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श्री काल भैरव भिवंडी: एक परिचय 12 अक्टूबर 2025

भिवंडी शहर क्षेत्र में..... 

 श्री काल भैरव भिवंडी: एक परिचय

12 अक्टूबर 2025





भिवंडी, महाराष्ट्र के ठाणे जिले का एक व्यस्त शहर, अपनी औद्योगिक उन्नति के साथ-साथ आध्यात्मिक धरोहरों के लिए भी जाना जाता है। इस शहर के ब्राह्मण आली पोस्ट ऑफिस के बाजू में,क्षेत्र में स्थित श्री काल भैरव मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थल है, जो भगवान शिव के उग्र रूप श्री काल भैरव की कृपा का प्रतीक है। यह मंदिर न केवल भक्तों का आस्था केंद्र है, बल्कि भिवंडी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का अभिन्न अंग भी है। 


आइए, इस मंदिर के इतिहास, महत्व और विशेषताओं पर एक नजर डालें।

मंदिर का इतिहास

श्री काल भैरव मंदिर की स्थापना लगभग 250 वर्ष पूर्व हुई थी। स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, ब्राह्मण आली भिवंडी के क्षेत्र में कभी अजीब घटनाओं, भय और दुर्घटनाओं का साया मंढराता था। लोग इसे नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव मानते थे।


 सम्मानित डॉ राम भोसले इनके प्रेरणा से भगवान श्री काल भैरव के मंदिर का सन 1999 से 2000 में मंदिर का निर्माण हुआ.तब से लेकर आज तक इस मंदिर में सुबह में 8:30 बजे पूजा होती है और भगवान श्री काल भैरव को भिवंडी का रक्षक माना जाने लगा।

मंदिर का स्वरूप और पूजा-पद्धति तथा

मंदिर की वास्तुकला सरल लेकिन पारंपरिक है। गर्भगृह में भगवान श्री काल भैरव की मूर्ति विराजमान है, जो मुद्रा में खड़े हैं। उनके हाथों में शस्त्र और कपाल (खोपड़ी का पात्र) हैं, जो बुराई और अहंकार के विनाश का प्रतीक हैं। मूर्ति को फूलों, रुद्राक्ष की मालाओं और पारंपरिक आभूषणों से सजाया जाता है।






भक्त यहां नारियल, तेल, काला कपड़ा और फूल चढ़ाते हैं। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। कालाष्टमी (मासिक भैरव अष्टमी) और काल भैरव जयंती जैसे पर्वों पर तो मंदिर को विशेष उत्साह से सजाया जाता है।   

  वार्षिक जयंती के अवसर पर विशेष 

 पूजा, हवन और भंडारे का आयोजन होता है।

महत्व और लाभ

भगवान श्री काल भैरव समय के रक्षक, धर्म के पालक और भक्तों के संरक्षक हैं। इस मंदिर में पूजा करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

भय और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति: श्री काल भैरव बाधाओं को दूर करते हैं।


कानूनी मामलों में विजय: न्याय और सफलता प्रदान करते हैं।

मानसिक शांति और साहस: कठिन परिस्थितियों में मार्गदर्शन देते हैं।

कर्म बंधनों से छुटकारा: आध्यात्मिक उन्नति और अनुशासन का आशीर्वाद देते हैं।

यह मंदिर भिवंडी के निवासियों के लिए एक मजबूत आध्यात्मिक आधार है, जहां दैनिक जीवन की चुनौतियों के बीच शांति और सुरक्षा की कामना की जाती है। यदि आप भिवंडी आते हैं, तो इस पवित्र स्थल का दर्शन अवश्य करें—यह न केवल आस्था बढ़ाएगा, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करेगा ? 

जय श्री काल भैरव!

नोट: मंदिर के दर्शन का समय (सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक ) 

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        संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी




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