पत्रकारों के अधिकार: कवरेज में बाधा डालना अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) लागू हो चुकी है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। जनहित में खबर कवरेज करते समय किसी को रोकना, धमकाना, कैमरा तोड़ना या वीडियो डिलीट कराना कानूनी अपराध हो सकता है। नीचे सामान्य परिस्थितियों में लागू हो सकने वाले मुख्य प्रावधान दिए गए हैं (यह सामान्य जानकारी है, हर केस तथ्यों पर निर्भर करता है): 1. कवरेज से रोकना / रास्ता रोकना / बाधा डालना BNS धारा 126 – सदोष अवरोध (Wrongful Restraint) किसी व्यक्ति को उसके अधिकार वाले रास्ते पर आगे बढ़ने से जानबूझकर रोकना। सजा: एक महीने तक साधारण कारावास या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों। BNS धारा 127 – सदोष परिरोध (Wrongful Confinement) किसी को निश्चित सीमाओं के अंदर रोकना। नोट: पत्रकार कानूनी रूप से “लोक सेवक” नहीं होते। इसलिए BNS धारा 221 (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकना) सीधे तौर पर पत्रकारों पर लागू नहीं होती। 2. कैमरा तोड़ना / उपकरण नुकसान / वीडियो डिलीट कराना BNS धारा 324 – रिष...
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