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भारत का गणतंत्र दिवस (Republic Day) हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। यह भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्व है, जो 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने की याद में मनाया जाता है। आज की तारीख (22 जनवरी 2026) को देखते हुए, 77वाँ गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को मनाया जाएगा।

भारत का गणतंत्र दिवस (Republic Day) हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। यह भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्व है, जो 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने की याद में मनाया जाता है। आज की तारीख (22 जनवरी 2026) को देखते हुए, 77वाँ गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को मनाया जाएगा।




महत्व

26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य (Sovereign Democratic Republic) बना।

इससे पहले भारत एक डोमिनियन था, लेकिन संविधान लागू होने के साथ यह पूरी तरह स्वतंत्र गणतंत्र बन गया।

यह दिन स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से अलग है, जो ब्रिटिश शासन से आजादी का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस संविधान और लोकतंत्र का उत्सव है।

मुख्य समारोह (2026 में)

स्थान: कर्तव्य पथ (पहले राजपथ), नई दिल्ली।

समय: परेड सुबह लगभग 10:30 बजे शुरू होती है (राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण के बाद)।

मुख्य अतिथि (Chief Guest): इस बार दो मुख्य अतिथि होंगे (यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता एक साथ मुख्य अतिथि हैं):

उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) - यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष।

एंटोनियो कोस्टा (António Costa) - यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष।

थीम: 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष। बैंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस राष्ट्रगान की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष फोकस रहेगा। कई झांकियाँ और प्रदर्शन इसी थीम पर आधारित होंगे।

खास बातें:

पहली बार फेज्ड बैटल एरे (Phased Battle Array) फॉर्मेशन में सेना की क्षमता दिखाई जाएगी।

नई भैरव लाइट कमांडो बटालियन का पहला प्रदर्शन।

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद यह पहला गणतंत्र दिवस परेड होगा।

विभिन्न राज्यों की झांकियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूल बच्चों की टुकड़ियाँ और सैन्य प्रदर्शन।

कैसे मनाया जाता है?

राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराना और 21 तोपों की सलामी।

सैन्य परेड, मार्च पास्ट, वायुसेना का फ्लाईपास्ट।

गणतंत्र दिवस के बाद बीटिंग रिट्रीट समारोह (29 जनवरी)।

पूरे देश में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में उत्सव।

यह दिन हमें हमारे संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता की याद दिलाता है। जय हिंद! 🇮🇳 🙏







 भारत का गणतंत्र (Republic of India) भारत का आधिकारिक नाम है, जो हिंदी में भारत गणराज्य कहा जाता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ा देश है।

भारत कब और कैसे गणतंत्र बना?

15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ, लेकिन तब भी यह डोमिनियन (ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के अंतर्गत एक स्वतंत्र राज्य) था। उस समय ब्रिटेन के राजा भारत के राज्याध्यक्ष थे और भारत का अपना पूर्ण संविधान नहीं था।

26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया (संविधान दिवस इसी दिन मनाया जाता है)।

26 जनवरी 1950 को संविधान औपचारिक रूप से लागू हुआ। इसी दिन भारत पूर्ण रूप से संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य (Sovereign Socialist Secular Democratic Republic) बन गया।

इसलिए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज (पूर्ण स्वतंत्रता) की घोषणा की थी।

गणतंत्र का अर्थ क्या है?

गणतंत्र (Republic) का मतलब है "जनता का शासन" या "जनता द्वारा चुनी गई सरकार"। इसमें:

राज्य का प्रमुख (राष्ट्रपति) वंशानुगत नहीं होता, बल्कि चुना जाता है।

कोई राजा या रानी नहीं होता; शक्ति जनता से आती है।

संविधान सर्वोच्च होता है, और सभी नागरिक कानून के समक्ष समान होते हैं।

भारत में राष्ट्रपति राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जबकि वास्तविक कार्यकारी शक्ति प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के पास होती है।

मुख्य विशेषताएँ

संप्रभु (Sovereign): कोई बाहरी शक्ति नियंत्रण नहीं करती।

समाजवादी (Socialist): आर्थिक और सामाजिक न्याय पर जोर।

धर्मनिरपेक्ष (Secular): सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार।

लोकतांत्रिक (Democratic): जनता द्वारा, जनता के लिए सरकार।

गणराज्य (Republic): चुने हुए राष्ट्रपति द्वारा शासित।

26 जनवरी 1950 से भारत ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को अपना पहला राष्ट्रपति चुना और एक नई शुरुआत की। आज भी हर साल गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर भव्य परेड, सैन्य प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारा देश "हम, भारत के लोग" द्वारा बनाए गए संविधान से चलता है।

जय हिंद! 🇮🇳

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        संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी




नोट........ 👉🙏




 दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सभी, यह आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे एवं यह आर्टिकल आपको बेहद पसंद आया होगा, हैं।और अगर लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो क्षमा करें इस के लिए हम आप क्षमा मांगते हैं और हमारे इस आर्टिकल को लाइक करें शेयर करें ? 🙏 जनहित लोकहित के लिए धन्यवाद 🙏


जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏



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