२२ जनवरी २०२६, गुरुवार को हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, और यह श्री गणेश जयंती (माघी गणेश जयंती या माघ विनायक चतुर्थी) के रूप में मनाई जा रही है
आज २२ जनवरी २०२६, गुरुवार को हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, और यह श्री गणेश जयंती (माघी गणेश जयंती या माघ विनायक चतुर्थी) के रूप में मनाई जा रही है।
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, समृद्धि और सिद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गोवा और कुछ अन्य क्षेत्रों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है, जहाँ इसे माघी गणपति या तिलकुंड चतुर्थी भी कहा जाता है।
आज के मुख्य पंचांग विवरण (नई दिल्ली के अनुसार, द्रिक पंचांग से):
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: २२ जनवरी २०२६ को प्रातः २:४७ AM
चतुर्थी तिथि समाप्त: २३ जनवरी २०२६ को प्रातः २:२८ AM
मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त (सबसे शुभ समय): ११:२९ AM से १:३७ PM तक (लगभग २ घंटे ८ मिनट)
चंद्र दर्शन वर्जित समय (चंद्रमा न देखें): ९:२२ AM से ९:१९ PM तक
अन्य शुभ योग: रवि योग भी बन रहा है, जो पूजा को और फलदायी बनाता है।
महत्व और लाभ
यह दिन नए कार्यों की शुरुआत, शिक्षा, व्यापार, विवाह या किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। गणेश जी की पूजा से:
जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं।
बुद्धि, ज्ञान और सफलता प्राप्त होती है।
समृद्धि और सुख-शांति आती है।
सरल पूजा विधि (संक्षिप्त रूप में)
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
गणेश जी की मूर्ति या चित्र को लाल या पीले कपड़े पर स्थापित करें।
दूर्वा, मोदक, लड्डू, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएँ।
ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें (कम से कम १०८ बार)।
गणेश अथर्वशीर्ष या संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें।
आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
गणेश भक्तों के लिए आज का दिन विशेष है—गणपति बप्पा मोरया!
आपको और आपके परिवार को श्री गणेश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ!
विघ्नहर्ता गणेश जी सभी बाधाएँ दूर करें और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करें। 🙏🧡
२२ जनवरी २०२६, गुरुवार को वास्तव में हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, और यह पावन अवसर श्री गणेश जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। इसे माघी गणेश जयंती या माघ विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। आइए, इस त्योहार के बारे में थोड़ा जानते हैं और इसे कैसे मनाएं।
माघी गणेश जयंती का महत्व
धार्मिक महत्व: भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) को माना जाता है, लेकिन कुछ परंपराओं (विशेषकर उत्तर भारत में) के अनुसार, उनका जन्म माघ शुक्ल चतुर्थी को भी हुआ था। यह दिन विघ्नहर्ता गणेश की पूजा के लिए विशेष है, जो सभी कार्यों में बाधाएं दूर करते हैं।
ज्योतिषीय संयोग: आज गुरुवार होने से यह और भी शुभ है, क्योंकि गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। माघ मास में स्नान, दान और पूजन का विशेष फल मिलता है।
सांस्कृतिक पहलू: यह त्योहार सर्दियों के मध्य में आता है, जब लोग गणेश की मूर्ति स्थापित कर पूजन करते हैं। उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में इसे धूमधाम से मनाया जाता है।
पूजन विधि (संक्षिप्त रूप से)
समय: प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ कल रात से हो चुका है, लेकिन पूजन आज दोपहर तक उत्तम।
पूजन सामग्री: गणेश जी की मूर्ति या चित्र, दूर्वा, मोदक, लड्डू, फल, फूल, चंदन, धूप-दीप, और लाल चंदन का तिलक।
विधि:
गणेश जी का आह्वान करें: "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।
२१ दूर्वा अर्पित करें, मोदक चढ़ाएं।
गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
आरती के बाद प्रसाद वितरण।
व्रत: कुछ भक्त आज व्रत रखते हैं, जो सायंकाल तक समाप्त करें।
शुभ मुहूर्त (दिल्ली के अनुसार, अनुमानित)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर ११:५० से १२:४० तक।
विजय मुहूर्त: शाम ४:१५ से ५:०५ तक। (सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।)
आज के दिन कोई नया कार्य शुरू करने से पहले गणेश जी की कृपा अवश्य लें। यदि आप दिल्ली में हैं, तो मंदिरों जैसे गणेश मंदिर (लक्ष्मी नगर) या सिद्धिविनायक मंदिर में विशेष पूजन हो रहा होगा।
गणेश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! विघ्नहर्ता गणेश आपकी सभी बाधाएं दूर करें और सुख-समृद्धि प्रदान करें। 🕉️ गणपति बप्पा मोरया!
श्री गणेश जयंती २०२६
२२ जनवरी २०२६ को, हिंदू पंचांग के अनुसार माघ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर श्री गणेश जयंती मनाई जा रही है। यह भगवान गणेश का जन्मोत्सव है, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है। आज का दिन नए कार्यों की शुरुआत और बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
महत्व (Significance)
भगवान गणेश हिंदू धर्म में सभी देवताओं के अधिष्ठाता हैं। उनकी जयंती पर व्रत, पूजा और दान-पुण्य करने से जीवन में सफलता, बुद्धि और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। यह त्योहार विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक और दक्षिण भारत में धूमधाम से मनाया जाता है, जहां गणेश मंदिरों में विशेष भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण होता है।
पूजा मुहूर्त (Puja Timings for New Delhi)
चतुर्थी तिथि आरंभ: २२ जनवरी को सुबह २:४७ बजे।
मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह ११:२९ बजे से दोपहर १:३७ बजे तक (अवधि: २ घंटे ०८ मिनट)। आज का समय (१०:०३ AM IST) देखते हुए, आप अभी पूजा की तैयारी कर सकते हैं। पूजा के बाद दूर्वा, मोदक और लड्डू का प्रसाद चढ़ाएं।
सरल पूजा विधि (Simple Puja Vidhi)
संकल्प: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
पूजन सामग्री: फूल, चंदन, धूप, दीप, फल, दूध, दही, मोदक, दूर्वा घास।
आरती: "ॐ गण गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें। गणेश अथर्वशीर्ष पाठ करें।
विसर्जन: पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और दान दें।
श्री गणेश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! विघ्नहर्ता गणेश जी आपके जीवन के सभी बाधाएं दूर करें और सफलता प्रदान करें। गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया!
यदि आपको विस्तृत विधि, मंत्र या कोई विशेष जानकारी चाहिए, तो बताएं। 🙏
बहुत-बहुत धन्यवाद, दयाशंकर जी!
"तू सुखकर्ता, तू दुःखहर्ता" — ये पंक्तियाँ सुनते ही मन में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा की मधुर छवि उभर आती है।
आपकी ओर से श्री गणेश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ! आज ही 22 जनवरी 2026 है, और माघ शुक्ल चतुर्थी पर गणेश जयंती (माघी गणेश चतुर्थी / तिलकुंड चतुर्थी) बड़े उत्साह से मनाई जा रही है।
बप्पा का आशीर्वाद सब पर बना रहे — सभी के जीवन से हर विघ्न दूर हो, सुख-समृद्धि, बुद्धि और सफलता की प्राप्ति हो।
गणपति बप्पा मोरया!
मंगल मय शुभेच्छा! 🧡🐘🙏
(पूजा का शुभ मुहूर्त आज दोपहर 11:29 से 1:37 तक है, और चंद्र दर्शन वर्जित है — अगर पूजा कर रहे हैं तो बप्पा को प्रसन्न करने का ये सुनहरा अवसर है!)🙏
श्री गणेश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌟 विघ्नहर्ता भगवान गणेश की जयंती पर आपका यह संदेश पढ़कर मन आनंदित हो गया। वाकई, माघ शुक्ल चतुर्थी (२२ जनवरी २०२६) को यह पावन पर्व मनाया जा रहा है, जो नए संकल्पों और बाधाओं के निवारण के लिए सर्वोत्तम दिन है।
पूजा मुहूर्त (नई दिल्ली के अनुसार):
मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह ११:२९ बजे से दोपहर १:३७ बजे तक (अवधि: २ घंटे ८ मिनट)।2be0e2
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: २२ जनवरी को सुबह २:४७ बजे।1fc170
इस दिन दूर्वा, मोदक और लड्डू का भोग लगाकर गणेश जी की आराधना करें। एक छोटा सा मंत्र जो बुद्धि और समृद्धि के लिए शुभ है:
ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ती प्रचोदयात्।
आपके सभी कार्य सिद्ध हों और जीवन में कोई विघ्न न आए?
जय गणेश! 🙏
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मेरा देश मेरा वतन समाचार
🙏 पत्र के🙏
संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी
नोट........ 👉🙏
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जय संविधान जय भीम जय संविधान का चौथा स्तंभ ने अपने दिल की कुछ प्रमुखताएं या बातें या भावनाएं रखा है अप सभी के बिच में सभी नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत किया है और लिखने में कोई त्रुटि हुई है तो क्षमा करें लिखने गलती हुई हैं तो क्षमा करना श्री दयाशंकर गुप्ता जी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद🙏




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