अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस (International Day of Education) हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है।
यह दिन संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा घोषित एक वैश्विक अवसर है, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा की भूमिका को रेखांकित करना है—विशेष रूप से शांति, सतत विकास, और सभी के लिए समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में।
इतिहास
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 3 दिसंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित करके 24 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया।
पहली बार इसे 2019 में मनाया गया।
यह दिन शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर शिक्षा संबंधी चुनौतियों (जैसे शिक्षा तक पहुंच की कमी, गुणवत्ता में असमानता, युद्ध/संकट क्षेत्रों में शिक्षा का बाधित होना) पर ध्यान केंद्रित करता है।
2026 का थीम
इस साल (2026) का थीम है: "The power of youth in co-creating education"
(हिंदी में: "शिक्षा के सह-सृजन में युवाओं की शक्ति" या "युवा शक्ति द्वारा शिक्षा का सह-निर्माण")
यह थीम युवाओं को शिक्षा प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार के रूप में मान्यता देती है। युवा न केवल शिक्षा प्राप्त करने वाले हैं, बल्कि वे शिक्षा को बेहतर बनाने, नवाचार लाने और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
UNESCO ने 23 जनवरी 2026 को पेरिस में एक हाइब्रिड वैश्विक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें युवाओं की भागीदारी पर फोकस रहा।
महत्व
शिक्षा सतत विकास लक्ष्य (SDG 4) का केंद्र है: "सभी के लिए समावेशी और समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना।"
आज भी दुनिया में लाखों बच्चे स्कूल से बाहर हैं, लड़कियों की शिक्षा में असमानता बनी हुई है, और डिजिटल विभाजन (डिजिटल डिवाइड) एक बड़ी चुनौती है।
यह दिन सरकारों, संगठनों, शिक्षकों, छात्रों और नागरिकों को शिक्षा में निवेश बढ़ाने और नीतियां बनाने के लिए प्रेरित करता है।
आज (24 जनवरी 2026) सभी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
आइए संकल्प लें कि हर बच्चे-युवा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे और वे समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें। 📚✨
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संपादक श्री दयाशंकर गुुुप्ता जी
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