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अब पुश्तैनी संपत्ति में अपना हक कैसे लें! जानें सुप्रीम कोर्ट के नए नियम

अब पुश्तैनी संपत्ति में अपना हक कैसे लें! जानें सुप्रीम कोर्ट के नए नियम –  Ancestral Property Rights Ancestral Property Rights: पुश्तैनी संपत्ति को लेकर अक्सर परिवारों में विवाद होते रहते हैं। भाई-बहन, चाचा या अन्य सदस्य कभी-कभी अपने हिस्से के बारे में साफ-साफ नहीं बताते या जानबूझकर हिस्सा नहीं देते। ऐसे में जिन लोगों का हक दबा रहता है, उन्हें अपने अधिकार पाने में परेशानी होती है। लेकिन 2025 के नए नियम और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा स्पष्ट और आसान हो गई है। अब आप अपने जन्मसिद्ध हक के लिए कानूनी तरीके से कदम उठा सकते हैं और पुश्तैनी संपत्ति में अपना हिस्सा सुरक्षित कर सकते हैं। पुश्तैनी संपत्ति क्या होती है और इसका हक किसे मिलता है सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पुश्तैनी संपत्ति और स्व-खरीदी संपत्ति में फर्क क्या है। पुश्तैनी संपत्ति वह होती है जो परिवार में चार पीढ़ियों तक बिना बंटवारे के चली आ रही हो। यानी परदादा से दादा, दादा से पिता और फिर पिता से संतान तक। इसका मतलब यह है कि जन्म से ही इसके मालिकाना हक में आपके नाम का हिस्सा जुड़ा होता है। वहीं, ...

मुंबई, 04 जनवरी 2026: महाराष्ट्र पुलिस को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के नायक सदानंद वसंत दाते ने कल राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का कार्यभार संभाल लिया। वे रश्मि शुक्ला की जगह लेंगे, जो राज्य की पहली महिला डीजीपी थीं और जिनका कार्यकाल 3 जनवरी को समाप्त हो गया।

मुंबई, 04 जनवरी 2026: महाराष्ट्र पुलिस को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के नायक सदानंद वसंत दाते ने कल राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का कार्यभार संभाल लिया। वे रश्मि शुक्ला की जगह लेंगे, जो राज्य की पहली महिला डीजीपी थीं और जिनका कार्यकाल 3 जनवरी को समाप्त हो गया।  मा सदानंद वसंत दाते (59 वर्षीय, 1990 बैच के IPS अधिकारी) को महाराष्ट्र का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है। वे पूर्व में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक थे और हाल ही में महाराष्ट्र कैडर में वापस लाए गए थे। उन्होंने 3 जनवरी 2026 को राज्य पुलिस मुख्यालय में पूर्व DGP रश्मि शुक्ला (महाराष्ट्र की पहली महिला DGP) से कार्यभार ग्रहण किया। उनका कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार दो वर्ष का होगा, भले ही वे दिसंबर 2026 में रिटायर होने वाले हैं। महाराष्ट्र पुलिस बल में दो लाख से अधिक कर्मी हैं, और दाते अब इसके प्रमुख हैं। दाते को 26/11 मुंबई आतंकी हमले में बहादुरी के लिए जाना जाता है, जहां उन्होंने आतंकवादी अजमल कसाब से सीधे मुकाबला किया था और राष्ट...

आईआईएमसी की 60 साल की शैक्षणिक विरासत में नया अध्याय, पहली बार पीएच.डी. पाठ्यक्रम की शुरुआत

 आईआईएमसी की 60 साल की शैक्षणिक विरासत में नया अध्याय, पहली बार पीएच.डी. पाठ्यक्रम की शुरुआत Delhi आईआईएमसी की 60 साल की शैक्षणिक विरासत में नया अध्याय, पहली बार पीएच.डी. पाठ्यक्रम की शुरुआत आईआईएमसी ने मीडिया और जनसंचार में अपने पहले पीएच.डी. पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कीपत्रकारिता, डिजिटल मीडिया और स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन के क्षेत्र में अनुसंधान को सशक्त बनाने के लिए आईआईएमसी ने डॉक्टरेट कार्यक्रम की शुरुआत की भारतीय जनसंचार संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय) ने 1 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से अपने पीएच.डी. पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया, जो संस्थान की 60 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पीएच.डी. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु शोधार्थियों का चयन किया जाएगा। पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो गई है और यह 30 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। यूजीसी-नेट योग्यता वाले उम्मीदवारों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। वहीं, यूजीसी-नेट के बिना आवेदन करने वाले अंशकालिक उम्मीदव...

महाराष्ट्र पुलिस का मजबूत हाथों से नेतृत्व करने वाली आयरन लेडी : मैडम श्रीमती रश्मि शुक्ला IPS

 महाराष्ट्र पुलिस का मजबूत हाथों से नेतृत्व करने वाली आयरन लेडी : मैडम श्रीमती रश्मि शुक्ला IPS रश्मि शुक्ला मैम ने 3 जनवरी 2024 को महाराष्ट्र की पहली महिला डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाला। मैडम आज सुपरन्यूएटिंग कर रही हैं। वह 1988 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं जिन्होंने इस गौरवशाली राज्य में लगभग 37 साल सेवा में बिताए।  डीजीपी बनने से पहले वह अर्धसैनिक पुलिस बल की प्रमुख थी शास्त्री सीमा बाल। खुफिया और क्षेत्र रणनीति में विशेषज्ञता में अपने शानदार अनुभव के कारण, वह पूर्वी महाराष्ट्र में वामपंथी अतिवाद के अवशेषों को तोड़ सकती थी और तोड़ सकती थी।  उन्होंने चुनाव, आंदोलन, मोर्चा और अन्य गंभीर कानून और व्यवस्था के मुद्दों को शांत और शांत रखते हुए, फील्ड अधिकारियों को सही तरीके से प्रेरित और मार्गदर्शन करते हुए सफलतापूर्वक संभाला। मैम, साहस, जुनून, कड़ी मेहनत की प्रतीक हैं और अपनी त्रुटिहीन अखंडता और व्यावसायिकता के लिए जानी जाती हैं। वह एक बकवास पुलिस अधिकारी है और महाराष्ट्र पुलिस की छवि के प्रति पूर्वाग्रहपूर्ण गतिविधियों में लिप्त लोगों की रीढ़ की हड्डी कांपती है। मैडम अपने...

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने एआई प्रमाणपत्र प्रदान किए; समावेशी और भविष्य के लिए तैयार एआई इकोसिस्टम का आह्वान किया

 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने एआई प्रमाणपत्र प्रदान किए; समावेशी और भविष्य के लिए तैयार एआई इकोसिस्टम का आह्वान किया दिल्ली.....  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में विद्यार्थियों और सांसदों सहित शिक्षार्थियों को एसओएआर (एआई तत्परता के लिए कौशल विकास) प्रमाणपत्र प्रदान किए और '#SkillTheNation Challenge' की घोषणा करते हुए डिजिटल रूप से कुशल, भविष्य के लिए तैयार और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों के 17 चयनित छात्रों के साथ-साथ देश भर के 15 सांसदों को एआई पाठ्यक्रम के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यह गति आगामी इंडियाएआई शिखर सम्मेलन में सार्थक रूप से आगे बढ़ेगी, जहां वैश्विक एआई भविष्य को आकार देने के लिए भारत के विजन, तैयारी और सामूहिक संकल्प को सशक्त रूप से व्यक्त किया जाएगा। राष्ट्रपति ने वर्चुअली ओडिशा के रायरांगपुर में इग्नू क्षेत्र...

प्रयागराज में माघ मेला 2026 आज 3 जनवरी 2026 से शुरू हो रहा है। यह पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के साथ आरंभ होगा और 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा।

 प्रयागराज में माघ मेला 2026 आज 3 जनवरी 2026 से शुरू हो रहा है। यह पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के साथ आरंभ होगा और 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा।  प्रमुख स्नान तिथियां (मुख्य पवित्र स्नान पर्व): 3 जनवरी 2026: पौष पूर्णिमा (प्रथम स्नान, मेला प्रारंभ और कल्पवास की शुरुआत) 14 जनवरी 2026: मकर संक्रांति (दूसरा मुख्य स्नान) 18 जनवरी 2026: मौनी अमावस्या (तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण मुख्य स्नान, सबसे अधिक भीड़) 23 जनवरी 2026: बसंत पंचमी (चौथा मुख्य स्नान) 1 फरवरी 2026: माघी पूर्णिमा (पांचवां मुख्य स्नान) 15 फरवरी 2026: महाशिवरात्रि (छठा और अंतिम स्नान, मेला समापन) यह मेला त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम) पर आयोजित होता है। लाखों श्रद्धालु यहां आस्था की डुबकी लगाते हैं, कल्पवास करते हैं और पुण्य प्राप्त करते हैं। माघ मास में संगम स्नान को विशेष पुण्यकारी माना जाता है। यदि आप जाने की योजना बना रहे हैं, तो मुख्य स्नान दिवसों पर विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि भीड़ बहुत होती है। सुरक्षित यात्रा और आध्यात्मिक लाभ की शुभकामनाएं! 🙏  तीर्थराज प्रयागराज (पूर्व में...

सावित्रीबाई फुले (3 जनवरी 1831 – 10 मार्च 1897) भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका, कवयित्री और महिलाओं के अधिकारों की अग्रदूत थीं। वे अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर महिलाओं की शिक्षा, जाति व्यवस्था के खिलाफ और सामाजिक समानता के लिए जीवनभर संघर्ष करती रहीं। आज, 3 जनवरी को उनकी जयंती मनाई जाती है, जो बालिका शिक्षा दिवस के रूप में भी जानी जाती है

 सावित्रीबाई फुले (3 जनवरी 1831 – 10 मार्च 1897) भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका, कवयित्री और महिलाओं के अधिकारों की अग्रदूत थीं। वे अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर महिलाओं की शिक्षा, जाति व्यवस्था के खिलाफ और सामाजिक समानता के लिए जीवनभर संघर्ष करती रहीं। आज, 3 जनवरी को उनकी जयंती मनाई जाती है, जो बालिका शिक्षा दिवस के रूप में भी जानी जाती है। प्रारंभिक जीवन सावित्रीबाई का जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव गांव में माली समुदाय (जो उस समय हाशिए पर था) में हुआ था। उनके पिता खंडोजी नेवसे पाटिल और माता लक्ष्मीबाई थे। मात्र 9-10 वर्ष की आयु में उनका विवाह 13 वर्षीय ज्योतिराव फुले से हो गया। विवाह के समय वे निरक्षर थीं, लेकिन ज्योतिराव ने उन्हें घर पर पढ़ाना शुरू किया और बाद में पुणे व अहमदनगर में शिक्षक प्रशिक्षण दिलाया। प्रमुख योगदान महिला शिक्षा की शुरुआत: 1848 में पुणे के भिड़ेवाड़ा में ज्योतिराव और सावित्रीबाई ने भारत का पहला बालिका विद्यालय खोला। सावित्रीबाई स्वयं उसकी पहली शिक्षिका बनीं। इसके बाद उन्होंने 18 स्कूल खोले, जिनमें सभी जातियों और वर्गों ...