अब पुश्तैनी संपत्ति में अपना हक कैसे लें! जानें सुप्रीम कोर्ट के नए नियम – Ancestral Property Rights Ancestral Property Rights: पुश्तैनी संपत्ति को लेकर अक्सर परिवारों में विवाद होते रहते हैं। भाई-बहन, चाचा या अन्य सदस्य कभी-कभी अपने हिस्से के बारे में साफ-साफ नहीं बताते या जानबूझकर हिस्सा नहीं देते। ऐसे में जिन लोगों का हक दबा रहता है, उन्हें अपने अधिकार पाने में परेशानी होती है। लेकिन 2025 के नए नियम और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा स्पष्ट और आसान हो गई है। अब आप अपने जन्मसिद्ध हक के लिए कानूनी तरीके से कदम उठा सकते हैं और पुश्तैनी संपत्ति में अपना हिस्सा सुरक्षित कर सकते हैं। पुश्तैनी संपत्ति क्या होती है और इसका हक किसे मिलता है सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पुश्तैनी संपत्ति और स्व-खरीदी संपत्ति में फर्क क्या है। पुश्तैनी संपत्ति वह होती है जो परिवार में चार पीढ़ियों तक बिना बंटवारे के चली आ रही हो। यानी परदादा से दादा, दादा से पिता और फिर पिता से संतान तक। इसका मतलब यह है कि जन्म से ही इसके मालिकाना हक में आपके नाम का हिस्सा जुड़ा होता है। वहीं, ...