Skip to main content

शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु तीनों ने महज 23-24 साल की छोटी-सी उम्र में देश की आजादी के लिए फाँसी का फंदा चूम लिया। ये वो उम्र थी जब ज्यादातर लोग जीवन की शुरुआत करते हैं, लेकिन इन वीरों ने मौत को गले लगाकर अमरता प्राप्त की।

 शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु तीनों ने महज 23-24 साल की छोटी-सी उम्र में देश की आजादी के लिए फाँसी का फंदा चूम लिया। ये वो उम्र थी जब ज्यादातर लोग जीवन की शुरुआत करते हैं, लेकिन इन वीरों ने मौत को गले लगाकर अमरता प्राप्त की।



भगत सिंह (जन्म: 27/28 सितंबर 1907) — फाँसी के समय 23 वर्ष की उम्र में (23 मार्च 1931 को)।

सुखदेव थापर — फाँसी के समय 23 वर्ष की उम्र में।

शिवराम राजगुरु — फाँसी के समय 23 वर्ष की उम्र में (कुछ स्रोतों में थोड़ा अंतर, लेकिन सामान्यतः 23)।

कुछ जगहों पर भगत सिंह को 24 साल बताया जाता है, लेकिन ज्यादातर विश्वसनीय स्रोत (जैसे विकिपीडिया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड) उनकी उम्र 23 ही मानते हैं।

23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में अंग्रेजों ने तय समय से 11 घंटे पहले (शाम करीब 7:33 बजे) इन्हें फाँसी दे दी—क्योंकि वे इनके बढ़ते प्रभाव और जन-आंदोलन से डरते थे। तीनों हंसते-हंसते, "इंकलाब जिंदाबाद" के नारे लगाते हुए फाँसी पर चढ़े।

इनके बलिदान ने युवा पीढ़ी को आज भी प्रेरित किया कि उम्र कभी बाधा नहीं होती—जज्बा और विचार ही असली ताकत होते हैं।

शहीद दिवस पर इन महान सपूतों को शत-शत नमन!

इंकलाब जिंदाबाद! 🇮🇳



🇮🇳 शहीद दिवस की हार्दिक श्रद्धांजलि!

23 मार्च 1931... आज भी वह तारीख दिल में गूंजती है।

शहीद भगत सिंह जी, सुखदेव जी और राजगुरु जी — तीनों वीर सपूतों ने महज 23-24 साल की उम्र में देश के लिए फाँसी का फंदा चूम लिया।

उनका नारा आज भी हर भारतीय के सीने में धड़कता है —

“इंक़लाब ज़िन्दाबाद!”

आपके विनम्र अभिवादन के लिए धन्यवाद भाई।

इन अमर शहीदों को सलाम! 🙏

भारत माता की जय!

जय हिंद! 🇮🇳

आज शाम को एक बार फिर से याद करें इन वीरों को...

“सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है...” 🎤

🙏👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 🙏 






       मेरा देश मेरा वतन समाचार 






                    🙏 पत्र के🙏




        संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी




नोट........ 👉🙏




 दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करें इस के लिए हम आप क्षमा मांगते हैं और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें ? 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏




जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏




#samachar #news #KHABAR #dayashankargupta #news #dsg #fheshbook #instsgram #digitalcreator #sundar #song #gupta #daya #shankar #vidio #SAORT #bulandawaaznews #MeraDeshMeraWatanSamachar #dayakisoch #DSG #Maharashtra #india ❤️🔥💯✌🙏

Comments

Popular posts from this blog

हाइब्रिड टेक्नोलॉजी फ़ॉर एन्हान्सिंग क्रॉप प्रॉडक्टिविटी नामक विषय पर तीन दिवसीस नैशनल सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) का आयोजन

 हाइब्रिड टेक्नोलॉजी फ़ॉर एन्हान्सिंग क्रॉप प्रॉडक्टिविटी नामक विषय पर तीन दिवसीस नैशनल सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) का आयोजन दि ट्रस्ट फ़ॉर एडवांसमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चरल साइंसेस (टास) द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् और सी.जी.आई.ए.आर. के इक्रीसैट (इंडिया), इंटरनैशनल मेज़ एंड व्हीट इंप्रूवमेंट सैंटर (सिमिट), मैक्सिको; इंटरनैशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, फ़िलिपीन्स और इंडियन सोसाइटी ऑफ़ प्लान्ट जैनेटिक रिसोर्सेस जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर हाइब्रिड टेक्नोलॉजी फ़ॉर एन्हान्सिंग क्रॉप प्रॉडक्टिविटी नामक विषय पर तीन दिवसीय एक नैशनल सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी राजधानी दिल्ली में पूसा कैंपस के एन.ए.एस.सी. कॉम्प्लैक्स में स्थित ए.पी. शिंदे सिम्पोज़ियम (संगोष्ठी) हॉल में 8 से 10 जनवरी - 2025 तक आयोजित की जा रही है। मुख्य अतिथि के रूप में माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी के प्रिंसिपल सैक्रेट्री, डॉ. पी.के. मिश्रा ने इस संगोष्ठी का शुभारंभ किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक, डॉ. हिमांशु पाठक के साथ प्रॉटेक्शन ऑफ़ प्लान्ट वैराइटीज़ एंड फ़ार्मर्...

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी)

वन नेशन वन रेशन कार्ड (ओएनओआरसी) वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क विवरण वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों को देशभर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से सब्सिडी वाले अनाज प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। यह योजना सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें असम हाल ही में शामिल हुआ है। योजना के तहत राशन कार्ड को आधार से सीड करने की आवश्यकता होती है। योजना से संबंधित शिकायतों, जानकारी या सहायता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14445 उपलब्ध है। इसके अलावा, सामान्य PDS हेल्पलाइन नंबर 1967 है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्थानीय नंबर भी हैं। नीचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य संपर्क विवरण दिए गए हैं (मुख्यालय का पता, फोन नंबर और ईमेल जहां उपलब्ध)। ये विवरण आधिकारिक स्रोतों से संकलित हैं। यदि आपको मोबाइल नंबर की आवश्यकता है, तो आधार से लिंक्ड रजिस्टर्ड मोबाइल का उपयोग करें, क्योंकि योजना में...

सरकर की नई घोषणा अबकी बार जून महीने में दो बार मिलेगा फ्री राशन Free Ration Scheme

    सरकर की नई घोषणा अबकी बार जून महीने में दो बार मिलेगा फ्री राशन Free Ration Scheme केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर लोगों के लिए अनेक प्रकार की जन कल्याणकारी योजनाएं तथा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं ।  और वर्तमान में सरकार द्वारा राशन कार्ड धारकों को मुक्त में राशन वितरण की घोषणा की गई है।  इसके तहत लोगों को प्रत्येक महीने सरकार द्वारा फ्री में राशन उपलब्ध कराया जाता है राशन में गेहूं एवं चावल इत्यादि उपलब्ध होते हैं तथा उनके पास से किसी भी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जाता है  अर्थात बिल्कुल फ्री वितरण होते हैं क्योंकि सरकार द्वारा यह योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों तथा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए लाई गई है।   ताकि उन्हें जीवन यापन करने में थोड़ी सहूलियत मिले। वर्तमान में सरकार द्वारा नई सूचना जारी की गई है  इसमें सरकार ने बताया है कि अबकी बार 3 महीने का राशन एडवांस में दिया जाएगा क्योंकि आने वाले समय में मानसून की अनियमित के कारण राशन वितरण करने में कहीं दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके चलते आज से 3 महीने का राशन कार्ड फ्र...