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क्रोध भैरव (Krodha Bhairav): अष्ट भैरवों में चतुर्थ स्वरूप

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मकर संक्रांति 2026 में 14 जनवरी (बुधवार) को मनाई जाएगी।

 मकर संक्रांति 2026 में 14 जनवरी (बुधवार) को मनाई जाएगी। यह त्योहार सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश (संक्रांति) के साथ जुड़ा है, जो उत्तरायण की शुरुआत दर्शाता है। अधिकांश प्रमुख पंचांगों (जैसे दृक पंचांग) और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार: संक्रांति क्षण: 14 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 3:13 बजे (IST)। पुण्य काल: दोपहर 3:13 बजे से शुरू होकर शाम तक (लगभग 4:58 बजे तक महापुण्य काल)। स्नान, दान, सूर्य को अर्घ्य, पूजा और खिचड़ी/तिल-गुड़ का दान इसी दिन करना सबसे शुभ माना जाता है। कुछ स्थानीय परंपराओं या पंचांगों में 15 जनवरी का उल्लेख हो सकता है (खासकर अगर संक्रांति रात में होती तो अगले दिन मनाते), लेकिन 2026 में गोचर दिन के समय होने से 14 जनवरी ही मुख्य तिथि है। मुंबई/भारत में आमतौर पर इसी दिन पतंगबाजी, तिल-गुड़ खाना, खिचड़ी बनाना और उत्सव मनाया जाता है। शुभकामनाएं! 🌞🪁  मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो मुख्य रूप से सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश (संक्रांति) के दिन मनाया जाता है। यह आमतौर पर 14 या 15 जनवरी को पड़ता है। मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है? इस त्...

पशुपतिनाथ (Pashupatinath) भगवान शिव के सबसे प्रमुख रूपों में से एक हैं, जिन्हें पशुओं के स्वामी या सभी जीवों के रक्षक कहा जाता है। "पशु" का अर्थ है प्राणी/जीव और "पति/नाथ" का अर्थ है स्वामी या मालिक।

पशुपतिनाथ (Pashupatinath) भगवान शिव के सबसे प्रमुख रूपों में से एक हैं, जिन्हें पशुओं के स्वामी या सभी जीवों के रक्षक कहा जाता है। "पशु" का अर्थ है प्राणी/जीव और "पति/नाथ" का अर्थ है स्वामी या मालिक। सबसे प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के तट पर स्थित है। यह नेपाल का सबसे पवित्र हिंदू मंदिर है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। मुख्य विशेषताएँ मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर पगोडा शैली में बना है, जिसमें सुनहरी छत और चाँदी के दरवाजे हैं। गर्भगृह में चार मुखों वाला (चतुर्मुखी) शिवलिंग स्थापित है, जो बहुत दुर्लभ है। केवल हिंदू ही मुख्य मंदिर के अंदर जा सकते हैं; गैर-हिंदू नदी के उस पार से मंदिर देख सकते हैं। बागमती नदी के घाटों पर अंतिम संस्कार (cremation) होते हैं, क्योंकि मान्यता है कि यहाँ अंतिम संस्कार से मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु आते हैं, और यहाँ सद्गुरु, साधु-संन्यासी भी बड़ी संख्या में दिखते हैं। अन्य प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर, मध्य प्रदेश (भारत) — अष्टमुखी (8 मुखों वाला) पशुपतिनाथ मंदिर, शिवना ...

भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 साठी प्रचार (campaign) बंद होण्याची तारीख आणि वेळ: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोगाने जाहीर केलेल्या कार्यक्रमानुसार, ही निवडणूक १५ जानेवारी २०२६ रोजी होणार आहे (मतदान ७:३० AM ते ५:३० PM पर्यंत).

 भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका (BNCMC) सार्वत्रिक निवडणूक 2025-26 के लिए प्रचार (campaign) बंद होने की तारीख और समय: महाराष्ट्र राज्य निवडणूक आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाला है (मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। 29 महानगरपालिकाओं (जिसमें BNCMC भी शामिल है) के लिए एक ही चरण में चुनाव हो रहे हैं। सामान्य नियमों के अनुसार, प्रचार मतदान शुरू होने से ठीक पहले मतदान के दिन सुबह 7:30 बजे तक बंद हो जाता है (यानी 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित)। कुछ स्थानीय निकायों में प्रचार पिछले दिन रात 10 बजे तक बंद होता है, लेकिन महानगरपालिका चुनावों (जैसे BMC, BNCMC आदि) के लिए आधिकारिक रूप से प्रचार समाप्ति मतदान शुरू होने के समय (15 जनवरी सुबह 7:30 बजे) मानी जाती है। मुख्य तिथियाँ (संक्षेप में): नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 30 दिसंबर 2025 नामांकन की जांच: 31 दिसंबर 2025 नाम वापसी की अंतिम तिथि: 2 जनवरी 2026 अंतिम उम्मीदवार सूची: 3 जनवरी 2026 मतदान: 15 जनवरी 2026 (7:30 AM से 5:30 PM) मतगणना: 16 जनवरी 2026 प्...

१२ जानेवारी हा दिवस राजमाता जिजाऊ (जिजाबाई भोसले) यांची जयंती म्हणून मोठ्या उत्साहाने साजरा केला जातो.

 राजमाता जिजाऊ जयंतीनिमित्त हार्दिक शुभेच्छा! आज, १२ जानेवारी हा दिवस राजमाता जिजाऊ (जिजाबाई भोसले) यांची जयंती म्हणून मोठ्या उत्साहाने साजरा केला जातो. राजमाता जिजाऊ हे छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या मातोश्री होत्या. त्यांचा जन्म १२ जानेवारी १५९८ रोजी महाराष्ट्रातील बुलढाणा जिल्ह्यातील सिंदखेड राजा जवळ देऊळगाव येथे झाला. त्यांनी प्रतिकूल परिस्थितीतही अटल धैर्य, स्वाभिमान आणि स्वराज्याची संकल्पना शिवरायांच्या मनात रुजवली. त्यांच्या प्रेरणेने आणि मार्गदर्शनाने छत्रपती शिवाजी महाराजांनी हिंदवी स्वराज्याची स्थापना केली. ते केवळ एक माता नव्हत्या, तर एक योद्धा, प्रशासक आणि स्वराज्य जननी होत्या. त्यांचे जीवन आजही लाखो लोकांना प्रेरणा देतं! येथे राजमाता जिजाऊ यांच्या काही सुंदर चित्रे आणि स्मृती: राजमाता जिजाऊ आणि बाल शिवाजी यांचे हृदयस्पर्शी दृश्य: Bronze statue of young Shivaji and his mother jijamata in jijamata ... गेल्या काही वर्षांप्रमाणे आजही महाराष्ट्रात शाळा-कॉलेजमध्ये भाषणे, स्पर्धा, मिरवणुका आणि पूजा-अर्चना होतात. विशेषतः सिंदखेड राजा येथे थाटामाटात उत्सव साजरा होतो. काही हृदयस्पर...

12 जनवरी 2026 (सोमवार) को हम स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मना रहे हैं। यह दिन न केवल उनके जन्म की याद दिलाता है, बल्कि युवाओं को उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत जैसे उनके अमर संदेश से प्रेरित करता है।

स्वामी विवेकानंद जी (जन्म: 12 जनवरी 1863, कोलकाता) एक महान युवा सन्यासी, आध्यात्मिक गुरु, समाज सुधारक और राष्ट्रभक्त थे। वे श्री रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य थे और उन्होंने वेदांत दर्शन को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनका पूरा जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास, सेवा और युवा शक्ति में विश्वास से भरा हुआ था।  आज, 12 जनवरी 2026, सोमवार को हम राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहे हैं, जो स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के रूप में समर्पित है। यह दिन भारत के युवाओं के लिए एक विशेष प्रेरणा का स्रोत है। स्वामी विवेकानंद जी (जन्म: 12 जनवरी 1863, कोलकाता) एक महान युवा सन्यासी, आध्यात्मिक गुरु, समाज सुधारक और राष्ट्रभक्त थे। वे श्री रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य थे और उन्होंने वेदांत दर्शन को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनका पूरा जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास, सेवा और युवा शक्ति में विश्वास से भरा हुआ था। यहाँ उनके कुछ प्रेरक चित्र हैं जो उनकी युवा ऊर्जा और आध्यात्मिकता को दर्शाते हैं: उनका प्रसिद्ध शिकागो भाषण (1893) विश्व धर्म संसद में दिया गया था, जहाँ उन्होंने "बहनों और भाइयों" कहकर शुरूआत की औ...

आज 10 जनवरी 2026 है और पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day / Vishwa Hindi Diwas) बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है

  आज 10 जनवरी 2026 है और पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day / Vishwa Hindi Diwas) बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है! 🌍✨ विश्व हिंदी दिवस क्यों और कब मनाया जाता है? यह दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका मुख्य कारण ऐतिहासिक है: 10 जनवरी 1975 को नागपुर (महाराष्ट्र) में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन हुआ था। इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने किया था। इस सम्मेलन में 30 से अधिक देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। यहीं से हिंदी को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की नींव पड़ी। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आधिकारिक रूप से 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस घोषित किया। इस दिन का उद्देश्य है: हिंदी को सिर्फ भारत तक सीमित न रखकर वैश्विक भाषा के रूप में प्रचार-प्रसार करना दुनिया भर में हिंदी भाषियों को एकजुट करना हिंदी की सांस्कृतिक, साहित्यिक और भावनात्मक महत्ता को बढ़ावा देना राष्ट्रीय हिंदी दिवस से अंतर राष्ट्रीय हिंदी दिवस → 14 सितंबर को मनाया जाता है (1949 में संविधान सभा द्वारा हिंदी को राजभाषा के र...