विशेषताएं
मुख्य मूर्ति स्वयंभू है और दाहिनी सूंड वाली (सिद्धि देने वाली)।
मंदिर परिसर में अष्टविनायक की मूर्तियां, शिवलिंग और विठोबा मंदिर भी है।
पास में टिटवाला तालाब है, जहां बोटिंग की सुविधा है।
मंदिर महाराष्ट्रीयन शैली में बना है, सुंदर नक्काशी वाली दीवारें और स्तंभ हैं।
दर्शन समय
सुबह 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक (दोपहर 1:00 से 2:00 बजे तक बंद)।
त्योहारों पर पूरे दिन खुला रहता है।
यह मंदिर शांति और आस्था का केंद्र है। अगर आप मुंबई या आसपास हैं, तो ट्रेन से टिटवाला स्टेशन उतरकर आसानी से पहुंच सकते हैं।
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