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ठाणे जिल्ह्यात ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टीलायझर सेल’ ॲपद्वारे खत विक्री सुरळी २० दिवसांत ॲपद्वारे बुकिंग करून २९० मेट्रिक टन खताची विक्री; शेतकऱ्यांना घरबसल्या खत बुकिंगची सुविधा

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डिजिटल तकनीक से राशन वितरण हुआ आसान और पारदर्शी

 डिजिटल तकनीक से राशन वितरण हुआ आसान और पारदर्शी जनहित में विशेष भारत में वन नेशन वन कार्ड जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राशन वितरण प्रणाली को अब पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। ePoS (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया गया है। इस नई व्यवस्था से लाभार्थी का प्रमाणीकरण आसानी से हो जाता है और राशन वितरण का पूरा रिकॉर्ड तुरंत दर्ज हो जाता है। इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर अंकुश लगाने में मदद मिली है। डिजिटल तकनीक के इस कदम से पात्र लाभार्थियों तक सही समय पर सही मात्रा में राशन पहुंचाना सुनिश्चित हो रहा है। राशन कार्ड और ePoS मशीनों के जरिए अब वितरण प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल, तेज और विश्वसनीय हो गई है। यह डिजिटल क्रांति सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा जन-हितैषी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। जय हिंद | जय भारत | जय महाराष्ट्र धन्यवाद श्री दयाशंकर गुप्ता जी मो. 8087423075 🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 🙏              ...

वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC): गाँव का कार्ड, देशभर में राशन — लेकिन बायोमेट्रिक और सर्वर की समस्या बनी चुनौती

 वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC): गाँव का कार्ड, देशभर में राशन — लेकिन बायोमेट्रिक और सर्वर की समस्या बनी चुनौती  भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) ने लाखों प्रवासी मजदूरों और कामगारों के लिए राशन का अधिकार आसान बना दिया है।  अब अगर आपका राशन कार्ड गाँव का है और आप रोजी-रोजी कमाने दूसरे राज्य या शहर में रहते हैं, तो आपको राशन लेने के लिए गाँव वापस जाने की जरूरत नहीं है।  आप देशभर की किसी भी की राशन दुकान से अपना निर्धारित राशन ले सकते हैं। क्या है सुविधा? यदि आपका राशन कार्ड AAY (अंत्योदय अन्न योजना) या PHH (प्राथमिकता गृहस्थी) श्रेणी का है, तो अब कार्ड पर लिखी गई दुकान तक सीमित रहने की मजबूरी खत्म हो गई है।  आप अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड लेकर नजदीकी किसी भी राशन दुकान पर जाएं, e-PoS मशीन पर बायोमेट्रिक (अंगूठा या आईरिस) सत्यापन करवाएं और पूरा या आंशिक राशन आसानी से ले लें।  परिवार का बाकी हिस्सा गाँव में भी राशन उठा सकता है।  किसी नई रजिस्ट्रेशन या NOC की जरूरत नहीं है। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही...

विश्व तेली दिवस (Vishwa Teli Diwas या International Teli Day) मुख्य रूप से गणेश चतुर्थी के दिन ही मनाया जाता है। तेली (साहू) समाज इसे अपने गौरवशाली इतिहास, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर मनाता है।

विश्व तेली दिवस: गणेश चतुर्थी पर तेली-साहू समाज अपनी गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का उत्सव मनाता है हर साल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर तेली (साहू) समाज विश्व तेली दिवस या अंतर्राष्ट्रीय तेली दिवस मनाता है। यह दिन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि समाज के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। पौराणिक कथा और उत्पत्ति पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने अपने दिव्य बल से बालक गणेश का निर्माण कर द्वारपाल बनाया। भगवान शिव के आने पर गणेश ने उन्हें रोक दिया, जिससे क्रोधित शिव ने उनका सिर काट दिया। माता पार्वती के विलाप पर शिव ने दक्षिण दिशा की ओर मुंह किए किसी प्राणी का सिर लगाने का आदेश दिया। संयोग से एक व्यापारी (साहू) का हाथी वहां बैठा था। उसी हाथी का सिर गणेश के धड़ पर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित किया गया। हाथी की मृत्यु पर व्यापारी के दुख को देखकर भगवान शिव ने उसे मूसल और खरल (तेल निकालने का यंत्र) प्रदान किया और तिलहन से तेल निकालने की कला सिखाई। उसी व्यापारी को प्रथम तेली माना जाता है और वर्तमान तेली-साहू समाज उसे अपना पूर्वज मानता है। मूसल को शिव...

गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ!

 गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🙏 आज 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। मुख्य जानकारी: चतुर्थी तिथि: 14 सितंबर सुबह लगभग 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे तक। गणपति स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त (दिल्ली/सामान्य): सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक (मध्याह्न काल)। अन्य शहरों में मुहूर्त थोड़ा अलग हो सकता है (मुंबई में लगभग 11:20–1:48 आदि)। गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी): 25 सितंबर 2026। भगवान गणेश विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि के देवता हैं। आज घरों और पंडालों में उनकी मूर्ति स्थापित की जाती है, पूजा-अर्चना होती है और मोदक, लड्डू जैसे प्रसाद चढ़ाए जाते हैं।🙏 गणपति (गणेश) की उत्पत्ति की सबसे प्रचलित पौराणिक कथा शिव पुराण (रुद्र संहिता, कुमार खंड) आदि में वर्णित है।​ माता पार्वती एक बार स्नान करने जा रही थीं। वे चाहती थीं कि कोई उन्हें परेशान न करे। उनके पास अपने स्वामिभक्त द्वारपाल नहीं थे (शिव के गण मुख्यतः शिव की आज्ञा मानते थे)। इसलिए उन्होंने अपने शरीर पर लगाए गए हल्दी के उबटन (या शरीर के मैल/मिट्टी) से एक सुंदर बालक की आकृति बनाई और उसमें प्रा...

१४ सितंबर – हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳 आज १४ सितंबर २०२६ को पूरा देश हिंदी दिवस मना रहा है।

 १४ सितंबर – हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳 आज १४ सितंबर २०२६ को पूरा देश हिंदी दिवस मना रहा है। क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस? १४ सितंबर १९४९ को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की याद में हर साल यह दिन मनाया जाता है। संविधान के अनुच्छेद ३४३ में स्पष्ट लिखा है कि संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी। आज का महत्व हिंदी केवल भाषा नहीं, हमारी पहचान, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। यह दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और संस्थाओं में कविता पाठ, निबंध लेखन, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। २०२६ में आधिकारिक कार्यक्रम मुंबई में छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के साथ मनाया जा रहा है। कुछ शुभकामना संदेश: हिंदी हमारी शान है, हिंदी हमारी पहचान है। हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! आओ मिलकर हिंदी का मान बढ़ाएँ, देश में हिंदी का परचम लहराएँ। मातृभाषा का सम्मान करो, हिंदी से अपना प्यार बढ़ाओ। जय हिंदी! जय भारत! 🙏 आज 14 सितंबर है...

इस्कॉन भिवंडीच्या ‘मेगा किचन’ प्रकल्पाचे भूमिपूजन संपन्न

इस्कॉन भिवंडीच्या ‘मेगा किचन’ प्रकल्पाचे भूमिपूजन संपन्न दररोज १५ हजार गरजू व्यक्तींना प्रसादमय भोजन उपलब्ध करून देण्याचा संकल्प भिवंडी : इस्कॉन भिवंडी येथील श्री श्री राधा माधव मंदिराच्या वतीने राबविण्यात येणाऱ्या महत्त्वाकांक्षी ‘मेगा किचन प्रकल्पाचा’ भूमिपूजन सोहळा आज उत्साहपूर्ण आणि भक्तिमय वातावरणात संपन्न झाला. या प्रकल्पाच्या माध्यमातून दररोज तब्बल १५,००० भोजन तयार करून गरजूंपर्यंत पोहोचविण्याची क्षमता निर्माण होणार आहे. सध्या इस्कॉन भिवंडीच्या माध्यमातून दररोज सुमारे १,५०० मोफत भोजनाचे वितरण केले जाते. स्थलांतरित कामगार, गर्भवती महिला, शालेय विद्यार्थी, रोजंदारीवर काम करणारे कामगार, झोपडपट्टीतील रहिवासी, ज्येष्ठ नागरिक, बेघर व्यक्ती तसेच आर्थिकदृष्ट्या दुर्बल कुटुंबे अशा समाजातील विविध गरजू घटकांपर्यंत हे भोजन पोहोचविले जाते. कोरोना काळात २०० भोजनांपासून सुरू झालेली सेवा इस्कॉन भिवंडीने २०२० मध्ये कोरोना महामारीच्या काळात गरजूंसाठी मोफत भोजन वितरणाची सेवा सुरू केली. सुरुवातीला दररोज सुमारे २०० भोजनांचे वितरण करण्यात येत होते. समाजाची वाढती गरज लक्षात घेऊन ही सेवा वर्षागणिक विस्...