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मेरा राशन ऐप (Mera Ration App, अब ज्यादातर Mera Ration 2.0 के नाम से जाना जाता है) भारत सरकार का आधिकारिक मोबाइल ऐप है, जो Public Distribution System (PDS) और राशन कार्ड से जुड़ी सभी जानकारी आपके स्मार्टफोन पर उपलब्ध कराता है। यह वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का हिस्सा है, खासकर प्रवासी मजदूरों और आम नागरिकों के लिए बहुत उपयोगी है।

 मेरा राशन ऐप (Mera Ration App, अब ज्यादातर Mera Ration 2.0 के नाम से जाना जाता है) भारत सरकार का आधिकारिक मोबाइल ऐप है, जो Public Distribution System (PDS) और राशन कार्ड से जुड़ी सभी जानकारी आपके स्मार्टफोन पर उपलब्ध कराता है। यह वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का हिस्सा है, खासकर प्रवासी मजदूरों और आम नागरिकों के लिए बहुत उपयोगी है। मुख्य फायदे और सुविधाएं डिजिटल राशन कार्ड डाउनलोड करें (फोन में ही राशन कार्ड रखें) राशन की बाकी मात्रा (entitlements/balance) चेक करें पिछले 6 महीनों के ट्रांजेक्शन/राशन वितरण की डिटेल देखें नजदीकी फेयर प्राइस शॉप (FPS/राशन दुकान) लोकेट करें परिवार में नए सदस्य जोड़ें, नाम सुधारें या अपडेट करें Aadhaar लिंकिंग और e-KYC करें राशन कार्ड ट्रांसफर, सरेंडर, शिकायत दर्ज करें बिक्री रसीद (sale receipt) देखें और डाउनलोड करें कई भाषाओं में सपोर्ट (हिंदी, इंग्लिश आदि) यह ऐप पारदर्शिता बढ़ाता है और आपको कहीं से भी राशन से जुड़ी जानकारी देता है। कैसे डाउनलोड और इस्तेमाल करें (मोबाइल पर) Android फोन के लिए: Google Play Store खोलें और सर्च करें "Mera Ration" या ...

विश्व रेडियो दिवस (World Radio Day) हर साल 13 फरवरी को मनाया जाता है। आज ही का दिन है—13 फरवरी 2026! 🎙️📻

 विश्व रेडियो दिवस (World Radio Day) हर साल 13 फरवरी को मनाया जाता है। आज ही का दिन है—13 फरवरी 2026! 🎙️📻 यह अंतरराष्ट्रीय दिवस यूनेस्को (UNESCO) द्वारा 2011 में घोषित किया गया था और संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी। यह दिन 13 फरवरी 1946 को संयुक्त राष्ट्र रेडियो की स्थापना की याद में चुना गया है। विश्व रेडियो दिवस का महत्व रेडियो दुनिया का सबसे व्यापक माध्यम है, जो सबसे दूर-दराज के इलाकों तक सूचना, शिक्षा, मनोरंजन और आपातकालीन संदेश पहुंचाता है। यह: सूचना का लोकतंत्रीकरण करता है विविधता को बढ़ावा देता है समुदायों को जोड़ता है आज भी लाखों-करोड़ों लोगों के लिए विश्वसनीय साथी बना हुआ है, खासकर जहां इंटरनेट या टीवी नहीं पहुंच पाता। 2026 की थीम इस साल की थीम है: "रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक उपकरण है, आवाज नहीं" (English: "Radio and Artificial Intelligence: AI is a tool, not a voice.") यूनेस्को इस थीम के जरिए जोर दे रहा है कि AI रेडियो उत्पादन, अनुवाद, आर्काइविंग और पहुंच बढ़ाने में मददगार टूल हो सकता है,...

राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! आज, 13 फरवरी 2026 को, हम भारत की महान कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी और 'भारत कोकिला' सरोजिनी नायडू की जयंती पर राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं। यह दिन महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके अधिकारों और समाज में उनके अमूल्य योगदान को समर्पित है।

 राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! आज, 13 फरवरी 2026 को, हम भारत की महान कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी और 'भारत कोकिला' सरोजिनी नायडू की जयंती पर राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं। यह दिन महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके अधिकारों और समाज में उनके अमूल्य योगदान को समर्पित है। Sarojini Naidu (13 February, 1879 – 2 March, 1949) इतिहास और महत्व भारत में राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 13 फरवरी को मनाया जाता है, जो सरोजिनी नायडू (1879-1949) की जन्म तिथि है। सरोजिनी नायडू एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री और राजनीतिक नेता थीं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं और स्वतंत्र भारत की पहली महिला राज्यपाल (उत्तर प्रदेश) रहीं। उनका जीवन साहस, साहित्य और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। 1917 में उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई, जो आज भी प्रेरणा देता है। यह दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ-साथ लैंगिक समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान करता है। आज के दौर में, जब महिलाएं विज्ञान, खेल, राजन...

विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 को शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी

  विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 को शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी। यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। हिंदू पंचांग के अनुसार: एकादशी तिथि का आरंभ: 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को दोपहर 12:22 बजे से। एकादशी तिथि का समापन: 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को दोपहर 2:25 बजे तक। उदयातिथि (सूर्योदय के समय वाली तिथि) के आधार पर व्रत 13 फरवरी 2026 को ही रखा जाएगा। व्रत पारण का समय व्रत का पारण अगले दिन यानी 14 फरवरी 2026 (शनिवार) को सुबह के समय किया जाता है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार समय थोड़ा भिन्न हो सकता है (स्थानीय पंचांग देखें), लेकिन सामान्यतः: सुबह 7:00 बजे से 9:00-9:30 बजे तक (द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले)। उदाहरण: कई जगहों पर 7:00 AM से 9:14 AM तक या 7:23 AM से 9:21 AM तक। महत्व विजया एकादशी का व्रत रखने से: शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। बाधाएँ दूर होती हैं। रुके हुए कार्य सफल होते हैं। भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है। जीवन में सुख-समृद्धि, आत्मबल और सफलता आती है। पूजा विधि (संक्षेप में) सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की मूर्ति/चित्र की पूजा करें। फल, फूल, तुलसी, धूप-दीप से आरती करें।...

एक प्रयास महिला उन्नति संस्था द्वारा #मिशन_शक्ति के तहत महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बढते खतरे को लेकर शिक्षण संस्थानों मे चलाये जा रहे जागरूकता अभियान

नोएडा शहर......   "एक प्रयास"      महिला उन्नति संस्था द्वारा #मिशन_शक्ति के तहत महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बढते खतरे को लेकर शिक्षण संस्थानों मे चलाये जा रहे जागरूकता अभियान  के क्रम मे गत 5 फरवरी को नोएडा sec_62 स्थित Jaypee Institute of Information Technology सभागार मे पुलिस महिला सेल- वन स्टॉप सेंटर और साइबर सेल के विशेषज्ञ पैनल ने छात्र छात्राओं को जागरूक किया ।। कार्यक्रम की संयोजक रेनूबाला शर्मा जिलाध्यक्ष-गौतमबुद्धनगर व प्रभारी मिशन शक्ति अभियान और अमनदीप कौर (JIIT) को इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!! *मिशन_शक्ति*  *महिला उन्नति संस्था* 🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 🙏         मेरा देश मेरा वतन समाचार                      🙏 पत्र के🙏         संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी नोट........ 👉🙏  दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में ...

श्रीमती रमाबाई भीमराव आंबेडकर (जिन्हें प्रेम से रमाई, माता रमाई या रामू भी कहा जाता है) डॉ. भीमराव आंबेडकर (बाबासाहेब आंबेडकर) की पहली पत्नी थीं। वे बाबासाहेब के जीवन में एक मजबूत सहारा और त्याग की मिसाल बनीं। उनके बिना बाबासाहेब का संघर्ष और उच्च शिक्षा की यात्रा इतनी आसान नहीं होती।

 श्रीमती रमाबाई भीमराव आंबेडकर (जिन्हें प्रेम से रमाई, माता रमाई या रामू भी कहा जाता है) डॉ. भीमराव आंबेडकर (बाबासाहेब आंबेडकर) की पहली पत्नी थीं। वे बाबासाहेब के जीवन में एक मजबूत सहारा और त्याग की मिसाल बनीं। उनके बिना बाबासाहेब का संघर्ष और उच्च शिक्षा की यात्रा इतनी आसान नहीं होती। जन्म और प्रारंभिक जीवन जन्म: ७ फरवरी १८९८ (कुछ स्रोतों में १८९६-१८९७ भी बताया जाता है)। जन्मस्थान: महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के दापोली के निकट वानंद (वणंद) गाँव में। परिवार: एक बहुत गरीब दलित (महार) परिवार में जन्मीं। पिता का नाम भिकु धोत्रे (वलंगकर) था, जो मछली बेचने का काम करते थे (दाभोल बंदरगाह से टोकरियाँ भरकर बाजार तक ले जाते थे)। माता का नाम रुक्मिणी था। बचपन में ही माता-पिता दोनों का निधन हो गया। इसके बाद उनके मामा और चाचा ने उन्हें और उनके भाई-बहनों (तीन बहनें और एक भाई शंकर) का पालन-पोषण किया। वे मुंबई में रहने लगे। विवाह विवाह: अप्रैल १९०६ में बंबई (मुंबई) के बायकुला सब्जी बाजार के पास एक साधारण समारोह में हुआ। उस समय बाबासाहेब की उम्र लगभग १४-१५ वर्ष थी और रमाबाई की उम्र ९-१० वर्ष (कुछ ...

मुंबई और ठाणे जिले में राशन दुकानों (शिधावाटप दुकानें) की विधानसभा मतदारसंघ के आधार पर पुनर्रचना, वर्गीकरण और नए कार्यालयों की स्थापना से संबंधित लगती है। यह महाराष्ट्र सरकार के अन्न, नागरी पुरवठा विभाग की प्रशासकीय व्यवस्था से जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा और कार्यक्षमता बढ़ाना है।

   मुंबई और ठाणे जिले में राशन दुकानों (शिधावाटप दुकानें) की विधानसभा मतदारसंघ के आधार पर पुनर्रचना, वर्गीकरण और नए कार्यालयों की स्थापना से संबंधित लगती है। यह महाराष्ट्र सरकार के अन्न, नागरी पुरवठा विभाग की प्रशासकीय व्यवस्था से जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा और कार्यक्षमता बढ़ाना है। 1. वर्तमान मतदारसंघ और राशन दुकानों की संख्या क्रमांक मतदारसंघ क्रमांक मतदारसंघ का नाम दुकानों की संख्या 1 १३४ भिवंडी ग्रामीण ३० 2 १३९ मुरबाड ३२ 3 १७९ सायन कोळीवाडा १०४ 2. वर्तमान राशन कार्यालयों का पुनर्वर्गीकरण (वर्गीकरण) भिवंडी शिधावाटप कार्यालय — कुल ३० राशन दुकानें भिवंडी ग्रामीण क्षेत्र में आने के कारण, इन्हें भिवंडी ग्रामीण तहसील कार्यालय में वर्गीकृत किया जाएगा। बदलापूर शिधावाटप कार्यालय — ३२ राशन दुकानें मुरबाड क्षेत्र में आने के कारण, इन्हें मुरबाड तहसील कार्यालय में वर्गीकृत किया जाएगा। सायन कोळीवाडा मतदारसंघ (१७९) — १०४ राशन दुकानों के लिए कार्यालय को अ परिमंडळ कार्यालय से जोड़ा जाएगा। 3. पुनर्रचना के बाद नए कार्यालय (कुल ११ नए परिमंडळ कार्यालय) पुनर्रचना के बाद (विवर...